✍️जयकिशन साहू.. हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज
धमतरी। सरकारी नौकरी और शासकीय आवास दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में धमतरी पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रार्थी से अलग-अलग माध्यमों से कुल 9 लाख 8 हजार रुपये लिए थे। मामले में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
खुद को मंत्रालय में कार्यरत बताकर बनाया भरोसा
पुलिस के अनुसार, बालोद जिले के भानपुरी निवासी मनीष साहू (27 वर्ष) की फरवरी 2024 में रुद्री रोड स्थित एक होटल में शशि प्रभा साहू और अमित कुमार देवांगन से मुलाकात हुई थी। दोनों ने खुद को मंत्रालय में कार्यरत बताया और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के पारिजात भवन में आवास दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपियों ने प्रार्थी को विश्वास में लेने के लिए उसे मंत्रालय यानी महानदी भवन भी ले गए। इसके बाद पारिजात भवन की कीमत 14 लाख 12 हजार रुपये बताते हुए आवंटन कराने के नाम पर रकम की मांग की गई।
अलग-अलग माध्यमों से लिए 9 लाख 8 हजार रुपये
शिकायत के मुताबिक, प्रार्थी ने आरोपियों को बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और नकद के माध्यम से किश्तों में कुल 9 लाख 8 हजार रुपये दिए। इसके अलावा आरोपियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय स्टेट बैंक के दो खाली हस्ताक्षरित चेक भी ले लिए।
बाद में जब प्रार्थी को कथित ठगी का पता चला और उसने रकम वापस मांगी, तो उसे 2 लाख 98 हजार 999 रुपये वापस किए गए। शेष रकम वापस नहीं किए जाने पर प्रार्थी ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध क्रमांक 185/2026 दर्ज कर धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत विवेचना शुरू की गई।
धमतरी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और प्राप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद दोनों को 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
शशि प्रभा साहू (50 वर्ष) — निवासी नगरी, जिला धमतरी, वर्तमान पता रायपुर।
अमित कुमार देवांगन (38 वर्ष) — निवासी पारागांव, गोबरा नवापारा, जिला रायपुर।
पुलिस की आम नागरिकों से अपील
धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी, मकान अथवा शासकीय योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी अनाधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और लेन-देन से पहले संबंधित विभाग से सत्यापन जरूर करें।
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