✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
दुर्ग। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के प्रश्नपत्र लीक मामले में भारती एग्रीकल्चर कॉलेज प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। पेपर लीक प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में लंबे समय से पदस्थ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके दुबे को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, मामले में गिरफ्तार किए गए प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया को भी सेवा से हटा दिया गया है।
प्राचार्य पर लापरवाही का आरोप
पेपर लीक मामले में कॉलेज प्रबंधन की ओर से की गई जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर प्राचार्य डॉ. एके दुबे के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रबंधन ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया है। मामले में कॉलेज की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया पर गंभीर आरोप
मामले में गिरफ्तार किए गए प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया को भी कॉलेज प्रबंधन ने सेवा से हटा दिया है। उन पर प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में कथित तौर पर मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
2019 से भारती विश्वविद्यालय से जुड़ा था प्रोफेसर
उपलब्ध जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सिवनी निवासी योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ था। करीब एक वर्ष पहले, वर्ष 2025 से उसे विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र लाने और ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
आरोप है कि प्रश्नपत्रों की आवाजाही की इसी जिम्मेदारी का फायदा उठाकर उसने प्रश्नपत्र लीक किया। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और पेपर लीक से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
पेपर लीक मामले में बढ़ी कार्रवाई
IGKV पेपर लीक प्रकरण में कॉलेज प्रबंधन की इस कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। प्राचार्य की बर्खास्तगी और आरोपी प्रोफेसर को सेवा से हटाए जाने से परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल और गंभीर हो गए हैं।
अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि प्रश्नपत्र लीक करने की पूरी प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
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