✍️हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और बेहतर समन्वय के लिए राज्य शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) का गठन किया है। यह सेंटर राज्य स्तर पर साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों के लिए सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (SPOC) के रूप में काम करेगा।
S4C का संचालन पुलिस मुख्यालय (PHQ) की तकनीकी सेवाएं शाखा के अधीन किया जाएगा। राज्य शासन की ओर से इसके गठन और अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर आदेश जारी किया गया है।
दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार, 2008 बैच के IPS अधिकारी प्रशांत कुमार अग्रवाल, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं, उन्हें पुलिस महानिरीक्षक, S4C, PHQ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं 2010 बैच के IPS अधिकारी गिरिजा शंकर जायसवाल, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवा) के पद पर पदस्थ हैं, उन्हें उप पुलिस महानिरीक्षक, S4C, PHQ नियुक्त किया गया है।
साइबर अपराध पर होगी बेहतर निगरानी
राज्य सरकार ने साइबर अपराध से संबंधित बढ़ती गतिविधियों की बेहतर निगरानी, प्रभावी कार्रवाई और विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से S4C का गठन किया है।
यह सेंटर राज्य में साइबर अपराध से जुड़े मामलों की निगरानी और समन्वय के साथ-साथ साइबर अपराध की रोकथाम, जांच तथा कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केंद्र की तर्ज पर राज्य में S4C
केंद्र सरकार के स्तर पर Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) साइबर अपराध से निपटने के लिए केंद्रीय और राज्य पुलिस एजेंसियों के बीच समन्वय का काम करता है। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में S4C का गठन किया गया है।
साइबर ठगी, ऑनलाइन वित्तीय अपराध और डिजिटल माध्यम से होने वाले अन्य अपराधों में लगातार हो रही वृद्धि के बीच राज्य स्तर पर इस तरह के समन्वय केंद्र के गठन से साइबर अपराध के मामलों में निगरानी और कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!