Wednesday, September 30 2026
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एमबीए कर मोहन चंद्राकर ने खेती को बनाया मॉडल प्राकृतिक एवं जैविक खेती को दे रहें हैं बढ़ावा ‘‘राइस आइकॉन ऑफ इंडिया सम्मान’’ एवं ’‘नवाचार एवं प्रगतिशील किसान सम्मान’’ से नवाजे जा चुके हैं

santandas@hamarpradeshcg
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एमबीए कर मोहन चंद्राकर ने खेती को बनाया मॉडल     प्राकृतिक एवं जैविक खेती को दे रहें हैं बढ़ावा     ‘‘राइस आइकॉन ऑफ इंडिया सम्मान’’ एवं ’‘नवाचार एवं प्रगतिशील किसान सम्मान’’  से नवाजे जा चुके हैं

हमर प्रदेश स्टेट रिपोर्टर संतन दास मानिकपुरी 

महासमुंद 18 अगस्त 2026/ महासमुंद जिले के ग्राम केशवा निवासी श्री मोहन चंद्राकर आज प्रगतिशील एवं नवाचारी किसान के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। एमबीए की शिक्षा के बाद वर्ष 1997 से 2013 तक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने वाले श्री चंद्राकर ने वर्ष 2013 में खेती की ओर लौटकर कृषि को व्यवसाय के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।

श्री चंद्राकर जैविक एवं प्राकृतिक पद्धति से खेती करते हुए पारंपरिक, सुगंधित और औषधीय गुणों वाली फसलों को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके प्रक्षेत्र में जावफूल, विष्णुभोग, जोहा, चखव, संजवनी, पीहू पर्पल राइस तथा काला गेहूं जैसी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। अपनी उपज का प्रसंस्करण वे स्वयं की राइस मिल में कर ’‘तथास्तु - अच्छे लोग, अच्छा भोजन’’ ब्रांड के माध्यम से बाजार तक पहुंचाते हैं।

वर्ष 2017 में उन्होंने तथास्तु फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (ऊर्जा कृषि एफपीओ) का गठन कर करीब 300 किसानों को जोड़ा। वे किसानों को आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं, जिससे अनेक किसानों की आय में वृद्धि हुई है। खरीफ 2026 में वे कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में पारंपरिक सुगंधित धान की किस्मों के पुनरुत्थान पर कार्य कर रहे हैं।

श्री चंद्राकर बताते हैं कि वे अपने लगभग 6 एकड़ बंजर भूमि पर 400 ऑस्ट्रेलियन टीक के पौधे लगाए, जो आज 20 से 30 फीट ऊंचे हो चुके हैं। वर्ष 2024 से सफेद चंदन के 200 पौधों सहित आम, महुआ, जामुन, चीकू, अमरूद और अन्य फलदार एवं उपयोगी वृक्षों का भी संरक्षण एवं रोपण कर रहे हैं। वे वृक्षारोपण को आने वाली पीढ़ी के लिए फिक्स डिपॉजिट मानते हैं।

कृषि क्षेत्र में उनके नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2018 में आईसीएआर, नई दिल्ली में उन्हें श्रेष्ठ नवाचार किसानों के साथ संवाद का अवसर मिला। अप्रैल 2026 में उन्हें ‘‘राइस आइकॉन ऑफ इंडिया सम्मान’’ तथा 4 जून 2026 को रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा ’‘नवाचार एवं प्रगतिशील किसान सम्मान’’ से सम्मानित किया गया।

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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