*✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार*
*रायपुर।* छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच तंबाकू और शराब सेवन को लेकर सामने आए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले सर्वेक्षण की तुलना में महिलाओं में तंबाकू और शराब सेवन का स्तर बढ़ा है। हालांकि, अलग-अलग NFHS राउंड में आयु-समूह, सर्वेक्षण पद्धति और परिभाषाओं में अंतर होने के कारण आंकड़ों की सीधी तुलना सावधानी से की जानी चाहिए।
*तंबाकू सेवन में बढ़ोतरी*
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच तंबाकू सेवन का आंकड़ा 17.3 प्रतिशत से बढ़कर 18.7 प्रतिशत होने की बात सामने आई है। यानी पिछले आंकड़े की तुलना में करीब 1.4 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच भी बड़ा अंतर दिखाई देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का तंबाकू सेवन 20.9 प्रतिशत, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 10.4 प्रतिशत बताया गया है।
*शराब सेवन में भी बढ़ोतरी*
महिलाओं में शराब सेवन को लेकर भी आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह आंकड़ा 4.9 प्रतिशत से बढ़कर 5.7 प्रतिशत हुआ है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच यहां भी बड़ा अंतर है। ग्रामीण महिलाओं में शराब सेवन का आंकड़ा 6.8 प्रतिशत, जबकि शहरी महिलाओं में यह 1.6 प्रतिशत बताया गया है।
*ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा असर*
NFHS के आंकड़ों में सबसे प्रमुख अंतर ग्रामीण और शहरी महिलाओं के बीच दिखाई देता है। तंबाकू और शराब—दोनों ही मामलों में ग्रामीण महिलाओं का प्रतिशत शहरी महिलाओं की तुलना में अधिक बताया गया है।
*श्रेणी| ग्रामीण महिलाएं| शहरी महिलाएं*
तंबाकू सेवन| 20.9%| 10.4%
शराब सेवन| 6.8%| 1.6%
*स्वास्थ्य के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण?*
तंबाकू और शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। लंबे समय तक तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है। शराब का अत्यधिक सेवन भी शरीर के विभिन्न अंगों और मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
छत्तीसगढ़ के NFHS-5 राज्य प्रोफाइल में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए तंबाकू उपयोग 17.3 प्रतिशत तथा शराब सेवन 5.0 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इसलिए अलग-अलग रिपोर्टों में दिखाई देने वाले 4.9%, 5.0% और बाद के आंकड़ों को प्रस्तुत करते समय संबंधित NFHS राउंड और आयु-समूह स्पष्ट करना जरूरी है।
*आंकड़े दे रहे हैं गंभीर संकेत*
NFHS के आंकड़े छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच नशे से जुड़े व्यवहार और विशेष रूप से ग्रामीण-शहरी अंतर पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता की ओर संकेत करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता, स्वास्थ्य परामर्श, नशामुक्ति सेवाओं और महिलाओं के लिए लक्षित स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
*नोट:* अलग-अलग NFHS सर्वेक्षणों के आंकड़ों की तुलना करते समय सर्वेक्षण वर्ष, आयु-समूह और इस्तेमाल की गई परिभाषा को जरूर देखा जाना चाहिए।
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