हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ | एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
ब्लॉक रिपोर्टर: विशाल प्रजापति, अंबिकापुर (सरगुजा)
किताबों के तनाव को पछाड़कर छलका आत्मीयता का रंग: अंबिकापुर की 'पांडवानी आईएएस एकेडमी' में शिक्षक दिवस पर दिखा अनोखा संगम
अंबिकापुर (सरगुजा):
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की जिंदगी अक्सर भारी-भरकम किताबों, कठिन सिलेबस और मानसिक दबाव के बीच सिमट कर रह जाती है। लेकिन शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर अंबिकापुर स्थित 'पांडवानी आईएएस एकेडमी' (Pandwani IAS Academy) में कुछ ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का जरिया नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाली एक आत्मीय डोर है।
यहाँ विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए पारंपरिक औपचारिकताओं की दीवारें तोड़ दीं और एक ऐसा जीवंत माहौल तैयार किया, जहाँ कड़क क्लासरूम हंसी-ठिठोली और गर्मजोशी से गूंज उठा।
जब गंभीर लेक्चर की जगह गूंजे ठहाके: गुरु और शिष्य का बदला अंदाज
अक्सर कक्षाओं में प्रशासनिक सेवाओं की बारीकियाँ और कड़े नियम समझाने वाले शिक्षक इस दिन अपने विद्यार्थियों के साथ पूरी तरह घुलमिल गए। छात्रों ने अपने गुरुजनों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए कई मनोरंजक खेलों और रोचक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की थी।
शिक्षकों ने भी बिना किसी झिझक के हर खेल में बच्चों की तरह बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पढ़ाई के अंतहीन तनाव के बीच यह पल हर किसी के चेहरे पर सुकून और आत्मविश्वास बिखेर गया।
"मार्गदर्शन वो रोशनी है जो अंधेरे रास्तों को आसान बना देती है"
इस भावुक और ऊर्जावान अवसर पर संस्थान के डायरेक्टर श्री संतोष कुमार यादव ने विद्यार्थियों के भीतर नया जोश भरते हुए कहा:
> "एक शिक्षक का दायित्व केवल किताबों का ज्ञान बांटना नहीं, बल्कि उस समय विद्यार्थी का संबल बनना है जब वह निराशा के दौर से गुजर रहा हो। प्रतियोगी परीक्षाओं का सफर आसान नहीं होता, लेकिन अगर आपके पास अनुशासन, निरंतर मेहनत और खुद पर अडिग विश्वास है, तो कोई भी मुकाम नामुमकिन नहीं। हमारा संकल्प हर उस युवा के सपने को सच करना है जो सरगुजा की मिट्टी से निकलकर प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बनाना चाहता है।"
>
सरगुजा संभाग में प्रतियोगी शिक्षा का मजबूत स्तंभ
अक्सर देखा जाता है कि बेहतर कोचिंग और मार्गदर्शन के अभाव में ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों के होनहार युवाओं को राजधानी या बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में अंबिकापुर की पांडवानी आईएएस एकेडमी ने सीजीपीएससी (CGPSC) और व्यापम (CGVYAPAM) की तैयारी कर रहे स्थानीय युवाओं को घर के नजदीक ही उत्कृष्ट स्तर की शिक्षा, अनुशासित माहौल और सटीक रणनीति उपलब्ध कराकर अपनी एक मजबूत साख बनाई है।
कार्यक्रम का समापन केवल शुभकामनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहा; विद्यार्थियों ने गुरुओं के चरण स्पर्श कर सफलता का आशीर्वाद लिया और यह संकल्प दोहराया कि वे अपने शिक्षकों के परिश्रम और मार्गदर्शन को अपनी अंतिम सफलता में तब्दील करके दिखाएंगे।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!