✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
कोरबा। 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में आरोपी की तलाश के लिए दिल्ली गई कटघोरा पुलिस टीम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के हवाई यात्रा करने और यात्रा के लिए प्रार्थी से टिकट के पैसे लिए जाने के आरोपों के बाद कटघोरा थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई बिलासपुर रेंज आईजी कार्यालय स्तर से जांच के बाद की गई है। पुलिस के अनुसार, मामला कटघोरा थाने में दर्ज जेसीबी कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर कथित 55 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ा है।
आरोपी की तलाश में दिल्ली गई थी टीम
शिकायतकर्ता गौरव मोदी ने आरोप लगाया था कि जेसीबी कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर उनसे 55 करोड़ रुपये लिए गए हैं। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कटघोरा पुलिस की टीम को दिल्ली जाना था।
आरोप है कि पुलिस टीम को नियमानुसार ट्रेन से दिल्ली जाना था, लेकिन तत्काल टिकट नहीं मिलने के बाद प्रार्थी से कथित तौर पर हवाई यात्रा की टिकट बुक कराई गई। पुलिसकर्मी फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे और वापस लौटने के बाद प्रार्थी को बताया गया कि आरोपी फरार है तथा उसकी तलाश जारी है।
जांच के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस टीम की हवाई यात्रा की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामले की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में बिना अनुमति हवाई यात्रा करने और निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने की बात सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
निलंबित पुलिसकर्मियों में कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक एमबी पटेल, सहायक उप निरीक्षक राम पाण्डेय, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, प्रधान आरक्षक गोपाल यादव, प्रधान आरक्षक राजेश कंवर, आरक्षक प्रदीप राठौर, आरक्षक सुशील यादव और आरक्षक प्रशांत सिंह शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि एमबी पटेल समेत कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कबाड़ से जुड़े एक अन्य प्रकरण में भी दो दिन पहले कार्रवाई हो चुकी है। अब हवाई यात्रा से जुड़े मामले में भी उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
एसपी ने क्या कहा?
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि ठगी के प्रकरण में बिना अनुमति हवाई यात्रा करने के मामले में कटघोरा थाने के पांच और तीन अन्य पुलिसकर्मियों समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईजी कार्यालय से कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यशैली और सरकारी प्रक्रिया के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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