Tuesday, September 29 2026
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छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्लास्टिक ले जाना पड़ेगा भारी: वन अमले को तलाशी, जब्ती और मौके पर चालान का मिला अधिकार

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छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्लास्टिक ले जाना पड़ेगा भारी: वन अमले को तलाशी, जब्ती और मौके पर चालान का मिला अधिकार

छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्लास्टिक ले जाना पड़ेगा भारी: वन अमले को तलाशी, जब्ती और मौके पर चालान का मिला अधिकार

रायपुर:

छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीवों को बढ़ते प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। अब वन क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा फैलाने या प्रतिबंधित प्लास्टिक ले जाने वालों की खैर नहीं होगी। वन विभाग के मैदानी अमले को अब संदिग्धों की तलाशी लेने, सामग्री जब्त करने और मौके पर ही जुर्माना वसूलने के व्यापक कानूनी अधिकार दे दिए गए हैं।

जांच से लेकर जब्ती तक, स्टाफ को खुली छूट

नई व्यवस्था के तहत वन चौकियों, कोर एरिया और संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर तैनात वनकर्मी किसी भी वाहन, बैग या व्यक्ति की तलाशी ले सकेंगे। यदि किसी के पास प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक, पॉलीथीन बैग, थर्माकोल या प्लास्टिक की गैर-जरूरी सामग्री पाई जाती है, तो वन अमला उसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर सकेगा। बार-बार चेतावनी के बावजूद कचरा फेंकने वालों पर ऑन-द-स्पॉट भारी चालान भी काटा जाएगा।

वन्यजीवों के अस्तित्व पर मंडराता खतरा बना वजह

जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटकों द्वारा छोड़े गए प्लास्टिक कचरे—जैसे पानी की बोतलें, रैपर और खाद्य पैकेट—को जंगली जानवर भोजन समझकर निगल लेते हैं। इससे पेट में रुकावट के कारण कई दुर्लभ वन्यजीवों की असमय मौत के मामले सामने आए हैं। इसी खतरे को रोकने और जंगलों को 'ज़ीरो-प्लास्टिक ज़ोन' बनाने के उद्देश्य से विभाग ने नियमों को अधिक सख्त किया है।

पर्यटकों और स्थानीय दुकानदारों पर भी नजर

 * चेकपोस्ट पर सघन जांच: अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के प्रवेश द्वारों पर ही तलाशी ली जाएगी ताकि जंगल में प्लास्टिक का प्रवेश रुक सके।

 * इको-फ्रेंडली विकल्प अनिवार्य: जंगल के आसपास स्थित ढाबों, रिसॉर्ट्स और स्थानीय दुकानों में भी डिस्पोजेबल प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश हैं।

 * सख्त जुर्माने का प्रावधान: नियमों के उल्लंघन पर सामान्य दंड से लेकर पर्यावरण क्षति शुल्क (Environmental Compensation) तक वसूला जाएगा।

वन विभाग ने आम जनता और जंगल सफारी का आनंद लेने आ रहे सैलानियों से अपील की है कि वे जंगलों में कपड़े के थैले और पुन: प्रयोज्य बोतलों का उपयोग करें, ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।

 

 

अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

 

हमर प्रदेश सी जी

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in हादसा.

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