उफनती नदियों में माफिया का दुस्साहस: मरवाही के अमेराटीकरा में मूसलाधार बारिश के बीच रेत की खुली लूट, खनिज विभाग की चुप्पी पर सुलगते सवाल!
प्रशासन की 'नो-माइनिंग' गाइडलाइन की धज्जियां; जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टरों से निकाला जा रहा रेत, क्या बड़ी आपदा के बाद टूटेगी अफसरों की नींद?
ग्राउंड जीरो से विशेष रिपोर्ट | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
जब भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं, बहाव तेज है और प्रशासन आमजन से जलस्रोतों से दूर रहने की अपील कर रहा है, ठीक उसी वक्त मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अमेराटीकरा में रेत माफिया का दुस्साहस चरम पर है। उफनते नदी-नालों के बीच सीना चीरकर ट्रैक्टर उतारे जा रहे हैं और धड़ल्ले से अवैध रेत का परिवहन जारी है। हैरान करने वाली बात यह है कि पर्यावरण और जीवन दोनों को दांव पर लगाकर चल रहे इस 'काले कारोबार' पर खनिज विभाग ने कथित तौर पर आंखें मूंद रखी हैं।
उफनता पानी, ट्रैक्टरों के पहिए और पर्यावरण का कत्ल
मानसून के दौरान नदी-नालों से रेत निकासी पर सख्त पाबंदी के नियम होते हैं, ताकि जलस्रोतों के प्राकृतिक स्वरूप और जलीय पारिस्थितिकी को नुकसान न पहुंचे। लेकिन अमेराटीकरा में नियमों को ताक पर रख दिया गया है:
* खतरे का खेल: तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के बावजूद रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर नदी-नालों में उतारे जा रहे हैं।
* भू-कटाव का खतरा: अंधाधुंध उत्खनन से नदी के किनारे धंसक रहे हैं, जिससे आसपास की उपजाऊ जमीन और किनारों पर बसे गांवों के लिए कटाव का गंभीर संकट पैदा हो रहा है।
* सड़कों पर दौड़ता अवैध माल: बिना किसी रॉयल्टी पर्ची और वैध अनुमति के रेत से लदे ट्रैक्टर बेखौफ होकर मुख्य रास्तों से गुजर रहे हैं।
खनिज विभाग की कार्यशैली कटघरे में: 'अनदेखी' या 'मौन सहमति'?

स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा अब सीधे तौर पर खनिज विभाग की लचर कार्यशैली पर फूट रहा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लगातार शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अमला मौके पर झांकने तक नहीं आता।
> ग्रामीणों के सीधे सवाल:
> * जब बारिश के दिनों में व्यावसायिक उत्खनन प्रतिबंधित है, तो अमेराटीकरा में ट्रैक्टरों की कतारें किसके संरक्षण में चल रही हैं?
> * क्या खनिज विभाग को इन अवैध रास्तों और रेत डंपिंग की कोई खबर नहीं है, या फिर कार्रवाई न करने की कोई 'मजबूरी' है?
> * अगर कोई ट्रैक्टर चालक या मजदूर तेज बहाव में बह गया, तो उस मानवजनित हादसे का जिम्मेदार कौन होगा?
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कलेक्टर से सीधी गुहार: 'कागजों की नहीं, मौके पर हो निष्पक्ष जांच'
अमेराटीकरा के जागरूक नागरिकों ने अब जिला प्रशासन और कलेक्टर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से सीधे दखल की मांग की है। ग्रामीणों ने ज्ञापन और शिकायतों के माध्यम से मांग की है कि:
* तत्काल राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स अमेराटीकरा के नदी-नालों पर औचक छापा मारे।
* परिवहन में लगे वाहनों, रेत भंडारण, अनुमति और रॉयल्टी दस्तावेजों की गहन जांच की जाए।
* नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले माफिया और उन्हें मौन संरक्षण देने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई (FDR जब्ती व आपराधिक प्रकरण) दर्ज हो।
सिस्टम की सुस्ती के बीच अब समूचे इलाके की नजर इस बात पर टिकी है कि जिला प्रशासन उफनती नदी में चल रहे इस अवैध खेल पर कब लगाम कसता है, या फिर यह मामला भी सिर्फ फाइलों में 'जांच जारी है' लिखकर छोड़ दिया जाएगा।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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