*BREAKING: झीरम घाटी कांड में 13 साल बाद न्याय, NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को ठहराया दोषी*
छत्तीसगढ़ के सबसे दर्दनाक और बहुचर्चित *झीरम घाटी नक्सली हमले* में आखिरकार 13 साल बाद न्याय की घड़ी आई। *जगदलपुर स्थित विशेष NIA कोर्ट ने शनिवार को 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है।* मामले में कुल 11 आरोपी थे, जिनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को 27 लोगों की हत्या और 15 लोगों की हत्या के प्रयास के तहत दोषी माना है। सजा का ऐलान *16 सितंबर को होगा।*
*दोषी पाए गए आरोपियों में:* ज्योति उर्फ प्रमिला कोड़ियम, बंजामी उर्फ सन्ना, अयता मरकाम, मुक्का मंडावी, मड़कामी, देवा कवासी, कोसा चैतू उर्फ मुन्ना, कोसा कवासी, महादेव नाग, सुमित्रा शामिल हैं।
*101 गवाहों के बयान बने आधार*
लंबी चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 101 गवाहों के बयान और कई दस्तावेजी सबूत पेश किए। अंतिम बहस 10 अगस्त और 20 अगस्त को पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था।
*क्या था झीरम घाटी कांड?*
25 मई 2013 को कांग्रेस की *परिवर्तन यात्रा* सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी। दरभा के झीरम घाटी में घात लगाए 200 से ज्यादा नक्सलियों ने काफिले पर IED ब्लास्ट और अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष *नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार समेत 31 लोगों की जान गई थी।*
ये हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक नरसंहार माना जाता है।
*स्टेट रिपोर्टर - मनोज भट्ट*
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