जिला जल स्वच्छता समिति की बैठक 15 सितम्बर को*
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़...
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बिलासपुर मंडल में 14 से 28 सितम्बर तक राजभाषा पखवाड़ा का आयोजन ।*
*बिलासपुर मंडल में 14 से 28 सितम्बर तक राजभाषा पखवाड़ा का आयोजन ।* बिलासपुर -11 सितम्बर 2026 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल में 14 सितम्बर से 28 सितम्बर 2026 तक राजभाषा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार, कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिन्दी के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पखवाड़े के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। राजभाषा पखवाड़े के अंतर्गत को बिलासपुर स्टेशन में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। मंडल हिन्दी पुस्तकालय में हिन्दी कार्यशाला के साथ अधिकारियों के लिए प्रश्न मंच प्रतियोगिता एवं कर्मचारियों के लिए हिन्दी निबंध, टिप्पण आलेखन, वाक् प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के सरल एवं प्रभावी प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। पखवाड़े के दौरान राजभाषा प्रगति विषयक निरीक्षण, दिनकर जयंती एवं राजभाषा संगोष्ठी, राजभाषा मोटिवेशन तथा टेबल ट्रेनिंग जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में हिन्दी के व्यावहारिक प्रयोग, राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन तथा कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने से संबंधित विषयों पर जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा। 28 सितंबर 2026 को राजभाषा पखवाड़े का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। समापन समारोह में पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंडल रेल प्रबंधक के करकमलों से पुरस्कृत किए जाएंगे। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
नाबालिग उम्र की गलती ताउम्र का अभिशाप नहीं: सहायक प्राध्यापक की बर्खास्तगी हाईकोर्ट ने की रद्द, नौकरी बहाल करने का आदेश
नाबालिग उम्र की गलती ताउम्र का अभिशाप नहीं: सहायक प्राध्यापक की बर्खास्तगी हाईकोर्ट ने की रद्द, नौकरी बहाल करने का आदेश * 17 साल की उम्र में दर्ज मामले को छिपाने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था * हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी— "किशोरावस्था के मुकदमों की आड़ में छीना नहीं जा सकता आजीविका का हक" * सरकारी सेवा में नियुक्ति से जुड़े मामलों के लिए अदालत ने पेश की बड़ी कानूनी नजीर कानूनी संवाददाता | विशेष रिपोर्ट नाबालिग उम्र में हुई नादानी का खामियाजा क्या किसी को अपनी पूरी जिंदगी और नौकरी गंवाकर भुगतना चाहिए? इस गंभीर मानवीय और कानूनी सवाल पर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) की बर्खास्तगी के आदेश को सिरे से रद्द कर दिया है। अदालत के इस फैसले से वर्षों से न्याय की आस लगाए बैठे प्राध्यापक को न सिर्फ अपनी सेवा वापस मिली है, बल्कि उनके स्वाभिमान की भी बहाली हुई है। पूरा मामला क्या था? संबंधित सहायक प्राध्यापक को सेवा सत्यापन (Verification) के दौरान इस आधार पर पद से बर्खास्त कर दिया गया था कि उन्होंने नियुक्ति के समय अपने खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामले की जानकारी छुपाई थी। विभाग की इस सख्त कार्रवाई के खिलाफ प्राध्यापक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि: * जिस मामले को 'आपराधिक इतिहास' बताकर कार्रवाई की गई, वह तब का था जब संबंधित व्यक्ति की उम्र महज 17 वर्ष (नाबालिग) थी। * किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) की मूल भावना यह है कि नाबालिग उम्र में हुए किसी अपराध या दर्ज मामले का कलंक भविष्य की आजीविका, रोजगार और सामाजिक जीवन पर असर नहीं डालना चाहिए। हाईकोर्ट का रुख: कानून का उद्देश्य सुधार है, जीवन बर्बाद करना नहीं अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विभाग द्वारा की गई बर्खास्तगी को पूरी तरह असंगत और अन्यायपूर्ण माना। अदालत ने स्पष्ट किया कि: * किशोरवय के मामलों का संरक्षण: कानून नाबालिगों को सुधरने का अवसर देता है। 17 साल की उम्र में घटित किसी घटना को जानबूझकर छिपाया गया गंभीर अपराध नहीं माना जा सकता। * अनुपातिकता का नियम: बिना पृष्ठभूमि और उम्र की परिस्थितियों को देखे किसी योग्य शिक्षक को सीधे नौकरी से बेदखल कर देना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। * बर्खास्तगी आदेश शून्य: अदालत ने तत्काल प्रभाव से प्राध्यापक की बर्खास्तगी रद्द करते हुए उन्हें सेवा में बहाल करने और सभी संबंधित लाभ देने के निर्देश दिए। > क्यों अहम है यह फैसला? > यह फैसला उन तमाम युवाओं और कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी किरण है, जिनके किशोरावस्था के पुराने मामले या बंद हो चुके विवाद पुलिस वेरिफिकेशन के समय उनके करियर में रोड़ा बनकर खड़े हो जाते हैं। हाईकोर्ट ने साफ संदेश दिया है कि नियमों की आड़ में किसी के भविष्य और करियर को अमानवीय ढंग से कुचला नहीं जा सकता। > अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
