मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज़
इंद्रावती टाइगर रिजर्व 1 नवंबर से खुलेगा पर्यटकों के लिए, चार दशक बाद शुरू होगी
बीजापुर बस्तर संभाग के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीवों के लिए पहचाने जाने वाले इंद्रावती टाइगर रिजर्व को लगभग चार दशक बाद एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे के अनुसार वन विभाग 1 नवंबर से रिजर्व को पर्यटन के लिए खोलने की तैयारी में जुटा है। शुरुआती चरण में 2 से 3 प्रमुख डेस्टिनेशन विकसित कर जंगल सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
पर्यावरण पर दबाव नहीं पड़ेगा
वन विभाग के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता जंगल और वन्यजीवों पर पर्यटन के दबाव को नियंत्रित करना है। इसके लिए एक दिन में कितने पर्यटक और सफारी वाहन प्रवेश करेंगे, इसकी सीमा तय की जा रही है।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार -
पर्यटन शुरू होने से आस-पास के ग्रामीण और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। विभाग स्थानीय युवाओं को गाइड, ड्राइवर, हॉस्पिटैलिटी और होम-स्टे से जोड़ेगा। साथ ही स्थानीय आदिवासी उत्पादों को भी पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
क्या है खासियत
2799.07 वर्ग किलोमीटर में फैले इस रिजर्व में 1258.37 वर्ग किमी कोर एरिया और 1540.70 वर्ग किमी बफर क्षेत्र है। इसे 1983 में प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल किया गया था। यहां बाघ के अलावा वनभैंसा, तेंदुआ, स्लॉथ भालू, गौर, चीतल और नीलगाय जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं। हाल ही में स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव भी देखा गया है। फरवरी-मार्च 2025 में यहां 14 से 17 वनभैंसों की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक यह क्षेत्र पर्यटकों की पहुंच से दूर था, अब विभाग सफारी वाहनों की खरीदी और पर्यटन मार्गों को तैयार करने में जुटा है।
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