नाती अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा है...' झूठी हमदर्दी की आड़ में ममता का सौदा, शातिर ठगों ने बुजुर्ग महिला से ठगे साढ़े 3 तोले के सोने के जेवर!
क्राइम डेस्क: रिश्तों और ममता की संवेदनशील नस को पकड़कर बुजुर्गों को शिकार बनाने वाले शातिर ठगों ने एक बार फिर खौफनाक जाल बुना है। एक बुजुर्ग नानी/दादी की भावना और फिक्र का ऐसा घिनौना फायदा उठाया गया कि सुनकर रूह कांप जाए। 'नाती की अचानक तबीयत बिगड़ने और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने' का फर्जी वाकया सुनाकर शातिरों ने वृद्धा को सम्मोहित और भावुक किया और उनकी उम्र भर की जमा-पूंजी—करीब साढ़े तीन तोला सोने के जेवर लेकर चंपत हो गए।
ममता को बनाया हथियार, ऐसे रचा ठगी का मायाजाल
ठगी की इस सनसनीखेज वारदात को बेहद सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया:
सहानुभूति और पहचान का नाटक: ठगों ने बुजुर्ग महिला को रास्ते में या घर के समीप यह कहकर रोका कि वे उनके परिवार और नाती के करीबी परिचित हैं।
इमोशनल ब्लैकमेलिंग का खेल: बदमाशों ने बदहवास होने का दिखावा करते हुए वृद्धा से कहा—"आपके नाती की हालत बहुत गंभीर है, वह अस्पताल में भर्ती है और तुरंत इलाज के लिए रुपयों की दरकार है।"
घबराहट में जेवर उतरवाए: नाती की सलामती की चिंता में घबराई बुजुर्ग महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले ही ठगों ने इलाज के खर्च का बहाना बनाकर उनके शरीर पर मौजूद सोने के जेवर (साढ़े तीन तोले) उतरवा लिए।
झांसा देकर रफूचक्कर: जेवर हाथ में आते ही आरोपी बुजुर्ग को कागजी पोटली या जल्द लौटने का झांसा देकर पलक झपकते ही मौके से फरार हो गए।
होश उड़ गए जब सामने आया सच
जब बुजुर्ग महिला ने बदहवास होकर अपने परिवार और परिजनों से संपर्क किया, तब जाकर पता चला कि नाती पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। इसके बाद वृद्धा के पैरों तले जमीन खिसक गई और समझ आया कि वे शातिर ठग गिरोह के इमोशनल ट्रैप का शिकार हो चुकी हैं। साढ़े तीन तोला सोना (जिसकी मौजूदा बाजार कीमत लाखों रुपये है) लुट जाने से पीड़िता गहरे सदमे में है।
पुलिसिया जांच शुरू, बुजुर्गों को सतर्क रहने की चेतावनी
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों को आगाह किया है कि:
किसी भी अजनबी द्वारा अचानक परिवार के किसी सदस्य के एक्सीडेंट या बीमारी की खबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
घबराने के बजाय सबसे पहले अपने परिजनों को सीधे फोन लगाकर तस्दीक करें।
संकट का हवाला देकर किसी के भी हाथ में अपने जेवरात या नकदी कभी न सौंपें।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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