आप' का सियासी दांव: आनंद बने आम आदमी पार्टी के नए प्रदेश प्रवक्ता, कार्यकर्ताओं में दौड़ी ऊर्जा की लहर
'आप' का सियासी दांव: आनंद बने आम आदमी पार्टी के नए प्रदेश प्रवक्ता, कार्यकर्ताओं में दौड़ी ऊर्जा की लहर * संगठन को धार देने के लिए पार्टी हाईकमान का बड़ा फैसला; मुखर चेहरे पर जताया भरोसा * विपक्ष और सत्ता पक्ष को मुद्दों पर घेरने की नई रणनीति, कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाइयां * नवनियुक्त प्रवक्ता बोले— "जनता की आवाज बनकर लड़ेंगे, हर मंच पर बेनकाब होगी जनविरोधी नीतियां" राजनीतिक ब्यूरो आगामी राजनीतिक चुनौतियों और जमीनी मुद्दों पर आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने संगठनात्मक ढांचे को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी नेतृत्व ने सक्रिय और मुखर नेता आनंद को प्रदेश प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इस नियुक्ति का ऐलान होते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। क्यों अहम है यह नियुक्ति? पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि वर्तमान सियासी माहौल में जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों—जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली-पानी, बेरोजगारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार—को मीडिया और जनता के बीच मजबूती से रखने के लिए एक आक्रामक और तथ्यात्मक प्रवक्ता की आवश्यकता थी। आनंद को प्रदेश प्रवक्ता बनाकर पार्टी ने यह साफ संकेत दे दिया है कि वह सरकार की नाकामियों को उजागर करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। * जमीनी पकड़ और बेबाक अंदाज: आनंद को उनकी तार्किक शैली, त्वरित प्रतिक्रिया और संगठन के प्रति निष्ठा का इनाम मिला है। * कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल: घोषणा के बाद पार्टी दफ्तरों में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे संगठन के लिए नई ऊर्जा बताया। "सड़क से मीडिया तक जनता के हक की लड़ाई लड़ी जाएगी": आनंद प्रदेश प्रवक्ता पद की कमान संभालने के बाद आनंद ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा: > "हाईकमान ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उस पर खरा उतरना ही मेरी प्राथमिकता है। पार्टी की विचारधारा और आम जनता की आवाज को हर मंच पर पूरी ताकत और तर्कों के साथ रखा जाएगा। सत्ता में बैठे लोगों से तीखे सवाल पूछने का सिलसिला अब और तेज होगा।" > आगामी दिनों में दिखेगा तीखा सियासी घमासान राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आनंद की नियुक्ति के बाद पार्टी के बयानों और प्रेस वार्ताओं में ज्यादा आक्रामकता देखने को मिलेगी। टीवी डिबेट्स से लेकर सोशल मीडिया और जमीनी प्रेस कॉन्फ्रेंस तक पार्टी अब नए तेवर के साथ सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों को सीधे मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
बड़े पर्दे पर चमकेगी सनातन आस्था: छत्तीसगढ़ में फिल्म ‘हनुमान अंश’ हुई टैक्स फ्री, सरकार का बड़ा फैसला
बड़े पर्दे पर चमकेगी सनातन आस्था: छत्तीसगढ़ में फिल्म ‘हनुमान अंश’ हुई टैक्स फ्री, सरकार का बड़ा फैसला * सिनेमाघरों में अब कम दाम में टिकट: परिवार समेत भव्य गाथा देख सकेंगे दर्शक * आस्था और आधुनिक सिनेमा का अनूठा संगम; रिलीज से पहले ही प्रदेश भर में जबरदस्त क्रेज * सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार का ऐतिहासिक कदम एंटरटेनमेंट डेस्क | रायपुर (छत्तीसगढ़) सनातन संस्कृति, पौराणिक आस्था और भव्य विजुअल्स से सजी बहुचर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा और जनहितैषी फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने इस फिल्म को पूरे राज्य में टैक्स फ्री (Tax Free) करने की घोषणा कर दी है। सरकार के इस कदम के बाद सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में टिकटों की कीमतें काफी कम हो जाएंगी, जिससे राज्य का हर वर्ग और परिवार इस पौराणिक-आध्यात्मिक प्रस्तुति को