हादसों के बाद जागने का ढोंग नहीं चलेगा: CM विष्णु देव साय का कड़ा फरमान, ‘जर्जर और जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में चूके तो नपेंगे अफसर’
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मतदाता जागरूकता को लेकर ईएलसी 2.0 के तहत नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण*
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी *मतदाता जागरूकता को लेकर ईएलसी 2.0 के तहत नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण* बिलासपुर, 10 सितम्बर 2026/जिले में मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवकुमार बनर्जी की अध्यक्षता में ईएलसी 2.0 की कार्ययोजना के तहत जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों एवं विधानसभा स्तरीय को-ऑर्डिनेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्री अंकित तिवारी एवं सहायक निर्वाचन पर्यवेक्षक श्री ब्रजेश पाण्डेय उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स श्री मिथिलेश मिश्रा, श्री राजेश कुमार सोनी एवं श्री राजीव शर्मा ने विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्हें ईसीआईनेट एप, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, नाम विलोपन, संशोधन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अर्हता तिथियों की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईवीएम-वीवीपैट से मतदान, संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों, नैतिक एवं सूचित मतदान तथा निर्वाचन संबंधी गलत सूचनाओं एवं फर्जी खबरों से बचाव के संबंध में भी जानकारी दी गई। विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर क्विज, वर्ग पहेली एवं शब्द खोज जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को मतदाता जागरूकता से जोड़ने तथा ईएलसी के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर विशेष जोर, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दिए कड़े निर्देश*
*विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर विशेष जोर, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दिए कड़े निर्देश* *सड़कों व पुलों के निर्माण, जल जीवन मिशन, खेल गतिविधियों और नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की, निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने कहा* बिलासपुर. 10 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बीजापुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन विभागों के स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बीजापुर जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्वीकृत एवं निर्माणाधीन सड़कों, पुलों, शासकीय भवनों तथा अधोसंरचना विकास के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब पर रोक लगाने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने अप्रारंभ कार्यों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही एवं यथाशीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री द्वारा फुंडरी में निर्माणाधीन पुल की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। श्री साव ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर पुल को आवागमन के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं बेदरे में निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल के संबंध में अधिकारियों ने रिटेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने तथा वर्क ऑर्डर जारी किए जाने की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने और निर्धारित समय में पूरा करने को कहा। उन्होंने बासागुड़ा में तालपेरु नदी पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल सहित जिले के अन्य पुल-पुलियों की प्रगति की भी समीक्षा की। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ‘हर घर जल’ योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार तक नियमित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं की सतत निगरानी, अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने तथा कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और लापरवाही बरतने से बचने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में राजस्व संग्रहण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि जिले में अब भयमुक्त और सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। इस अनुकूल वातावरण का लाभ बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने में लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही बच्चों में खेलों के प्रति रुचि विकसित करने तथा उन्हें नियमित रूप से खेल गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों, पीटीआई, प्रशिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेते हुए गांव-गांव में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने बच्चों को विभिन्न खेल विधाओं में प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि जिले में विकास कार्यों को गति देने के साथ उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक श्री उमेश प्रसाद गुप्ता, डीएफओ डॉ. जाधव सागर और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे सहित चारों विभागों के संभागीय स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
कलेक्टर ने डीसीएस गिरदावरी सर्वे का किया स्थल निरीक्षण*
