✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
कोरबा। पाली थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा की जहरीली दवा खाने के तीन दिन बाद मौत हो गई। परिजनों ने गांव के ही 17 वर्षीय नाबालिग पर छात्रा को कॉलेज आते-जाते रास्ते में रोककर परेशान करने और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि लगातार मानसिक तनाव के चलते छात्रा ने यह कदम उठाया।
परिजनों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा से मिलने के लिए लगातार दबाव बनाता था। आरोप है कि वह अपने भाई और मां के नाम सुसाइड नोट लिखकर छात्रा को धमकाता था कि यदि वह उससे नहीं मिली तो वह आत्महत्या कर लेगा। परिजनों और छात्रा की ओर से समझाइश दिए जाने के बावजूद कथित तौर पर उसका व्यवहार नहीं बदला।
बताया गया कि 3 सितंबर को छात्रा ने चूहामार दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पाली लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार शाम उसकी मौत हो गई।
पढ़ाई में होशियार थी छात्रा
परिजनों के अनुसार छात्रा पढ़ाई में होशियार थी। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कॉलेज में अध्ययन कर रही थी। उसके पिता नहीं हैं और उसके दो भाई बाहर रहकर काम करते हैं। रक्षाबंधन के दौरान दोनों भाई घर आए थे और छात्रा ने उन्हें राखी भी बांधी थी।
नाबालिग के खिलाफ जांच शुरू
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी में बयान दर्ज किया गया है। मामले में 17 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच के बाद ही छात्रा की मौत के कारणों और नाबालिग पर लगाए गए आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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