बड़े पर्दे पर देख सकेगा। क्यों खास है फिल्म 'हनुमान अंश'? * आस्था और कल्पना का अद्भुत मेल: फिल्म में पवनपुत्र भगवान हनुमान के अंश, उनकी असीम शक्तियों और लोक-कथाओं से जुड़े रहस्यों को आधुनिक वीएफएक्स (VFX) और प्रभावशाली संगीत के साथ पिरोया गया है। * युवा पीढ़ी के लिए प्रेरक संदेश: फिल्म का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, समर्पण और धर्म की रक्षा के मूल मूल्यों से जोड़ना है। * भावुक और रहस्यमयी प्लॉट: जारी किए गए पोस्टर और टीजर ने पहले ही दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं, जिसमें एक साधारण इंसान के भीतर छिपे ईश्वरीय तेज और दिव्य शक्तियों के संघर्ष को दिखाया गया है। टैक्स फ्री होने से दर्शकों और सिनेमा को क्या फायदा? * सस्ती होंगी टिकटें: राज्य जीएसटी (SGST) में छूट मिलने से आम परिवारों और युवाओं की जेब पर बोझ नहीं पड़ेगा। * संस्कृति को प्रोत्साहन: सरकार के इस फैसले से ऐसी फिल्मों के निर्माण को बल मिलेगा जो हमारी जड़ों और पौराणिक इतिहास को गर्व के साथ प्रस्तुत करती हैं। * सिनेमाघरों में उमड़ेगी भीड़: त्योहारी माहौल और छुट्टियों के बीच टैक्स फ्री होने से सिनेमाघरों में भारी दर्शकों की आमद तय मानी जा रही है। > दर्शकों और सामाजिक संगठनों ने किया स्वागत > सरकार की इस घोषणा के बाद से प्रदेश भर के सिनेमा प्रेमियों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक फिल्म के लिए छूट नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और आस्था को बड़े स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास है। > अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी बात
भक्ति के नाम पर प्रकृति से दगाबाजी! बिलासपुर में बिक रही थीं जहरीली PoP की मूर्तियां; निगम की छापेमारी में 24 गणेश प्रतिमाएं जब्त
भक्ति के नाम पर प्रकृति से दगाबाजी! बिलासपुर में बिक रही थीं जहरीली PoP की मूर्तियां; निगम की छापेमारी में 24 गणेश प्रतिमाएं जब्त निगम और पर्यावरण विभाग की संयुक्त स्ट्राइक: शहर के मूर्ति बाजारों में मचा हड़कंप सख्ती से साफ संदेश— 'पर्यावरण से खिलवाड़ कर नहीं मनेगा गणेशोत्सव, मिट्टी के बप्पा ही पूजे जाएंगे' दुकान-दुकान सघन जांच; नियमों की अनदेखी करने वाले मूर्तिकारों पर कानूनी शिकंजा जनहित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन | बिलासपुर गणेशोत्सव के उल्लास के बीच आस्था की आड़ में पर्यावरण को ज़हर बांटने वाले कारोबारियों पर नगर निगम और पर्यावरण विभाग की टीम ने बड़ा वार किया है। प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) से तैयार की जा रहीं और धड़ल्ले से बेची जा रहीं 24 गणेश प्रतिमाओं को प्रशासन ने मौके पर छापा मारकर सीधे जब्त कर लिया। इस औचक कार्रवाई से शहरभर के मूर्ति बाजारों और पंडालों में खलबली मच गई है। आस्था के बाजार में नियमों की बलि क्यों? गणेशोत्सव के दौरान नदियों, तालाबों और जलस्रोतों को PoP के रासायनिक जहर से बचाने के लिए प्रशासन ने पहले ही सख्त गाइडलाइन जारी की थी। लेकिन ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई मूर्तिकारों और व्यापारियों ने मिट्टी की जगह आसानी से बनने वाली PoP मूर्तियों का स्टॉक सजा लिया था। संयुक्त टीम का औचक छापा: नगर निगम के अधिकारियों और पर्यावरण अमले ने शहर के संवेदनशील इलाकों और मूर्ति निर्माण/बिक्री केंद्रों पर अचानक दबिश दी। 24 मूर्तियां जब्त: निरीक्षण के दौरान जैसे ही प्रतिमाओं की जांच की गई, वे रासायनिक और प्रतिबंधित PoP की पाई गईं, जिन्हें फौरन सरकारी कब्जे में ले लिया गया। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई: अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में चेताया है कि शहर के भीतर किसी भी कोने में यदि PoP की मूर्तियां बिकती पाई गईं, तो जब्ती के साथ-साथ भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी। PoP की मूर्तियां: आस्था नहीं, जलस्रोतों के लिए अभिशाप जांच में शामिल विशेषज्ञों और अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे भगवान गणेश के स्वागत में प्रकृति को चोट न पहुंचाएं। सालों तक नहीं गलतीं: PoP पानी में घुलनशील नहीं होता और जलस्रोतों के तल में जमकर पानी को हमेशा के लिए प्रदूषित कर देता है। जहरीले रंग: इनमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल और लेड युक्त रंग जलीय जीवों की मौत का कारण बनते हैं। मिट्टी की प्रतिमा ही सनातनी परंपरा: सनातन धर्म की मूल मान्यता भी मिट्टी (पार्थिव) से मूर्ति बनाकर उसी में विसर्जित करने की है। प्रशासन की सख्त चेतावनी: "भक्ति का सम्मान है, लेकिन प्रकृति और कानून से खिलवाड़ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। आम नागरिक सिर्फ मिट्टी की मूर्तियों की ही स्थापना करें, और व्यापारी प्रतिबंधित माल बेचने की जुर्रत न करें।" अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
