✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
जशपुर। एक तरफ सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जशपुर जिले से सामने आई एक तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां स्कूल का हैंडपंप खराब होने के कारण मासूम छात्र-छात्राओं को कथित तौर पर खेतों से बहकर आने वाले पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
मामला ग्राम पंचायत सुलेसा के शासकीय प्राथमिक शाला करमघाट का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार स्कूल परिसर के पास लगा हैंडपंप पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। इसके चलते बच्चों के सामने पीने के पानी का संकट उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय स्तर पर हैंडपंप खराब होने की शिकायत संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से कई बार किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पानी की सुविधा नहीं होने के कारण बच्चे कथित तौर पर पास के खेतों और नाले से बहकर आने वाले पानी का उपयोग कर रहे हैं।
दूषित पानी से बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा
गंदे अथवा दूषित पानी के सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले नौनिहालों के लिए तत्काल स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
जल्द दुरुस्त होगा हैंडपंप: BEO
मामले को लेकर बगीचा BEO सुदर्शन पटेल का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। संबंधित तकनीकी टीम को हैंडपंप/बोरिंग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार विभाग कब तक हैंडपंप को ठीक कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करता है। तब तक मासूम बच्चों को दूषित पानी पीने की मजबूरी से निजात मिलना जरूरी है।
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