✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
बिलासपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेलवे टिकटों की अवैध दलाली करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। टिकट दलाली का यह नेटवर्क छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर से लेकर उत्तर प्रदेश के बनारस तक फैला हुआ था। गिरोह सिटी पीआरएस से टिकट बनवाकर बस के जरिए बनारस स्थित दलालों तक पहुंचाता था। गिरफ्तार आरोपितों में सिटी पीआरएस का एक कर्मचारी और बस चालक भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, रेलवे के नियमित आरक्षण केंद्र (PRS) में लगातार जांच और कार्रवाई के चलते टिकट दलाली पर काफी हद तक अंकुश लगा है, लेकिन बैकुंठपुर के सिटी पीआरएस में कथित तौर पर लंबे समय से टिकटों की अवैध बुकिंग और सप्लाई का खेल चल रहा था। सिटी पीआरएस जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित होता है और यहां कर्मचारियों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की जाती है।
बैकुंठपुर सिटी पीआरएस से टिकट दलाली की लगातार शिकायतें और सूचनाएं RPF को मिल रही थीं। इसके बाद आरपीएफ ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान टिकटों की बुकिंग और उन्हें दूसरे राज्य में भेजे जाने से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
आरपीएफ की कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पीआरएस कर्मचारी और बस चालक के शामिल होने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिटी पीआरएस से बनाए गए टिकटों को बस के माध्यम से बनारस भेजा जाता था, जहां उन्हें दलालों के नेटवर्क के जरिए यात्रियों को ऊंचे दाम पर उपलब्ध कराया जाता था।
आरपीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, टिकटों की बुकिंग के तरीके, पैसों के लेन-देन और बनारस में सक्रिय दलालों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों तक भी पहुंचा जा सकेगा।
रेलवे टिकटों की दलाली के खिलाफ RPF की इस कार्रवाई से सिटी पीआरएस में चल रहे कथित अवैध कारोबार पर भी सवाल खड़े हुए हैं। मामले की विस्तृत जांच के बाद पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में और खुलासे होने की संभावना है।
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