चुप्पी टूटी, झिझक छूटी: जे.के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में गूंजा ‘जागरूक नारी’ का संदेश, छात्राओं को मिली मासिक धर्म स्वास्थ्य की वैज्ञानिक सीख
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी चुप्पी टूटी, झिझक छूटी: जे.के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में गूंजा ‘जागरूक नारी’ का संदेश, छात्राओं को मिली मासिक धर्म स्वास्थ्य की वैज्ञानिक सीख * आर्यन फिल्म की सराहनीय पहल— रूढ़िवादिता और सामाजिक भ्रांतियों पर सीधा प्रहार * बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल (IAS) की मौजूदगी ने बढ़ाया हौसला; स्वच्छता और सेहत पर खुला विमर्श * बंद कमरों की झिझक से बाहर निकलकर छात्राओं ने जानी मेंस्ट्रुअल हाइजीन की वैज्ञानिक हकीकत सिटी वॉच डेस्क | बिलासपुर जिस विषय पर समाज में आज भी दबी जुबान में बात की जाती है, उसी रूढ़िवादी चुप्पी को तोड़ते हुए बिलासपुर के जे.के. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में एक सशक्त बदलाव की शुरुआत देखने को मिली। संस्थान में आर्यन फिल्म के तत्वावधान में विशेष ‘मासिक धर्म स्वास्थ्य जागरूकता अभियान – जागरूक नारी’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अभियान का मूल उद्देश्य छात्राओं के मन में वर्षों से बैठी सामाजिक झिझक और कुरीतियों को मिटाकर उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर व्यक्तिगत स्वच्छता व स्वास्थ्य का पाठ पढ़ाना था। अंधविश्वास और शर्म नहीं, वैज्ञानिक सोच जरूरी अभियान के दौरान विशेषज्ञों ने साफ किया कि मासिक धर्म कोई बीमारी, अपवित्रता या शर्म का विषय नहीं, बल्कि एक पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ प्राकृतिक प्रक्रिया है। छात्राओं को विस्तार से समझाया गया कि: * सही सैनिटरी उत्पादों का चयन और उनका सुरक्षित निपटान कैसे किया जाए। * संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) के क्या नियम हैं। * भ्रामक लोककथाओं और पुरानी बंदिशों को दरकिनार कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आज की पीढ़ी के लिए कितना अनिवार्य है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बढ़ाया छात्राओं का आत्मविश्वास कार्यक्रम में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल (IAS) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि एक स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है जब हमारी बेटियां अपने शारीरिक स्वास्थ्य और अधिकारों को लेकर बेझिझक बात कर सकें। जब तक हम मासिक धर्म जैसे बुनियादी स्वास्थ्य मुद्दों पर खुलकर संवाद नहीं करेंगे, तब तक वास्तविक महिला सशक्तिकरण अधूरा रहेगा। पोस्टर विमोचन के साथ लिया जागरूकता फैलाने का संकल्प समारोह के दौरान अतिथियों और आयोजकों द्वारा 'जागरूक नारी' अभियान से जुड़े पोस्टर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों, विशेषज्ञों और छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे इस संदेश को केवल संस्थान की चारदीवारी तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज के हर कोने तक पहुंचाकर सामाजिक बदलाव की मजबूत कड़ी बनेंगे।
सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी में अत्याधुनिक फिटनेस सेंटर का लोकार्पण: केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने की पहल की सराहना, छात्रों को दिया लोकसभा भ्रमण का न्योता
सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी में अत्याधुनिक फिटनेस सेंटर का लोकार्पण: केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने की पहल की सराहना, छात्रों को दिया लोकसभा भ्रमण का न्योता बिलासपुर शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, भरनी के विशाल प्रांगण में नवनिर्मित फिटनेस सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अत्याधुनिक फिटनेस सेंटर का उद्घाटन भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। समारोह में क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शिक्षा के साथ स्वास्थ्य का बेहतर तालमेल जरूरी: केंद्रीय राज्यमंत्री फिटनेस सेंटर का लोकार्पण करने के बाद मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के लिए विद्यालय प्रबंधन और प्रबंध निदेशक डॉ. जी.