✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
भिलाई, 20 अगस्त 2026। बोल बम सेवा व कल्याण समिति द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा के चौथे दिन जयंती स्टेडियम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, सीहोर वाले ने कथा के दौरान कर्म, भक्ति, माता-पिता के महत्व और युवाओं में संस्कारों को लेकर संदेश दिया।
पंडित मिश्रा ने कहा कि इंसान का भाग्य उसके कर्म से बनता है। केवल कथा सुनने या मंदिर जाने से भाग्य नहीं बदलता, बल्कि जीवन में अच्छे कर्म के साथ भजन और भक्ति भी जरूरी है।
पांच विशाल पंडाल भी पड़े कम
कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु जयंती स्टेडियम पहुंचे। भीड़ इतनी अधिक रही कि आयोजन स्थल पर लगाए गए पांच विशाल पंडाल भी कम पड़ गए। कई श्रद्धालु पेड़ों के नीचे और सड़क किनारे बैठकर कथा सुनते नजर आए।
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे उपलब्ध खाली स्थानों पर बैठकर कथा का श्रवण करें। वहीं वीवीआईपी गेट नंबर-1 सुबह करीब 11 बजे ही भर जाने के कारण बंद करना पड़ा।
व्यासपीठ का किया पूजन
कथा प्रारंभ होने से पहले व्यासपीठ का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान समिति अध्यक्ष दयासिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सपत्नीक और राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू मौजूद रहीं।
गंगा अवतरण की सुनाई कथा
पंडित प्रदीप मिश्रा ने मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कथा सुनाते हुए बताया कि राजा भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में धारण किया, जिसके बाद गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं। उन्होंने बताया कि गंगा के पृथ्वी पर आने से भागीरथ के 60 हजार पूर्वजों का उद्धार हुआ।
माता सती और भगवान शिव के संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पत्नी, संतान और अन्य रिश्ते पूर्व जन्म के कर्मों से जुड़े हो सकते हैं और जीवन में दोबारा मिल सकते हैं, लेकिन माता-पिता का मिलना एक ही जन्म में होता है। इसलिए माता-पिता के प्रति सम्मान और सेवा का भाव रखना चाहिए।
युवाओं से संस्कारों को अपनाने की अपील
कथावाचक ने युवाओं के बीच बढ़ते प्री-वेडिंग फोटो शूट और खर्चीली शादियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विवाह धन और दिखावे का नहीं, बल्कि संस्कारों का होना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता की आर्थिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए विवाह करें। उन्होंने कहा—“बच्चों को कार नहीं, संस्कार दो।”
कथा में मौजूद युवाओं ने संकल्प लिया कि वे भारत की संस्कृति और मर्यादा का सम्मान करेंगे।
शिक्षा और सफलता को लेकर भी दिया संदेश
NEET, CA और IAS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में एक-दो नंबर से चूकने वाले विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए पंडित मिश्रा ने शिवभक्ति से जुड़े उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से शिवालय जाकर भगवान शिव की आराधना करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को दीप मंत्र, सरस्वती मंत्र, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र सिखाकर उन्हें संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने भी कथा और कथावाचक द्वारा दिए जा रहे संदेशों की सराहना की। कथा के चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के चलते जयंती स्टेडियम सहित आसपास के क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा।
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