10 दिनों से हलक सूखे, टैंकरों की कतार में जिंदगी: लिंगियाडीह के 400 घरों में जल संकट; निगम नहीं बदल सका फुंकी हुई मोटर!
अपोलो के पीछे दसखोलिया और पीपलपारा में मोटर जलने से मचे हाहाकार पर सोता रहा सिस्टम; पार्षद बोले- "अफसरों को नहीं कोई परवाह"
नागरिक समस्या | बिलासपुर
एक तरफ स्मार्ट सिटी के दावे हैं, तो दूसरी तरफ शहर के लिंगियाडीह इलाके में बुनियादी सुविधाओं के लिए जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। पीपलपारा और अपोलो अस्पताल के पीछे दसखोलिया क्षेत्र में पानी सप्लाई की मोटर जले पूरे 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन अब तक एक अदद नई मोटर लगाने या पुरानी की मरम्मत कराने में नाकाम साबित हुआ है।
400 परिवारों पर सीधा असर, टैंकर बने एकमात्र आसरा
दोनों मोहल्लों को मिलाकर करीब 400 घरों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिलाएं और बच्चे बाल्टी-बर्तन लेकर दिनभर पानी के लिए भटक रहे हैं:
निगम की ओर से खानापूर्ति के लिए एकाध टैंकर भेजा जा रहा है, जो 400 परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों के आगे ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
लोग पानी के लिए निजी स्रोतों और पड़ोसियों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।
पार्षद ने निगम प्रशासन पर उठाए सवाल
वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने निगम की लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताया है। उनका कहना है:
"दोनों जगह मोटर खराब होने की लिखित और मौखिक सूचना जोन कमिश्नर और संबंधित अफसरों को कई बार दी जा चुकी है। 10 दिन का वक्त किसी भी मोटर को रिपेयर करने या नई लगाने के लिए बहुत ज्यादा होता है, लेकिन अफसर सिर्फ कागजों पर शिकायत दर्ज कर बैठ जाते हैं। आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।"
घनी आबादी वाले लिंगियाडीह में पीने के पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता को लेकर निगम का यह सुस्त और लापरवाह रवैया स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पैदा कर रहा है। जनता का सवाल है कि 10 दिन की प्यास के बाद भी निगम के जिम्मेदार कब जागेंगे?
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!