गणेशोत्सव में भक्ति की गूंज, हुड़दंग पर खाकी की नजर: बिलासपुर पुलिस ने आयोजकों के साथ कसी कमर; 'फुहड़ गानों और नशेड़ियों पर नो-एंट्री', 24 सितंबर तक विसर्जन की डेडलाइन
बिलासपुर:
आस्था और उल्लास के सबसे बड़े पर्व ‘गणेशोत्सव’ को लेकर न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आगामी दिनों में बप्पा के आगमन से लेकर विसर्जन झांकियों तक, शहर में सुरक्षा और सौहार्द की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने आयोजकों के साथ सीधी बातचीत की।
गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार, प्रशिक्षु डीएसपी आकाश चौधरी सहित सिरगिट्टी, सिविल लाइन, तारबाहर, तोरवा और सिटी कोतवाली के थाना प्रभारियों ने शहर की लगभग 27 प्रमुख गणेश उत्सव समितियों के अध्यक्षों और आयोजकों के साथ बिंदुवार चर्चा की।
बैठक में पुलिस ने साफ संदेश दिया कि उत्सव की भव्यता और भक्ति का पूरा सम्मान है, लेकिन कानून-व्यवस्था, यातायात और आम जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
पंडालों की सुरक्षा और व्यवस्था: पुलिस के 10 कड़े निर्देश
आयोजन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए समितियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
* प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य: सभी समितियों को अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM राजस्व बिलासपुर) से विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
* सड़क पर पंडाल नहीं: मूर्ति स्थापना के लिए पंडाल मुख्य सड़कों पर कतई न लगाए जाएं, जिससे कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराए या आम राहगीरों को जाम से जूझना पड़े।
* सुरक्षित विद्युत वायरिंग: पंडालों में बिजली का अस्थायी कनेक्शन पूरी सुरक्षा मानकों के साथ किया जाए, ताकि शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी जनहानि की आशंका न रहे।
* सक्रिय वॉलिंटियर्स की तैनाती: व्यवस्था संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आयोजन समितियां अपने स्तर पर पर्याप्त संख्या में अनुशासित वॉलिंटियर्स तैनात करेंगी।
* अश्लील गानों पर पूर्ण पाबंदी: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए पुलिस ने दो-टूक कहा कि पंडालों में सिर्फ पारंपरिक व धार्मिक भजन ही बजेंगे। किसी भी तरह के फूहड़ या भड़काऊ गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
* इमरजेंसी रूट खुला रखें: पंडालों का स्थान और पहुंच मार्ग ऐसा होना चाहिए कि आपात स्थिति में अग्निशमन (दमकल) और एम्बुलेंस बिना रुकावट सीधे पहुंच सकें।
* असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों पर 'नो-एंट्री': पंडाल परिसर में किसी भी हथियारबंद व्यक्ति या शराब/नशे की हालत में घूमने वाले असामाजिक तत्वों को बिल्कुल प्रवेश न दिया जाए।
* विसर्जन की तय डेडलाइन: सभी समितियों को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 24 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से संपन्न कर लिया जाए।
* समन्वय से विसर्जन: विसर्जन यात्रा के दौरान समितियां एक-दूसरे से तालमेल बैठाकर चलेंगी और विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए अधिकृत घाटों/स्थानों पर ही होगा।
* तीसरी आंख की निगरानी: सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सभी आयोजक समितियों को अपने-अपने पंडाल परिसर में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ पड़ा भारी तो सीधे नपेंगे आयोजक
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से दोस्ताना लहजे में सहयोग की अपील करते हुए चेतावनी भी दी कि नियमों की अनदेखी करने या नियमों का उल्लंघन कर शहर की शांति में खलल डालने वालों के खिलाफ प्रशासन बिना किसी हिचकिचाहट के कानूनी कार्रवाई करेगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यही है कि बिलासपुर की सड़कें जाम-मुक्त रहें और बप्पा का पर्व पूरे गरिमा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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