✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
दिल्ली दौरे से रायपुर लौटे मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण और नक्सलवाद समेत कई मुद्दों पर रखी बात
रायपुर। छत्तीसगढ़ से अलग बस्तर को स्वतंत्र राज्य बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने अलग बस्तर राज्य की मांग करने वालों को विकास विरोधी बताते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है और जिन कार्यों को कभी असंभव माना जाता था, उन्हें संभव किया गया है।
मुख्यमंत्री साय अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शुक्रवार को राजधानी रायपुर लौटे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। जन्माष्टमी के अवसर पर रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनका बाजे-गाजे एवं पुष्पगुच्छों के साथ स्वागत किया।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन की सराहना
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने जल शक्ति मंत्रालय की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पांच जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है।
हर राज्य में ‘कैच द रेन प्लान’ की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य को अपनी भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ शुरू करने का सुझाव भी दिया।
सीएम साय के अनुसार तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
अलग बस्तर राज्य की मांग पर सीएम साय का हमला
अलग बस्तर राज्य की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि नक्सली लंबे समय तक बस्तर में सड़क, स्कूल और विकास कार्यों को बाधित करते रहे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस को नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का महत्वपूर्ण कारण बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग विकास विरोधी सोच को दर्शाती है। उन्होंने ऐसी मांग करने वालों को छत्तीसगढ़ और यहां की जनता के हितों के विरोधी बताया।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अलग बस्तर राज्य की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज होने की संभावना है।
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