एस. पटनायक की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्हें देश की संसद (लोकसभा) के भ्रमण का विशेष आमंत्रण दिया, जिसे स्कूल प्रबंधन ने सहर्ष स्वीकार किया। आधुनिक खेल सुविधाओं की विधायक ने की सराहना, दिया विधानसभा भ्रमण का न्योता विशिष्ट अतिथि तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की सराहना की। उन्होंने कहा कि फिटनेस सेंटर के अलावा स्कूल में स्थापित: * अटल टिंकरिंग लैब * बास्केटबॉल कोर्ट * वॉलीबॉल कोर्ट * फुटबॉल ग्राउंड * स्विमिंग पूल * कंप्यूटर की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था ये सभी संसाधन बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर हर क्षेत्र में अव्वल बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके साथ ही विधायक धर्मजीत सिंह ने भी छात्रों के संसदीय और विधायी ज्ञान को समृद्ध करने के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा भ्रमण के लिए आमंत्रित किया। समारोह में ये रहे उपस्थित कार्यक्रम के दौरान संस्था के प्रबंध निदेशक डॉ. जी.एस. पटनायक, डायरेक्टर सुश्री लेखा श्री, प्रबंध समिति सदस्य सुश्री दिव्याश्री, सुदर्शन पटनायक, प्रभाकर पटनायक, असिस्टेंट डायरेक्टर ए. सामंत रॉय, विद्यालय के सीईओ/प्राचार्य डॉ. बी.बी. महाता, उप-प्राचार्य दिनेश विष्ट और प्रधान पाठिका नैंसी पारेख सहित शिक्षकगण व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
गणेशोत्सव में भक्ति की गूंज, हुड़दंग पर खाकी की नजर: बिलासपुर पुलिस ने आयोजकों के साथ कसी कमर; 'फुहड़ गानों और नशेड़ियों पर नो-एंट्री', 24 सितंबर तक विसर्जन की डेडलाइन
गणेशोत्सव में भक्ति की गूंज, हुड़दंग पर खाकी की नजर: बिलासपुर पुलिस ने आयोजकों के साथ कसी कमर; 'फुहड़ गानों और नशेड़ियों पर नो-एंट्री', 24 सितंबर तक विसर्जन की डेडलाइन बिलासपुर: आस्था और उल्लास के सबसे बड़े पर्व ‘गणेशोत्सव’ को लेकर न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आगामी दिनों में बप्पा के आगमन से लेकर विसर्जन झांकियों तक, शहर में सुरक्षा और सौहार्द की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने आयोजकों के साथ सीधी बातचीत की। गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, सीएसपी सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार, प्रशिक्षु डीएसपी आकाश चौधरी सहित सिरगिट्टी, सिविल लाइन, तारबाहर, तोरवा और सिटी कोतवाली के थाना प्रभारियों ने शहर की लगभग 27 प्रमुख गणेश उत्सव समितियों के अध्यक्षों और आयोजकों के साथ बिंदुवार चर्चा की। बैठक में पुलिस ने साफ संदेश दिया कि उत्सव की भव्यता और भक्ति का पूरा सम्मान है, लेकिन कानून-व्यवस्था, यातायात और आम जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पंडालों की सुरक्षा और व्यवस्था: पुलिस के 10 कड़े निर्देश आयोजन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए समितियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं: * प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य: सभी समितियों को अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM राजस्व बिलासपुर) से विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। * सड़क पर पंडाल नहीं: मूर्ति स्थापना के लिए पंडाल मुख्य सड़कों पर कतई न लगाए जाएं, जिससे कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराए या आम राहगीरों को जाम से जूझना पड़े। * सुरक्षित विद्युत वायरिंग: पंडालों में बिजली का अस्थायी कनेक्शन पूरी सुरक्षा मानकों के साथ किया जाए, ताकि शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी जनहानि की आशंका न रहे। * सक्रिय वॉलिंटियर्स की तैनाती: व्यवस्था संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आयोजन समितियां अपने स्तर पर पर्याप्त संख्या में अनुशासित वॉलिंटियर्स तैनात करेंगी। * अश्लील गानों पर पूर्ण पाबंदी: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए पुलिस ने दो-टूक कहा कि पंडालों में सिर्फ पारंपरिक व धार्मिक भजन ही बजेंगे। किसी भी तरह के फूहड़ या भड़काऊ गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। * इमरजेंसी रूट खुला रखें: पंडालों का स्थान और पहुंच मार्ग ऐसा होना चाहिए कि आपात स्थिति में अग्निशमन (दमकल) और एम्बुलेंस बिना रुकावट सीधे पहुंच सकें। * असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों पर 'नो-एंट्री': पंडाल परिसर में किसी भी हथियारबंद व्यक्ति या शराब/नशे की हालत में घूमने वाले असामाजिक तत्वों को बिल्कुल प्रवेश न दिया जाए। * विसर्जन की तय डेडलाइन: सभी समितियों को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 24 