बिलासपुर। केंवची-रतनपुर मार्ग पर रविवार सुबह एक सड़क हादसे के बाद लंबा जाम लग गया। निर्माणाधीन एनएच-45 पर खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रेलर से पीछे से आ रहा ट्रक टकरा गया। हादसे के बाद मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा।
बताया जा रहा है कि केंवची से रतनपुर तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोयला लदे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। अनूपपुर क्षेत्र की आमाडांड खुली खदान से कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की संख्या भी इस मार्ग पर अधिक है। स्थानीय स्तर पर कुछ वाहनों के ओवरलोड होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।
हादसे के बाद जाम में भारी संख्या में वाहन फंस गए। निर्माणाधीन सड़क पर पहले से ही भारी वाहनों का दबाव होने के कारण दुर्घटना के बाद स्थिति और बिगड़ गई। मार्ग पर यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
ओवरलोड वाहनों से सड़क निर्माण पर असर
निर्माणाधीन सड़क पर क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही सड़क निर्माण की गुणवत्ता के लिए चुनौती बन रही है। सड़क के आधार में मिट्टी और जीएसबी की परत को मजबूत करने का काम चल रहा है, लेकिन भारी वाहनों के लगातार दबाव से कई हिस्सों में सड़क की सतह प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया गया तो निर्माणाधीन सड़क को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, सड़क की बार-बार मरम्मत होने से निर्माण कार्य की लागत और समय दोनों बढ़ने की आशंका है।
राजस्व नुकसान को लेकर भी सवाल
ओवरलोड कोयला परिवहन की शिकायतों के बीच खनिज विभाग और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि नियमों का उल्लंघन कर निर्धारित क्षमता से अधिक कोयला परिवहन किया जा रहा है, तो इससे सड़क को नुकसान के साथ सरकार को मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल हादसे के बाद लगे जाम से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। निर्माणाधीन एनएच-45 पर भारी वाहनों के दबाव और ओवरलोड परिवहन पर संबंधित विभागों की कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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