*कलेक्टर ने डीसीएस गिरदावरी सर्वे का किया स्थल निरीक्षण* *समय-सीमा में शत-प्रतिशत त्रुटिरहित सर्वे और अप्रूवल सुनिश्चित करने के दिए निर्देश* बिलासपुर, 10 सितंबर /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में जारी डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) गिरदावरी कार्य का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम निपनिया एवं धौराभाटा, तहसील बिल्हा तथा ग्राम बोदरी, तहसील बोदरी में पहुंचकर प्राइवेट सर्वेयरों द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य की मौके पर स्थिति देखी। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अग्रवाल ने सर्वे कार्य की प्रगति, दर्ज की जा रही जानकारी तथा मौके पर किए जा रहे भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और सर्वेयरों को निर्देशित किया कि डीसीएस गिरदावरी का कार्य निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूर्ण करते हुए त्रुटिरहित सर्वे सुनिश्चित करें तथा सर्वे किए गए प्लॉटों का अप्रूवल भी समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में गुणवत्ता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि किसानों एवं खातेदारों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस दौरान अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी, प्राइवेट सर्वेयर, संबंधित खातेदार एवं ग्रामवासी मौके पर उपस्थित रहे। *64 प्रतिशत से अधिक प्लॉटों का सर्वे पूर्ण* जिले में डीसीएस गिरदावरी का कार्य 17 अगस्त से प्रारंभ किया गया है। जिले में कुल 5,85,228 प्लॉट का सर्वे किया जाना है, जिसमें से अब तक 3,72,882 प्लॉटों का सर्वे, यानी लगभग 64 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। डीसीएस गिरदावरी कार्य की अंतिम तिथि पूर्व में 30 सितंबर निर्धारित थी, जिसे शासन द्वारा एक सप्ताह बढ़ाया गया है। कलेक्टर ने शेष कार्य को निर्धारित विस्तारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए अधिकारियों एवं सर्वेयरों को गति के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। *ग्रामवासियों से योजनाओं के लाभ की भी ली जानकारी* कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने डिजिटल गिरदावरी सर्वे के निरीक्षण के साथ ग्रामवासियों से संवाद भी किया। उन्होंने शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली तथा ग्रामीणों से पूछा कि उन्हें इन योजनाओं का लाभ किस प्रकार मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश भी दिए। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
*‘सूक्ष्म एवं लघु उद्योग’ और ‘मेक इन इंडिया’ पर एसईसीएल में विशेष सत्र*
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी दिनांक 10 सितंबर 2026 *‘सूक्ष्म एवं लघु उद्योग’ और ‘मेक इन इंडिया’ पर एसईसीएल में विशेष सत्र* *सीवीओ हिमांशु जैन ने नीतिगत प्रावधानों पर किया विस्तृत संवाद* बिलासपुर। एसईसीएल के तीन माह के सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 के तहत एमडीआई, बिलासपुर में पब्लिक प्रोक्योरमेंट पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसमें सरकारी नीतियों और प्रक्रियाओं की समझ बढ़ाने के साथ पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया गया। एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री हिमांशु जैन ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी और मेक इन इंडिया (एमआईआई) के प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बताया कि प्रोक्योरमेंट के विभिन्न चरणों में इनका पालन कैसे किया जाए। सत्र में छोटे उद्यमों की भागीदारी बढ़ाने और देश में बने उत्पादों को प्रोत्साहन देने में इन नीतियों की भूमिका समझाई गई। प्रतिभागियों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के बारे में भी जानकारी दी गई। श्री जैन ने वास्तविक मामलों के उदाहरणों से प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया में होने वाली आम चूकों और जोखिमों को समझाया। उन्होंने हर चरण में जरूरी जांच-पड़ताल और सावधानी बरतने का महत्व बताया, ताकि प्रक्रियागत कमियों को समय रहते दूर किया जा सके। अंत में सवाल-जवाब का सत्र हुआ। प्रतिभागियों ने प्रोक्योरमेंट से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं रखीं और एमएसई व मेक इन इंडिया के प्रावधानों के इस्तेमाल पर अपनी शंकाओं का समाधान किया। यह कार्यक्रम एसईसीएल में प्रिवेंटिव विजिलेंस को बढ़ावा देने और प्रोक्योरमेंट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा प्रभावी बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।
डाक विभाग द्वारा वृहद जनकल्याणकारी शिविर 11 सितंबर को
*डाक विभाग द्वारा वृहद जनकल्याणकारी शिविर 11 सितंबर को* बिलासपुर, 10 सितम्बर 2026/ गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) में भारतीय डाक विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं के सुरक्षित भविष्य, आर्थिक सुदृढ़ता एवं वित्तीय जागरूकता के उद्देश्य से बिलासपुर में 11 सितंबर को वृहद जनकल्याणकारी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रवर अधीक्षक, बिलासपुर डाक संभाग के नेतृत्व में आयोजित यह शिविर माननीय कुलपति के आदेशानुसार रजत जयंती सभागृह क्रमांक-2 में सवेरे 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में छात्र-छात्राओं एवं विश्वविद्यालय परिवार के लिए आधार सेवाओं के अंतर्गत नया आधार बनाने एवं आधार अपडेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस एवं अन्य बीमा योजनाओं, बचत एवं निवेश योजनाओं तथा वित्तीय सुरक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। विशेष रूप से युवाओं को डाकघर की सुरक्षित एवं भरोसेमंद बचत योजनाओं, आकर्षक ब्याज दरों तथा दीर्घकालीन निवेश के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त भविष्य की दिशा में जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही डाक विभाग की डिजिटल सेवाओं एवं आधुनिक सुविधाओं की जानकारी देकर विद्यार्थियों को डिजिटल युग में डाक विभाग की नई भूमिका से परिचित कराया जाएगा। शिविर में ढाई आखर पत्र लेखन, छात्रवृत्ति, फिलेटली एवं माय स्टाम्प सहित विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को भारतीय डाक विभाग की विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं से जोड़ते हुए सुरक्षित बचत, बेहतर वित्तीय नियोजन और उज्ज्वल भविष्य के लिए जागरूक किया जाएगा। भारतीय डाक विभाग द्वारा जेन जी पीढ़ी को आधुनिक डाक सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, सुरक्षित निवेश एवं वित्तीय जागरूकता से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष शिविर में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं, प्रोफेसर एवं समस्त विश्वविद्यालय स्टाफ की उपस्थिति अपेक्षित है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