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से संपन्न कर लिया जाए। * समन्वय से विसर्जन: विसर्जन यात्रा के दौरान समितियां एक-दूसरे से तालमेल बैठाकर चलेंगी और विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा तय किए गए अधिकृत घाटों/स्थानों पर ही होगा। * तीसरी आंख की निगरानी: सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सभी आयोजक समितियों को अपने-अपने पंडाल परिसर में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ पड़ा भारी तो सीधे नपेंगे आयोजक बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से दोस्ताना लहजे में सहयोग की अपील करते हुए चेतावनी भी दी कि नियमों की अनदेखी करने या नियमों का उल्लंघन कर शहर की शांति में खलल डालने वालों के खिलाफ प्रशासन बिना किसी हिचकिचाहट के कानूनी कार्रवाई करेगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यही है कि बिलासपुर की सड़कें जाम-मुक्त रहें और बप्पा का पर्व पूरे गरिमा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
सेवा संकल्प अभियान को लेकर कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक*
*सेवा संकल्प अभियान को लेकर कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक* *17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा माहभर का अभियान* *12 सेवा प्रकल्पों के माध्यम से होंगे विभिन्न आयोजन* बिलासपुर,10 सितम्बर 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक माहभर चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को लेकर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों, 12 प्रकार के सेवा प्रकल्पों तथा प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी और अभियान में जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर सेवा और समाज के प्रति दायित्व को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जाए। अभियान के दौरान प्रस्तावित सभी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए।उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा कार्यों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासन अभियान के दौरान आवश्यक समन्वय एवं सहयोग के लिए तत्पर रहेगा। *सेवा कार्यों के माध्यम से समाज को जोड़ने का अवसर* जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर सेवा कार्यों को व्यापक स्वरूप दे सकते हैं। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि नगरीय क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों को जनभागीदारी के साथ प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, जनसेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से शहरवासियों को अभियान से जोड़ा जाएगा। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में नगर निगम की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री दीपक सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा और समर्पण की प्रेरणादायी यात्रा के 25 वर्ष हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पार्टी के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर सेवा कार्यों में सहभागी बनेंगे। उन्होंने कहा कि अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी स्तरों पर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित गतिविधियों, उनके क्रियान्वयन तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की गई। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
माय भारत युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न* *नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास एवं एआई टूल्स का दिया गया प्रशिक्षण
*माय भारत युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न* *नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास एवं एआई टूल्स का दिया गया प्रशिक्षण* बिलासपुर, 10 सितम्बर 2026/युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत (माय भारत) बिलासपुर द्वारा क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र, सरकंडा में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों का 6 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के समापन समारोह में जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए युवाओं की ऊर्जा एवं क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग कर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, कोरिया एवं एमसीबी जिले के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, टीम भावना, सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका