✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज़ | स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायपुर। केंद्रीय जेल रायपुर में बंद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को कथित तौर पर VIP सुविधा दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। मामले में निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे तीन जेल प्रहरियों में से एक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो अन्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित जेल अधीक्षकों को पत्र भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में टामन सोनवानी अस्पताल में अपने परिजनों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को लेकर जेल में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
एक जेल प्रहरी निलंबित, दो पर कार्रवाई के लिए पत्र
जानकारी के अनुसार, टामन सोनवानी की निगरानी के लिए जेल प्रहरी संदीप कुमार माहेश्वरी, नागेंद्र कुमार महतो और पवन कुमार लहरे की ड्यूटी लगाई गई थी।
वीडियो सामने आने के बाद रायपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने संदीप कुमार माहेश्वरी को निलंबित कर दिया। बताया गया है कि वह मूल रूप से बलौदाबाजार जिला जेल में पदस्थ था। वहीं, अन्य दो प्रहरियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए उनके मूल पदस्थापना वाले जेल अधीक्षकों को पत्र भेजा गया है।
जेल के बाहर मंगोड़ी सेंटर पर छापेमारी, नकदी और नशीला सामान जब्त
इसी बीच केंद्रीय जेल रायपुर के बाहर स्थित एक मंगोड़ी सेंटर पर जेल प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि छापेमारी के दौरान 72 हजार रुपये नकद, करीब 400 पैकेट सितार गुटखा, गांजा, तंबाकू, नशीली गोलियां और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
यह कार्रवाई सेंटर संचालक राजेश वर्मा के खिलाफ की गई है, जिसके बारे में बताया गया है कि वह जेल प्रहरी के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि सेंटर से नशीले पदार्थों की जेल के भीतर आपूर्ति की जाती थी। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि जांच और संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए।
जेल प्रहरी के पास से भी तंबाकू मिलने की जानकारी
मामले में मन्नत पुरैना नामक जेल प्रहरी के पास से 15 पैकेट तंबाकू मिलने की बात भी सामने आई है। यह भी आरोप लगाया गया है कि नशीले सामान से जुड़े लेनदेन का ऑनलाइन भुगतान प्रहरी अपनी बेटी के बैंक खाते में प्राप्त करता था।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जेल प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं। मंगोड़ी सेंटर पिछले तीन दिनों से बंद बताया जा रहा है। संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
एक ओर पूर्व CGPSC अध्यक्ष को कथित VIP सुविधा दिए जाने का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर जेल के बाहर संचालित सेंटर से नशीले पदार्थों की बरामदगी की जानकारी ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
अब यह देखना होगा कि जेल प्रशासन की जांच में इन मामलों में किन कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है और आगे क्या विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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