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खुद का बैंक, खुद का सहारा: महंगे लोन से मिलेगी राहत, जशपुर में पुलिसकर्मियों को 4% ब्याज पर मिलेगा कर्ज

State Head - Kishor
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खुद का बैंक, खुद का सहारा: महंगे लोन से मिलेगी राहत, जशपुर में पुलिसकर्मियों को 4% ब्याज पर मिलेगा कर्ज

✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़

स्टेट हेड रिपोर्टर – किशोर कुमार

816 पुलिसकर्मियों के अंशदान से तैयार होगा फंड, बीमारी से लेकर पढ़ाई और शादी-ब्याह तक के लिए मिलेगा आसान ऋण

जशपुरनगर। पुलिसकर्मियों को ऊंची ब्याज दर वाले डिजिटल लोन ऐप और निजी ऋण के बोझ से राहत दिलाने के उद्देश्य से जशपुर जिले में पुलिस सहकारी बैंक की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से अंशदान जमा करेंगे और जरूरत के समय स्वास्थ्य, शिक्षा, विवाह तथा आवास जैसी आवश्यकताओं के लिए मात्र 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

पुलिस विभाग की इस पहल को कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और उन्हें महंगे कर्ज के जाल से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अलग-अलग रैंक के अनुसार जमा होगा अंशदान

पुलिस सहकारी बैंक के लिए जशपुर जिले के 816 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से नियमित अंशदान लिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, आरक्षक और प्रधान आरक्षक 500 रुपये, एएसआई, एसआई और टीआई रैंक के अधिकारी 1,000 रुपये, जबकि राजपत्रित अधिकारी 2,000 रुपये प्रतिमाह अंशदान जमा करेंगे।

इसी राशि से सहकारी बैंक के लिए फंड तैयार किया जाएगा।

छह महीने का लॉक पीरियड, सातवें माह से ऋण वितरण

इस व्यवस्था में शुरुआती छह माह का लॉक पीरियड रखा गया है। इसके बाद सातवें माह से पात्र सदस्यों को ऋण वितरण शुरू किया जाएगा।

ऋण की राशि को 30 आसान किश्तों में चुकाने की व्यवस्था बताई गई है। इससे पुलिसकर्मियों को अचानक सामने आने वाली आर्थिक जरूरतों के लिए ऊंची ब्याज दर पर निजी या डिजिटल लोन लेने से राहत मिल सकेगी।

स्वास्थ्य जरूरतों को पहली प्राथमिकता

ऋण वितरण में प्राथमिकता भी तय की गई है। सबसे पहले स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद शिक्षा, शादी-ब्याह तथा घर और जमीन जैसी आवश्यकताओं के लिए ऋण दिया जाएगा।

महंगे डिजिटल लोन से बचाने की पहल

पुलिसकर्मियों के बीच डिजिटल लोन ऐप और निजी ऋण की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए यह मॉडल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियमित अंशदान के माध्यम से तैयार फंड से सदस्यों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को महंगे कर्ज और भारी ब्याज के बोझ से बचाना है।

जशपुर पुलिस की यह पहल आने वाले समय में पुलिसकर्मियों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक उपयोगी सहकारी मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है।

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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