✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
खैरागढ़। छुईखदान में ज्वेलरी दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये के चांदी के आभूषण चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर सेल और थाना छुईखदान की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 22 किलो 600 ग्राम चांदी और 3 ग्राम सोना बरामद किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 44 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है।
14 अगस्त को सामने आई थी चोरी
मामला छुईखदान के व्यापारी शांति लाल जैन की दुकान से जुड़ा है। 14 अगस्त को दुकान का शटर टूटा मिला और चांदी के पुराने आभूषण गायब पाए गए। शिकायत के बाद थाना छुईखदान में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों की जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस की कड़ियां नागपुर तक पहुंचीं।
नागपुर में बनाई चोरी की योजना
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी महेंद्र साहू ने पूछताछ में बताया कि उसने नागपुर जाकर अक्षय गुरूवे और अनिकेत मेश्राम के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। योजना के तहत दोनों आरोपी 13 अगस्त को नागपुर से चोरी की एक्टिवा लेकर छुईखदान पहुंचे।
रात में तीनों आरोपी दुकान के पास पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले दुकान और आसपास लगे CCTV कैमरों के तार काटे, ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। इसके बाद लोहे की रॉड और पेचकस की मदद से शटर तोड़कर दुकान में प्रवेश किया। आरोपियों के पास चाकू भी था।
चोरी का माल तालाब में छिपाया
वारदात के बाद आरोपियों ने चोरी किए गए चांदी के जेवरात को नवागांव स्थित एक तालाब में छिपा दिया था। पुलिस पूछताछ में जानकारी सामने आने के बाद मुख्य आरोपी महेंद्र साहू की निशानदेही पर तालाब से चोरी का माल बरामद किया गया।
पुलिस ने कार्रवाई में 22 किलो 600 ग्राम चांदी, 3 ग्राम सोना और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा जब्त की है। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 44.75 लाख रुपये बताई गई है।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रुपेश डांडे के अनुसार, आरोपियों ने CCTV कैमरों के तार काटकर पुलिस से बचने और चोरी के बाद जेवरात को तालाब में छिपाने का प्रयास किया था। इसके बावजूद CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेंद्र साहू, अक्षय गुरूवे और अनिकेत मेश्राम के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई में साइबर सेल और थाना छुईखदान की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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