✍️ हेतराम साहू स्टेट रिपोर्टर, हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
स्वास्थ्य विभाग की अपील—मृत्यु के बाद नेत्रदान कर किसी के जीवन में ला सकते हैं रोशनी
महासमुंद, 10 सितंबर 2026। जिले में नेत्रदान के प्रति लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी देकर इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लोगों में यह समझ विकसित हो रही है कि मृत्यु के पश्चात नेत्रदान के माध्यम से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है।
नेत्रदान पखवाड़े में किया गया जागरूक
जिले में 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक आयोजित नेत्रदान पखवाड़े के दौरान आमजनों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी गई तथा संकल्प पत्र भरने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड के ग्राम कोलतापारा, बलौदा निवासी श्रीमती सैरेन्दी स्वाइ/कविराज ने 3 सितंबर को नेत्रदान का घोषणा पत्र भरकर संकल्प लिया।
महासमुंद में भी लिया नेत्रदान का संकल्प
वहीं, 9 सितंबर को बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पचेड़ा निवासी श्री रामेश्वर सिंह दीवान/श्री बदलू सिंह दीवान ने जिला अस्पताल महासमुंद में नेत्रदान हेतु संकल्प पत्र भरा। इस दौरान उनके उत्तराधिकारी मनहरण एवं राधेश्याम तथा मित्र श्री सुखलाल साहू उपस्थित रहे।
दो लोगों का हो चुका है मृत्यु उपरांत नेत्रदान
जिले में हाल ही में दो व्यक्तियों के मृत्यु उपरांत नेत्रदान से इस अभियान को नई प्रेरणा मिली है। जुलाई 2026 में क्लब पारा, महासमुंद निवासी स्वर्गीय श्री छोटालाल कोठारी तथा 18 अगस्त को ग्राम पीढ़ी, लहंगर निवासी स्वर्गीय श्रीमती उत्तरा बाई चंद्राकर का नेत्रदान किया गया। उनके परिवार के सदस्यों ने समय पर जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग को सूचना दी। इस पुनीत कार्य में परिजनों की सहमति और तत्परता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
स्वास्थ्य विभाग लगातार कर रहा जागरूक
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं नेत्रदान अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गोरियार, सहायक नेत्रदान अधिकारी श्री अवधेश कुमार यादव, श्री उमेश कुमार गोतमारे सहित जिले के विभिन्न प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मृत्यु के पश्चात 6 घंटे के भीतर नेत्रों का संग्रहण किया जा सकता है। इसके लिए मृत्यु की सूचना तत्काल जिला अस्पताल की नेत्र इकाई अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को देना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे नेत्रदान के लिए आगे आएं और इस पुनीत एवं लोककल्याणकारी कार्य में सहभागी बनकर किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाने का माध्यम बनें।
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