✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर करना भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह निर्देश दिए।
हॉस्टल, स्कूल, पीजी और कोचिंग सेंटर का होगा सेफ्टी ऑडिट
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण और सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आएं, वहां समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखाई दे।
जर्जर भवनों की होगी पहचान
मुख्यमंत्री साय ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन, जिनसे जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। केवल शिकायत या दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति के बजाय सतत निगरानी और समय रहते सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित करनी होगी।
अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ सख्त अभियान
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए दूसरे राज्यों से होने वाली अवैध शराब की आवक पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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