✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
2008 से पद स्वीकृत नहीं होने का खामियाजा, 12 से ज्यादा कर्मचारी प्रमोशन से वंचित; निगम के कई महत्वपूर्ण विभागों में संभाल रहे जिम्मेदारी
भिलाईनगर। भिलाई नगर पालिक निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटरों की स्थिति लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्ष 2008 से पद स्वीकृत नहीं होने के कारण 12 से ज्यादा डाटा एंट्री ऑपरेटर पदोन्नति से वंचित बताए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई कर्मचारी वर्तमान में राजस्व अधिकारी, योजना अधिकारी, लेखाधिकारी और विधि लिपिक जैसे महत्वपूर्ण पदों से जुड़े कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, वे पिछले 15 से 17 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। अब वर्ष 2026 में निगम की पुनरीक्षित पदसंरचना तैयार की जा रही है, लेकिन आरोप है कि इसमें भी डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए पदोन्नति का स्पष्ट रास्ता बनाने वाले पद शामिल नहीं किए गए हैं। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
कौन संभाल रहा है किस अधिकारी पद का काम?
जानकारी के मुताबिक, शरद दुबे जोन-2 में सहायक राजस्व अधिकारी का कार्य देख रहे हैं। विद्याधर देवांगन योजना विभाग में योजना अधिकारी का कार्य कर रहे हैं। बालकृष्ण नायडू जोन-4 में सहायक राजस्व अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
वहीं राजसच्चर जीपीएस एवं ईपीएफ प्रभारी, सुरेश देवांगन जनगणना प्रभारी, प्रकाश गढ़पायले लेखाधिकारी का कार्य, ओंकार यादव विधि लिपिक का कार्य, शिव देशमुख स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर संबंधी कार्य तथा ओमप्रकाश दुबे प्रधानमंत्री आवास योजना में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं।
इसी तरह ममता गढ़पल्लीवर जोन-5 में, कुमुदिनी पांडे राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में तथा चंद्रशेखर तिवारी दुर्ग निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ बताए गए हैं।
नए पदों के सृजन का प्रस्ताव, लेकिन प्रमोशन चैनल पर सवाल
निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पहले से स्वीकृत नहीं होने की बात सामने आई है। अब नए सिरे से पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि, कंप्यूटर ऑपरेटरों की पदोन्नति के लिए सहायक प्रोग्रामर, प्रोग्रामर और सहायक सूचना अधिकारी जैसे पदों को प्रस्तावित सूची में शामिल कर शासन को भेजे जाने की जानकारी है।
कर्मचारियों का सवाल है कि जब वे वर्षों से निगम के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में तकनीकी एवं कार्यालयीन जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, तो उनके लिए स्पष्ट पदोन्नति चैनल क्यों नहीं बनाया जा रहा है?
संचालनालय के पत्र के आधार पर तैयार हुआ प्रस्ताव
बताया गया है कि संचालक, संचालनालय के पत्र के आधार पर पुनरीक्षित पदसंरचना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। आयुक्त की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में स्वच्छता निरीक्षक के 1, सहायक ग्रेड-3 के 1 और सहायक राजस्व निरीक्षक के 2 पदों पर पदोन्नति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन होने का उल्लेख किया गया है।
लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में डाटा एंट्री ऑपरेटरों की पदोन्नति का उल्लेख तक नहीं किया गया, जबकि वे लंबे समय से निगम के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
संघ ने की थी मांग, फिर भी नहीं मिला स्थान
कर्मचारी संघ की ओर से सुगम कार्यालयीन व्यवस्था और निगम में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति को ध्यान में रखते हुए पुनरीक्षित सेटअप में आवश्यक पदों को शामिल करने का सुझाव दिया गया था।
इसके बावजूद आरोप है कि निगम प्रशासन ने कंप्यूटर ऑपरेटर/डाटा एंट्री ऑपरेटरों के पदोन्नति चैनल को नजरअंदाज कर दिया। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि पुनरीक्षित पदसंरचना को अंतिम रूप देने से पहले निगम प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी पदोन्नति संबंधी मांग पर क्या निर्णय लेता है।
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