*जगदलपुर: गंभीर आरोप - TB के मरीज का कर दिया ब्रेन ऑपरेशन, 28 साल का आदिवासी युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा*
_परिजनों का दावा - "गलत ऑपरेशन से हालत बिगड़ी", भर्ती_विशाखापत्तनम में
*जगदलपुर, 17 अगस्त 2026* — डिमरापाल स्थित *कोंटीनेटल अस्पताल* पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। यहां TB के इलाज के लिए भर्ती कराए गए एक 28 वर्षीय आदिवासी युवक का कथित तौर पर ब्रेन ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के बाद युवक की हालत बिगड़ गई और अब वह जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
*क्या है पूरा मामला*
*पीड़ित*: भोला कश्यप, 28 साल, निवासी बड़ेपारा, करकापाल। पेशे से मजदूर।
परिजनों के अनुसार पिछले महीने भोला की तबीयत खराब होने पर उसे *डिमरापाल मेडिकल कॉलेज* ले जाया गया। जांच में TB निकली और 5 दिन इलाज चला। इसी बीच चांदनी चौक के दुर्गा मेडिकल स्टोर के ऊपर विशाखापत्तनम से आए एक डॉक्टर को दिखाया गया, जिन्होंने TB की दवा बंद कर नई दवा शुरू कराई। 10 दिन में भोला की हालत और बिगड़ गई।
*2 अगस्त* को दोबारा डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। MRI बाहर कराने की सलाह पर परिजन *कोंटीनेटल अस्पताल* पहुंचे। 5 अगस्त को भोला को वहां भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर *पवन कुमार ब्रिज* ने भर्ती कर ठीक करने का भरोसा दिलाया।
*3 दिन बाद कहा - ब्रेन में पानी, ऑपरेशन होगा*
भर्ती के 3 दिन बाद *8 अगस्त* को परिजनों को बताया गया कि भोला के ब्रेन में पानी भर गया है, ऑपरेशन करना पड़ेगा। TB का इलाज कराने आए परिवार के लिए यह चौंकाने वाला था।
परिजनों के मुताबिक अस्पताल में एनेस्थीसिया की सुविधा नहीं थी। इसलिए *डिमरापाल मेडिकल कॉलेज से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ* बुलाकर 9 अगस्त को ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद भोला को होश ही नहीं आया। अस्पताल के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर कहा कि "बचने की संभावना 10% है, यहां से ले जाओ।"
*अब विशाखापत्तनम में चल रहा इलाज*
परिजन 13 अगस्त की रात भोला को *विशाखापत्तनम केयर अस्पताल* ले गए। वहां डॉक्टरों ने कथित तौर पर कहा कि पहले हुआ ऑपरेशन गलत था, इसी से जान खतरे में पड़ी है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और अस्पताल का पक्ष आना बाकी है।
*आर्थिक संकट में परिवार*
भोला गरीब आदिवासी परिवार से है। कोंटीनेटल में ∼30 हजार नगद + आयुष्मान से इलाज हुआ। विशाखापत्तनम में अब तक *1.80 लाख रुपये* खर्च हो चुके हैं। परिजनों का कहना है घर का सोना बिक गया, अब जमीन बेचने की नौबत है।
*बड़े सवाल*
1. TB के मरीज का ब्रेन ऑपरेशन तक मामला कैसे पहुंचा?
2. ऑपरेशन से पहले विशेषज्ञों से मेडिकल हिस्ट्री की समीक्षा हुई थी या नहीं?
3. अस्पताल में न्यूरोसर्जन और एनेस्थीसिया जैसी जरूरी सुविधाएं पर्याप्त हैं?
इस घटना ने बस्तर में गरीब और आदिवासी मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
_नोट: यह खबर परिजनों के आरोपों पर आधारित है। संबंधित अस्पताल और डॉक्टरों का पक्ष अभी सामने आना बाकी है।_
स्टेट रिपोर्टर मनोज भट्ट हमर प्रदेश cg
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