"देश में मंदिर, बेटी और गाय तीनों असुरक्षित, हालात मुगल काल जैसे": बिलासपुर में गरजीं काजल हिंदुस्तानी; महिला PM-गृहमंत्री की उठाई मांग, मौन महिला सांसदों के बहिष्कार का ऐलान
बिलासपुर।
अपने तीखे और बेबाक बयानों के लिए पहचानी जाने वाली प्रखर हिंदूवादी वक्ता काजल हिंदुस्तानी ने न्यायधानी बिलासपुर की धरती से तीखा वैचारिक शंखनाद किया है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने केंद्र की सियासत से लेकर संसद की खामोशी तक पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दो टूक कहा कि वर्तमान में देश में "मंदिर, बेटियां और गाय तीनों असुरक्षित हैं और हालात ऐसे नजर आते हैं मानो मुगल काल चल रहा हो।" उन्होंने लव जिहाद के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में बैठी महिला सांसदों की चुप्पी पर गहरा रोष जताते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया, साथ ही देश में आधी आबादी की सुरक्षा के लिए पूर्णकालिक महिला प्रधानमंत्री और महिला गृहमंत्री बनाए जाने की पुरजोर वकालत की।

संसद में मौन बैठी महिला सांसदों का हो बहिष्कार
काजल हिंदुस्तानी ने संसद में महिला सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि आज लोकसभा और राज्यसभा में कई महिला सांसद मौजूद हैं, लेकिन लव जिहाद और बेटियों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ किसी ने भी सदन के भीतर पुरजोर आवाज नहीं उठाई। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब बेटियां खतरे में हैं और जन-प्रतिनिधि खामोश तमाशा देख रहे हैं, तो ऐसी संवेदनहीन महिला सांसदों का जनता को खुलकर बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरुषों से महिला सुरक्षा की उम्मीद करना अब बेमानी साबित हो रहा है, इसलिए देश की बागडोर मजबूत महिला प्रधानमंत्री और महिला गृहमंत्री के हाथों में होनी चाहिए।

"सिर्फ चुनाव जीतने में लगी हैं सरकारें, महिला एवं बाल विकास विभाग को करें बंद"
पत्रकारों द्वारा केंद्र सरकार के कार्यकाल और सुरक्षा कदमों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बेबाकी से कहा कि किसी भी सरकार को महिलाओं की वास्तविक सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं रह गया है, उनका एकमात्र एजेंडा केवल चुनाव जीतना है।

उन्होंने सरकारी योजनाओं की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए कहा:
> "सिर्फ सेनेटरी पैड बांटने, मेहंदी रचाने की प्रतियोगिता कराने या पौधारोपण कर देने भर से बेटियां सुरक्षित नहीं हो जातीं। महिला एवं बाल विकास विभाग जमीनी स्तर पर महिलाओं की रक्षा के लिए शून्य साबित हो रहा है, ऐसे निष्क्रिय विभाग को तत्काल बंद कर देना चाहिए।"
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गुजरात में बनेगा 'कैलाश धाम', लव जिहाद पीड़ितों को मिलेगा आश्रय
धर्मांतरण और सुनियोजित साजिशों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन प्रेमी की नीयत, पहचान और पृष्ठभूमि की परख होना अनिवार्य है। हिंदू बेटियों को जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से वे गुजरात में 'कैलाश धाम' की स्थापना करने जा रही हैं। यह केंद्र लव जिहाद की शिकार और प्रताड़ित हिंदू बेटियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बनेगा, जहां उन्हें संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी। उन्होंने देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे ट्रेनिंग सेंटरों की जरूरत बताई।
रील संस्कृति पर प्रहार: "बेटियां और माएं सोशल मीडिया में व्यस्त, धर्म छूटा पीछे"
हिंदू समाज की मौजूदा जीवनशैली पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए काजल ने कहा कि आधुनिक होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ में अपने धर्म, संस्कृति और संस्कारों को त्याग देना आत्मघाती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आज जब समाज और संस्कृति पर चारों तरफ से प्रहार हो रहे हैं, तब हिंदू युवतियां मोबाइल पर रील बनाने में अपना कीमती समय बर्बाद कर रही हैं, और विडंबना यह है कि उनकी माएं भी इसी रील संस्कृति में उलझी हुई हैं। जब तक महिलाएं स्वयं जागरूक होकर अपने धर्म और आत्मरक्षा के लिए खड़ी नहीं होंगी, तब तक सुरक्षा संभव नहीं है।
मनुस्मृति और राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष
मनुस्मृति विवाद पर बोलते हुए काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि जो लोग मनुस्मृति की प्रतियां जला रहे हैं, उन्हें खुद इसका ककहरा तक नहीं पता कि उसके पन्नों में क्या लिखा है। केवल सनातन धर्म को नीचा दिखाने के लिए यह षड्यंत्र रचा जाता है। वहीं, राहुल गांधी के बयानों पर हमला बोलते हुए उन्होंने नसीहत दी कि राहुल गांधी को मनुस्मृति पर अनर्गल प्रलाप करने के बजाय अपनी मां के धर्म और उसकी मान्यताओं पर अधिक चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा भी अब लव जिहाद, तेजी से हो रहे धर्मांतरण और माओवादी आतंक की त्रिवेणी में झुलस रही है। अगर हिंदू समाज अब भी गहरी नींद से नहीं जागा, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके बेहद भयानक परिणाम भुगतने होंगे।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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