✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
राजनांदगांव। नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, अलग-अलग स्थानों पर कई सप्ताह तक रखने और यौन शोषण के बाद देह व्यापार में धकेलने के मामले में राजनांदगांव की POCSO अदालत ने पांच दोषियों को कठोर सजा सुनाई है।
अदालत ने मामले में मुख्य आरोपित साधना वैष्णव उर्फ संध्या वैष्णव और मुस्कान गोस्वामी समेत पांच दोषियों को अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए जीवनकाल तक कारावास की सजा सुनाई है।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, उसे अलग-अलग स्थानों पर रखने और उसके साथ किए गए शोषण से जुड़े साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद अदालत ने पांच आरोपितों को दोषी माना और कठोर दंड दिया।
वहीं, मामले में शामिल एक अन्य आरोपित को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
अदालत ने कहा—पीड़िता को लंबे समय तक झेलना पड़ता है मानसिक आघात
फैसले में अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यौन हिंसा का असर पीड़ित व्यक्ति पर केवल शारीरिक स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसे लंबे समय तक मानसिक आघात भी झेलना पड़ता है। ऐसे गंभीर अपराधों में दोषियों के प्रति अनावश्यक सहानुभूति या उदारता उचित नहीं है।
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में कठोर न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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