Tuesday, September 29 2026
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कृषि परीक्षा पेपर लीक: एंडोस्कोपिक कैमरे से स्कैन कर छात्रों को 11 हजार में बेचा प्रश्नपत्र, 6 गिरफ्तार

State Head - Kishor
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कृषि परीक्षा पेपर लीक: एंडोस्कोपिक कैमरे से स्कैन कर छात्रों को 11 हजार में बेचा प्रश्नपत्र, 6 गिरफ्तार

रायपुर। कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि एक प्रोफेसर ने एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र को स्कैन कर उसका वीडियो बनाया और बाद में छात्रों को कथित तौर पर 11 हजार रुपये में प्रश्नपत्र की सामग्री उपलब्ध कराई। मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

 

पुलिस के मुताबिक, प्रश्नपत्र वायरल होने की सूचना मिलने के बाद मामले की कड़ी-दर-कड़ी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान दुर्ग निवासी अनुज मिंज की भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और जांच में पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए।

 

एंडोस्कोपिक कैमरे से किया प्रश्नपत्र स्कैन

 

जांच में पुलिस को पता चला कि प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने बाजार से एक एंडोस्कोपिक कैमरा खरीदा था। आरोप है कि उत्तरपुस्तिका जमा करने के दौरान उन्हें मिला प्रश्नपत्र वे घर ले गए। इसके बाद लिफाफे में एक छोटा छेद कर एंडोस्कोपिक कैमरे को अंदर डालकर प्रश्नपत्र को स्कैन किया और उसका वीडियो बना लिया।

 

पुलिस के अनुसार, सबसे पहले 7 अगस्त को होने वाली पैथोलॉजी परीक्षा के प्रश्नपत्र की सामग्री छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों तक पहुंचाई गई। उस समय छात्रों की संख्या सीमित होने के कारण मामला बड़े स्तर पर सामने नहीं आया।

 

20 अगस्त की परीक्षा का प्रश्नपत्र 11 हजार में देने का आरोप

 

इसके बाद 20 अगस्त को होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्र की सामग्री कथित तौर पर अजय नायक और दो अन्य छात्रों को 11 हजार रुपये में दी गई। पुलिस जांच के मुताबिक, अजय नायक ने प्रश्नपत्र की सामग्री आगे त्रिदेव पटेल, नितिन पांडेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाई।

 

इसके बाद मोबाइल फोन के जरिए प्रश्नपत्र की सामग्री एक-दूसरे तक पहुंचती गई। परीक्षा शुरू होने से पहले ही इसके कुछ प्रश्न सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

 

6 आरोपी गिरफ्तार

 

पेपर लीक की सूचना के बाद पुलिस ने वायरल प्रश्नों और उनसे जुड़े मोबाइल संपर्कों की जांच शुरू की। इसी दौरान आरोपियों के बीच संपर्क और प्रश्नपत्र की सामग्री के प्रसार से जुड़े साक्ष्य सामने आए। मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

 

पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र की सामग्री कितने लोगों तक पहुंची थी तथा इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

पेपर लीक के खुलासे के बाद परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल अन्य लोगों और उनकी भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

 

✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार 

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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