की भावना विकसित करना रहा। छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान योग, माइंड मैनेजमेंट, एटीट्यूड मैनेजमेंट, व्यक्तित्व विकास, पंचायती राज, युवा मंडल, नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता, माय भारत की भूमिका, बॉडी लैंग्वेज, सामुदायिक सहभागिता एवं एआई टूल्स के उपयोग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों एवं रिसोर्स पर्सन्स द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। फील्ड विजिट, सामुदायिक गतिविधियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेवकों को व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र की आयुक्त श्रीमती अर्चना शुक्ला, माय भारत बिलासपुर के उप निदेशक श्री नितिन शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समापन अवसर पर राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसके पश्चात प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
सत्ता के गलियारे से 80 के दशक की सैर! साय कैबिनेट पर चढ़ा 'रेट्रो AI' का बुखार, तस्वीरों पर सियासत भी गरमाई
सत्ता के गलियारे से 80 के दशक की सैर! साय कैबिनेट पर चढ़ा 'रेट्रो AI' का बुखार, तस्वीरों पर सियासत भी गरमाई रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में फाइलों, बयानों और बैठकों की गंभीर दुनिया को छोड़ अचानक 40 साल पुराना रेट्रो दौर लौट आया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों तूफान मचा रहे '1980s Retro AI Trend' के रंग में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत उनकी पूरी कैबिनेट रंग गई है। सीएम से लेकर दोनों डिप्टी सीएम और तमाम मंत्रियों की 80 के दशक के विंटेज स्टाइल वाली तस्वीरें इंटरनेट पर आग की तरह वायरल हो रही हैं। खादी के कुर्ते से 'बेलबॉटम' और रेट्रो हेयरस्टाइल तक का सफर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस नए ट्रेंड में साय कैबिनेट के नेताओं का रूप-रंग ऐसा बदला है कि पहली नजर में पहचानना मुश्किल हो जाए: विंटेज स्टाइल और फिल्मी रंगत: 80 के दशक के बड़े कॉलर वाले कुर्ते, रेट्रो धूप के चश्मे (एविएटर लुक), उस दौर की क्लासिक हेयरस्टाइल और एनालॉग कैमरे की हल्की पीली-दानेदार (Grainy) टोन। साय और शर्मा की रेट्रो जोड़ी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गंभीर चेहरा 80 के दशक के युवा राजनेता की तरह दिख रहा है, तो वहीं डिप्टी सीएम विजय शर्मा और अरुण साव किसी रेट्रो हिंदी सिनेमा के हीरो के गेटअप में नजर आ रहे हैं। पूरी कैबिनेट शामिल: मंत्री ओ.पी. चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े, श्यामबिहारी जायसवाल, दयालदास बघेल से लेकर गुरु खुशवंत साहेब तक सभी की 'टाइम ट्रैवल' वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही हैं। जनसंपर्क का नया हथियार या गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने का खेल? डिजिटल दौर में जहां नेताओं की छवि गंभीर और सख्त मानी जाती है, वहां पूरी कैबिनेट का इस तरह ट्रेंडिंग कल्चर में कूदना चर्चा का विषय बन गया है। युवाओं को साधने की डिजिटल चाल: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया की नई पीढ़ी (Gen-Z) से कनेक्ट करने के लिए सत्ताधारी दल अब पारंपरिक विज्ञापनों के बजाय ऐसे पॉप-कल्चर और AI ट्रेंड्स का सहारा ले रहा है, ताकि नेताlओं की स्वीकार्यता और रीच बढ़े। विपक्ष और आलोचकों के तीखे तीर: दूसरी तरफ विरोधी इसे आड़े हाथों लेने से नहीं चूक रहे। आलोचकों का कहना है कि जब प्रदेश में गड्ढों वाली सड़कें, प्रशासनिक लचरता और बुनियादी समस्याएं सिर उठाए खड़ी हैं, तब पूरी कैबिनेट सोशल मीडिया पर 'विंटेज मॉडलिंग' और टाइमपास करने में मशगूल है। क्या है यह '1980s Retro AI Trend'? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह ट्रेंड आधुनिक तस्वीरों को AI एल्गोरिद्म के जरिए 1980 के दशक के कैमरे, पहनावे, बैकग्राउंड और कलर ग्रेडिंग में तब्दील कर देता है। आम यूजर्स और बॉलीवुड सितारों के बाद अब छत्तीसगढ़ के सत्ताधीशों की मौजूदगी ने इसे सियासी रंग दे दिया है। तस्वीरें भले ही मनोरंजक लग रही हों, लेकिन सवाल वही है—क्या डिजिटल स्क्रीन पर 80 के दशक में लौटी सरकार जमीनी स्तर पर 2026 के वादों और चुनौतियों को उसी रफ्तार से पूरा कर पाएगी? अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
कॉपी-पेन लेकर स्कूल पहुंचे भागवत साहू, बच्चों को पढ़ाई के लिए किया प्रेरित
