✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लोहा चोरी के मामले में अब केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग तेज हो गई है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने 20 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। विधायक ने आरोप लगाया है कि सुनियोजित तरीके से राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए हजारों करोड़ रुपये मूल्य के लोहे की कथित चोरी की गई।
विधायक ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे पत्र के बाद मंत्रालय से प्राप्त जवाब को भी सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने दावा किया कि मामले में जल्द कार्रवाई होगी और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्रालय ने पत्र इस्पात मंत्रालय को भेजा
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से विधायक को भेजे गए जवाब में बताया गया कि उनका पत्र प्राप्त हो गया है। चूंकि मामला इस्पात मंत्रालय से संबंधित है, इसलिए आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र संबंधित मंत्रालय को भेज दिया गया है।
हालांकि, गृह मंत्रालय के जवाब में CBI जांच शुरू होने या मामले को CBI को सौंपे जाने की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में अब आगे संबंधित मंत्रालय और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।
फ्लू डस्ट के साथ आयरन स्क्रैप चोरी का आरोप
मामला भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले फ्लू डस्ट और उससे जुड़े अवशेषों से संबंधित बताया जा रहा है। आरोप है कि फ्लू डस्ट के साथ मौजूद आयरन स्क्रैप की कथित तौर पर चोरी की गई।
इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार BSP में फ्लू डस्ट अवशेष को उठाकर बिक्री करने का ठेका आरडीके इंडस्ट्री को मिला था। कथित चोरी के मामले में पुलिस की जांच जारी है।
आरोपी को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत
मामले में आरोपी विजेंद्र कुमार धुरिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर की थी।
आरोपी की ओर से अधिवक्ता मनोज मित्रा ने अदालत में पक्ष रखते हुए उसे निर्दोष बताया था और मामले में झूठा फंसाए जाने की बात कही थी। अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि मामले के कुछ सह-आरोपियों को 4 और 12 अगस्त को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
अदालत ने मामले के तथ्यों, सह-आरोपियों को मिली राहत और आरोपी के किसी आपराधिक रिकॉर्ड के सामने नहीं आने सहित अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जमानत प्रदान की। गिरफ्तारी की स्थिति में व्यक्तिगत बांड और एक जमानतदार पेश करने पर उसे जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया गया।
अदालत ने आरोपी पर गवाहों को प्रभावित नहीं करने, निष्पक्ष सुनवाई में बाधा नहीं डालने और ट्रायल कोर्ट में प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहने जैसी शर्तें भी लगाई हैं।
CBI जांच की मांग के बाद बढ़ी निगाहें
कथित लोहा चोरी के मामले में अब विधायक रिकेश सेन की ओर से CBI जांच की मांग किए जाने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पत्र को इस्पात मंत्रालय भेजे जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित मंत्रालय इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाती है।
देश के प्रमुख इस्पात संयंत्रों में शामिल है BSP
भिलाई स्टील प्लांट, SAIL (सेल) की प्रमुख इकाइयों में से एक है। इसकी स्थापना 1955 में तत्कालीन सोवियत संघ के सहयोग से हुई थी और वर्ष 1959 में यहां उत्पादन शुरू हुआ। इसके बाद से BSP देश के प्रमुख इस्पात उत्पादक संयंत्रों में शामिल रहा है और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है।
नोट: लोहा चोरी से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है। कथित चोरी की रकम और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने तथा सक्षम एजेंसी की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित आरोपियों का पक्ष और जांच एजेंसियों के निष्कर्ष सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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