Tuesday, September 29 2026
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जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस जब बनी ‘यमदूत’: रायगढ़ में आधी रात शराब के नशे में धुत चालक ने मेडिकल स्टोर में ठोक दी गाड़ी, मलबे में तब्दील हुई दुकान

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जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस जब बनी ‘यमदूत’: रायगढ़ में आधी रात शराब के नशे में धुत चालक ने मेडिकल स्टोर में ठोक दी गाड़ी, मलबे में तब्दील हुई दुकान

जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस जब बनी ‘यमदूत’: रायगढ़ में आधी रात शराब के नशे में धुत चालक ने मेडिकल स्टोर में ठोक दी गाड़ी, मलबे में तब्दील हुई दुकान

रायगढ़।

जिस एंबुलेंस का सायरन सुनते ही लोग जिंदगी की सलामती की दुआ मांगते हुए रास्ता छोड़ देते हैं, वही एंबुलेंस आधी रात रायगढ़ की सड़कों पर साक्षात काल बनकर दौड़ी। शराब के नशे में गले तक डूबे एक गैर-जिम्मेदार चालक ने स्टीयरिंग पर ऐसा खूनी खेल खेला कि देखने वालों की रूह कांप गई। गनीमत रही कि आधी रात सन्नाटा था, वरना सड़क पर बेकसूरों की लाशें बिछ जातीं।

आधी रात 12 बजे तेज धमाका, दहल उठा मेडिकल कॉलेज रोड

शनिवार रात करीब 12 बजे जब मेडिकल कॉलेज रोड पर सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार निजी एंबुलेंस हवा से बातें करती नजर आई। रफ्तार इतनी बेलगाम कि चालक से गाड़ी पूरी तरह बेकाबू हो गई। पलक झपकते ही एक जोरदार धमाके के साथ एंबुलेंस सीधे सड़क किनारे स्थित ‘तनुजा मेडिकल स्टोर’ के खंभे को तोड़ती हुई दुकान में जा घुसी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दुकान का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर होकर मलबे में तब्दील हो गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे, तो मंजर देखकर सन्न रह गए।

स्टीयरिंग पर नशे का तांडव, लड़खड़ाती जुबान और गायब होश

हादसे के बाद जब लोगों ने चालक को बाहर निकालने की कोशिश की, तो नजारा चौंकाने वाला था। चालक शराब के नशे में इस कदर धुत था कि उससे अपने पैरों पर सीधा खड़ा तक नहीं हुआ जा रहा था। मुंह से शराब की भयंकर बदबू आ रही थी और जुबान पूरी तरह लड़खड़ा रही थी। एयरबैग खुल जाने की वजह से शराबी चालक की जान तो बच गई, लेकिन उसकी इस हरकत ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया।

बड़ा सवाल: क्या नशेड़ियों के भरोसे छोड़ दी गई है मरीजों की जान?

यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कानून और इंसानियत की धज्जियां उड़ाने वाली खुली आपराधिक लापरवाही है:

 * निजी एंबुलेंसों पर किसका नियंत्रण? मरीजों को जीवनदान देने का दावा करने वाली निजी एंबुलेंसों की कमान क्या बिना जांच-परख के ऐसे शराबी चालकों के हाथों में सौंप दी गई है?

 * जांच और फिटनेस पर सवाल: क्या निजी एंबुलेंस संचालकों के चालकों का कोई मेडिकल या ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट होता है?

 * प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग: स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मांग की है कि दुकान को हुए भारी नुकसान की भरपाई कराई जाए और नशेड़ी चालक के साथ-साथ वाहन संचालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास जैसी सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लाइसेंस निरस्त किया जाए।

 

 

अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ 

 

हमर प्रदेश सी जी

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in हादसा.

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