बैकुंठपुर में स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर उठे सवाल, जांच में नहीं मिला कोई अंतर
जांच में स्मार्ट और चेक मीटर की खपत लगभग समान, गलत रीडिंग दर्ज करने पर जेई को नोटिस
अंबिकापुर/बैकुंठपुर। बैकुंठपुर में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में अंतर होने की जानकारी सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई। अधीक्षण अभियंता बैकुंठपुर द्वारा की गई जांच में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में किसी प्रकार की असामान्यता नहीं पाई गई है।
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के क्षेत्रीय मुख्य अभियंता यशवंत सिलेदार ने स्पष्ट किया कि दोनों मीटरों की रीडिंग सही है और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में किसी तरह की विसंगति सामने नहीं आई है। हालांकि, रीडिंग दर्ज करने में हुई त्रुटि को लेकर बैकुंठपुर के कनिष्ठ अभियंता को नोटिस जारी किया गया है।
27 जुलाई को लगाया गया था चेक मीटर
जांच रिपोर्ट के अनुसार बैकुंठपुर निवासी उपभोक्ता भावना गुप्ता ने अपने घर में चेक मीटर लगाने के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद 27 जुलाई 2026 को उनके घर में चेक मीटर लगाया गया।
चेक मीटर लगाने के समय स्मार्ट मीटर में 5374 यूनिट तथा चेक मीटर में 2474 यूनिट की रीडिंग दर्ज थी। इसके बाद 7 अगस्त 2026 को दोनों मीटरों की दोबारा रीडिंग ली गई। इस दौरान स्मार्ट मीटर की रीडिंग 5676 यूनिट और चेक मीटर की रीडिंग 2777 यूनिट दर्ज की गई।
इस तरह 10 दिनों की अवधि में स्मार्ट मीटर में 302 यूनिट और चेक मीटर में 303 यूनिट की खपत दर्ज हुई। दोनों मीटरों की खपत में केवल एक यूनिट का अंतर पाया गया, जिसे जांच में निर्धारित सीमा के भीतर माना गया है।
वीडियो रिकॉर्डिंग से भी हुई स्थिति स्पष्ट
मीटर की रीडिंग लेते समय वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई थी। जांच के दौरान भौतिक मीटर रीडिंग, दोनों मीटरों में दर्ज खपत और वीडियो रिकॉर्डिंग का परीक्षण किया गया। जांच में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विसंगति सामने नहीं आई।
जांच में यह भी सामने आया कि चेक मीटर की रीडिंग लेते समय प्रक्रिया में त्रुटि हुई थी। चेक मीटर में खपत दर्ज करने से पहले पुश बटन दबाकर अलग-अलग जानकारी देखी जाती है। इसमें अधिकतम मांग, बिलिंग चक्र पूरा होने पर दर्ज खपत और रीडिंग की तिथि की खपत जैसी जानकारी प्रदर्शित होती है।
अगस्त की जगह 31 जुलाई की रीडिंग दर्ज की गई
जांच रिपोर्ट के अनुसार अगस्त महीने की रीडिंग दर्ज किए जाने के बजाय कनिष्ठ अभियंता द्वारा गलती से 31 जुलाई की रीडिंग दर्ज कर दी गई। इसी वजह से रीडिंग का सही आकलन नहीं हो पाया और स्मार्ट मीटर तथा चेक मीटर की रीडिंग में अंतर होने की जानकारी सामने आई।
कंपनी ने रीडिंग लेने में हुई इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कनिष्ठ अभियंता को नोटिस जारी किया है।
जांच रिपोर्ट में निष्कर्ष दिया गया है कि दोनों मीटरों द्वारा दर्ज वास्तविक खपत और वीडियो रिकॉर्डिंग के परीक्षण से स्मार्ट मीटर में किसी प्रकार की तकनीकी असामान्यता प्रमाणित नहीं होती। दोनों मीटरों की खपत में पाया गया एक यूनिट का अंतर सामान्य सीमा के भीतर है।
hamarpradeshcg.com
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