स्टेट रिपोर्टर मनोज भट्ट
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
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अब घर-घर उगेगा मुंगा,(सहजन) 52,553 आंगनबाड़ी केंद्र लगाएंगे 15-15 पौधे; 7.88 लाख परिवार होंगे लाभान्वित
छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ अब घर-घर जंग की तैयारी है। तीजा-पोरा पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशव्यापी *'हर घर मुंगा, घर-घर मुंगा'* अभियान की शुरुआत की है।
52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ेगा अभियान
प्रदेश के सभी 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से इस अभियान को जमीन पर उतारा जा रहा है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में 15-15 मुंगा (सहजन) के पौधे लगाने की जिम्मेदारी तय की गई है। इस अभियान के माध्यम से करीब *7.88 लाख परिवारों* को सीधे जोड़ा जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य मुंगा को रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बनाकर माताओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है। आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और पोषण वाटिकाओं में भी मुंगा के पौधे लगाए जा रहे हैं।
पोषण और हरियाली दोनों का लाभ
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुंगा कोई आम सब्जी नहीं, बल्कि एक सुपरफूड है। इसकी पत्तियों में दूध से ज्यादा कैल्शियम और केले से ज्यादा पोटैशियम होता है। इसकी फलियों में फाइबर, आयरन और विटामिन-C भरपूर मात्रा में है। परिवारों को सप्ताह में कम से कम तीन बार मुंगा की फलियां और भाजी भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डिजिटल डैशबोर्ड से होगी निगरानी
अभियान केवल रस्म अदायगी न बने इसके लिए पूरी जवाबदेही तय की गई है। मंत्रालय स्तर पर सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति और जिला स्तर पर कलेक्टर व ब्लॉक स्तर पर SDM की अध्यक्षता में समितियां बनाई गई हैं। पौधों के जीवित रहने और रखरखाव की निगरानी के लिए विशेष डिजिटल डैशबोर्ड बनाया गया है। साथ ही 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक 9वां राष्ट्रीय पोषण माह भी मनाया जा रहा है, जिसमें सुपोषण रथ गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएगा।
मंत्री ने कहा - स्वस्थ मां से ही स्वस्थ बच्चे का आधार बनता है और स्वस्थ बच्चे ही सशक्त समाज और समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव हैं।
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