दिव्य जीवन संघ में श्रावण के अंतिम सोमवार पर भक्ति रस की वर्षा: सुर, शास्त्र और सत्संग के संगम में झूमे श्रद्धालु
रायगढ़। पवित्र श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर दिव्य जीवन संघ शाखा (निरंजन डाइंग हाउस) में भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। जगद्गुरु स्वामी शिवानंद महाराज के चित्र पर पूजन-अर्चन के साथ शुरू हुए इस विशेष सत्संग में ज्ञान, संगीत और साधना की त्रिवेणी बही, जिसमें श्रद्धालु देर शाम तक गोते लगाते रहे।
गीता ज्ञान और शिव-विवाह प्रसंग से मंत्रमुग्ध हुए साधक
संस्था के आजीवन अध्यक्ष प्रो. क्रांतिकुमार तिवारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के 18वें अध्याय (श्लोक 74-78) पर सारगर्भित व्याख्यान देकर ज्ञान का प्रकाश बिखेरा। इसके पश्चात ख्यातिलब्ध रामायणी भोजराम पटेल (गुरुजी) ने श्रीरामचरितमानस के बालकांड (दोहा 92-93) से शिव-विवाह प्रसंग की छत्तीसगढ़ी में संगीतमय प्रस्तुति दी, जिससे पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा।
सुरमई धुनों पर थिरके भाव
सांस्कृतिक व संगीतमय प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां दीं:
* पं. रघुनंदन तिवारी (मशहूर बांसुरी वादक व कथावाचक): मनमोहक मौसमी गीतों से वातावरण को भक्तिमय बनाया।
* राजेंद्र विश्वकर्मा (वायलिन वादक): "पायो जी मैंने राम रतन धन पायो" की कर्णप्रिय धुन छेड़कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
* जगदीश मेहर (संयोजक व संगीत विशारद): हारमोनियम पर सुमधुर भजनों की तान छेड़ी।
* रामायण सिंह: तबले की सधी हुई थाप पर पूरी संगीत मंडली को बांधे रखा।
प्रमुख श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
सत्संग सभा में खुशीराम मेहर, सेवानिवृत्त शिक्षाविद भीमसेन मिरानिया, के. एल. मेहर, रमेश अग्रवाल, पार्वती नामदेव और लक्ष्मी मेहर ने भी भजन व विचार साझा किए। आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार हरेराम तिवारी, मधुसूदन सोनी, देवेंद्र मेहर, धनमती पटेल, रश्मि मेहर, प्रभा देवांगन, छाया देवांगन एवं कांति देवांगन सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सामूहिक आरती "ॐ जय जगदीश हरे" और मिष्ठान प्रसाद वितरण के साथ अनुष्ठान का समापन हुआ। साधकों ने साझा किया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आत्मिक शांति का जीवंत उदाहरण बना।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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