✍️ कॉपी-पेन लेकर स्कूल पहुंचे भागवत साहू, बच्चों को पढ़ाई के लिए किया प्रेरित लालाधुरवा और सोनाडुला स्कूल में विद्यार्थियों को बांटी कॉपी-पेन, किताबें एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री; बच्चों से संवाद कर शिक्षा के महत्व को समझाया सारंगढ़-बिलाईगढ़। विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में ग्राम पंचायत गुडेली निवासी भागवत साहू ने एक सकारात्मक पहल की। भागवत साहू ने लालाधुरवा एवं सोनाडुला स्थित स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से मुलाकात की और उन्हें पढ़ाई के लिए आवश्यक कॉपी, पेन, किताबें एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की। इस पहल के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई और स्कूल से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, कक्षा में ध्यानपूर्वक पढ़ने तथा रोजाना पढ़ाई के लिए समय निकालने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने और अनुशासन के साथ जीवन में आगे बढ़ने की सीख दी। भागवत साहू ने बच्चों से कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान की गई मेहनत और लगन आगे चलकर जीवन में काफी उपयोगी साबित होती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करने तथा किसी भी कठिन परिस्थिति में पढ़ाई को बीच में न छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में ज्ञान और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उसे अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने में भी मदद करती है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को अपनी पढ़ाई को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि सफलता के लिए केवल किताबें पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय का सही उपयोग, अनुशासन, नियमितता और अच्छे संस्कार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों में दिखा उत्साह स्कूल में शैक्षणिक सामग्री का वितरण किए जाने के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। कॉपी, पेन, किताबें और अन्य पढ़ाई की सामग्री मिलने से बच्चों को अपनी पढ़ाई में मदद मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर बच्चों को पढ़ाई के प्रति सकारात्मक सोच रखने और अपने भविष्य के लिए मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। भागवत साहू ने कहा कि कई बार बच्चों के सामने पढ़ाई से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतें भी चुनौती बन जाती हैं। ऐसे में समाज के लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार विद्यार्थियों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। बच्चों की शिक्षा में किया गया सहयोग उनके भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। शिक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने की जिम्मेदारी केवल परिवार या स्कूल तक सीमित नहीं है। समाज की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। जब परिवार, शिक्षक और समाज मिलकर बच्चों को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं, तो विद्यार्थियों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने लक्ष्य को लेकर अधिक गंभीर होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने माता-पिता की मेहनत को समझें और अपने जीवन में कुछ अच्छा करने का प्रयास करें। शिक्षकों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा और मार्गदर्शन को गंभीरता से लेते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील भी की गई। अन्य स्कूलों में भी किया गया सहयोग बताया गया कि भागवत साहू द्वारा क्षेत्र के अन्य स्कूलों में भी विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस पहल के माध्यम से बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि पढ़ाई के प्रति मेहनत और लगन ही उनके भविष्य को नई दिशा दे सकती है। विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें नियमित अध्ययन और अनुशासन के लिए प्रेरित करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। कार्यक्रम के दौरान विशाल पटेल, दीपक मोरिया, राहुल सारथी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक सामग्री वितरण करने और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की पहल की सराहना की। इस तरह भागवत साहू की यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के महत्व को लेकर एक सकारात्मक संदेश देने वाली रही। बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी शैक्षणिक जरूरतों में सहयोग करने जैसे प्रयास निश्चित रूप से शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज़ ब्लॉक रिपोर्टर — राहुल सारथी सारंगढ़-बिलाईगढ़