✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
दुर्ग। जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में 16वें वित्त आयोग की राशि के आवंटन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच विवाद सामने आया। राशि आवंटन को लेकर सहमति नहीं बनने पर विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने सभी सदस्यों के क्षेत्र में जनसंख्या के आधार पर राशि आवंटित करने की मांग की, जबकि जनपद अध्यक्ष ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित होने की बात कही।
बहुमत के आधार पर आवंटन के प्रस्ताव पर उठा विवाद
जानकारी के अनुसार, बैठक में विभागीय समीक्षा के बाद 16वें वित्त आयोग की राशि के आवंटन पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन ने बहुमत के आधार पर राशि आवंटित करने की बात रखी।
जनपद पंचायत उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए मांग की कि जनसंख्या के आधार पर प्रत्येक सदस्य के क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित की जाए। इस मुद्दे पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच सहमति नहीं बन सकी।
उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने कहा कि पांच दिन पहले आपसी विवाद समाप्त कर समन्वय के साथ सभी सदस्यों के क्षेत्रों में समान रूप से राशि आवंटित करने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अब अचानक इस निर्णय में बदलाव क्यों किया जा रहा है।
विधायक के हस्तक्षेप का लगाया आरोप
उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने आरोप लगाया कि दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर के कहने पर आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक जनपद पंचायत के कामकाज में इस तरह हस्तक्षेप करेंगे, तो वे सदन में उनके बैठने का विरोध करेंगे।
हिरवानी ने मांग की कि यदि आवंटन का निर्णय बहुमत के आधार पर लिया जाना है, तो इसके लिए मतदान कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य भी मतदान कराने के पक्ष में हैं।
हालांकि, जनपद अध्यक्ष ने गुप्त मतदान कराने के बजाय सदस्यों से हाथ उठवाकर बहुमत प्रदर्शित कराया। इसके बाद बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित होने की घोषणा करते हुए बैठक स्थगित कर दी गई।
अध्यक्ष और विधायक के खिलाफ नारेबाजी
गुप्त मतदान नहीं कराए जाने से नाराज विपक्षी सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और विधायक ललित चंद्राकर तथा जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी सदस्यों ने आवंटन प्रक्रिया में मनमानी किए जाने का आरोप लगाया।
विरोध जताने वाले सदस्यों में राकेश हिरवानी, झमित गायकवाड़, संतोषी देशमुख, ढालेश साहू, राजेन्द्र ठाकुर, कामिनी साहू, किशोरी देशमुख, लीलावती देशमुख, प्यारी निषाद और मिलंतीन ठाकुर शामिल रहे।
अध्यक्ष बोलीं—सदस्यों की सहमति से लिया गया निर्णय
वहीं, जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सदस्यों की सहमति के आधार पर बहुमत से 16वें वित्त आयोग की राशि के आवंटन का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब हाथ उठाकर बहुमत साबित हो गया, तो मतदान कराने की आवश्यकता नहीं थी। अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि इस निर्णय में दुर्ग ग्रामीण विधायक का कोई दबाव नहीं था।
फिलहाल, 16वें वित्त आयोग की राशि के आवंटन को लेकर जनपद पंचायत में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं। विपक्ष जहां जनसंख्या के आधार पर सभी सदस्यों के क्षेत्रों में राशि आवंटित करने की मांग कर रहा है, वहीं अध्यक्ष ने बहुमत के आधार पर लिए गए निर्णय को उचित बताया है।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!