पीएम गतिशक्ति पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित*
*पीएम गतिशक्ति पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित* बिलासपुर, 10 सितंबर 2026/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में पीएम गतिशक्ति स्टेट एवं डिस्ट्रिक्ट मास्टर प्लान पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में किया गया। कार्यशाला में उद्योग संचालनालय रायपुर से प्रशिक्षण हेतु सहायक संचालक सुश्री कुमुद मिश्रा एवं जीआईएस एक्सपर्ट श्रीमती प्रिया ने पीएम गतिशक्ति योजना के संबंध में उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अधोसंरचना विकास कार्यों की बेहतर योजना एवं निगरानी की जा सकती है। साथ ही कार्यों के लिए आवश्यक जानकारी जैसे स्थान की उपलब्धता, एनओसी आदि भी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। कार्यशाला में पीएमजीएस पोर्टल के उपयोग, विभिन्न जीआईएस डेटा लेयर्स के एकीकरण, अधोसंरचना परियोजनाओं की मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली और इसके व्यावहारिक उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया। कलेक्टर ने सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को पोर्टल में पंजीयन करने तथा विभागीय अधोसंरचना से संबंधित कार्यों की प्रविष्टि पोर्टल में करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों में से जिले से तीन पीएम गतिशक्ति विशेषज्ञ (पीएमजीएस एक्सपर्ट) नामित किए जाने के निर्देश भी दिए, ताकि जिले में पीएम गतिशक्ति पोर्टल के प्रभावी उपयोग और क्रियान्वयन को गति मिल सके। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक संपन्न* *जलाशयों में जलभराव और फसलों की ताजा हालात की समीक्षा
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी *संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक संपन्न* *जलाशयों में जलभराव और फसलों की ताजा हालात की समीक्षा* बिलासपुर, 10 सितम्बर 2026/संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में आज संभागायुक्त कार्यालय कोनी के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंचाई जलाशयों में जलभराव एवं फसलों के ताजा हालात की समीक्षा की गई। इस साल पर्याप्त वर्षा होने के कारण खेती किसानी के काम सुचारू रूप से चल रहे हैं। किसानों की ओर से कहीं से भी जलाशयों से कृषि कार्य के लिए पानी छोड़ने की मांग नहीं आई है। संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में डिप्टी कमिश्नर डॉ. स्मृति तिवारी एवं श्री हरिशंकर चौहान, संभाग स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि संभाग के सभी बड़े, मध्यम एवं लघु जलाशयों में निस्तार एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध है। मिनी माता हसदेव बांगों परियोजना में 95 प्रतिशत, खारंग जलाशय में 104 प्रतिशत, मनियारी जलाशय में 104 प्रतिशत, अरपा भैंसाझार निर्माणाधीन बैराज में 26 प्रतिशत और केलो परियोजना निर्माणाधीन में 44.58 प्रतिशत जलभराव है। मध्यम परियोजना के अंतर्गत घोंघा जलाशय में 102 प्रतिशत, केदार जलाशय में 101 प्रतिशत, पुटका जलाशय में 100 प्रतिशत, किंकारी जलाशय में 101 प्रतिशत और खम्हार पाकुर जलाशय में 101 प्रतिशत जल भराव है। संभाग के अंतर्गत 8 जिलों में 5 वृहद, 6 मध्यम, 768 लघु योजना एवं 10 नलकूप योजनाओं से कुल 751043.0 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित है। बैठक में रबी सिंचाई वर्ष 2025-26 की उपलब्धि एवं खरीफ सिंचाई 2026-27 के लक्ष्य की विस्तृत समीक्षा की गई। श्री जैन ने बैठक में खाद, बीज की उपलब्धता एवं वितरण की भी समीक्षा की। संभागायुक्त ने दलहन तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए हर गांव की अलग-अलग जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्य-योजना बनाने एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कृषक उन्नति योजना से धान के बदले कपास की खेती को मिला प्रोत्साहन*
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी *कृषक उन्नति योजना से धान के बदले कपास की खेती को मिला प्रोत्साहन* *बिल्हा विकासखंड के किरारी गोढ़ी में कृषक ने 15 एकड़ में अपनाई कपास की खेती* बिलासपुर, 10 सितम्बर 2026/छत्तीसगढ़ शासन की महती कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को धान के बदले अन्य चिन्हित फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2026 में धान के स्थान पर मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, कपास, गन्ना सहित दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने वाले पात्र किसानों को शासन द्वारा 15,000 रूपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों द्वारा किसानों के बीच योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए उन्हें धान के स्थान पर लाभकारी वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी पहल का एक अनुकरणीय उदाहरण विकासखंड बिल्हा के ग्राम किरारी गोढ़ी में देखने को मिला, जहां कृषक श्री सुरेश सराफ के 27 एकड़ के प्रक्षेत्र में लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में कपास की फसल लगाई गई है। कपास की फसल लेने वाले कृषक श्री जगदीप जी ने बताया कि कपास की फसल लगाए हुए लगभग एक माह हो चुका है तथा फसल की स्थिति अच्छी है। उन्होंने बताया कि धान की अपेक्षा कपास की फसल से अधिक आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत दी जाने वाली 15,000 रूपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि अतिरिक्त लाभ के रूप में प्राप्त होगी, जिसे उन्होंने कपास की खेती के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन बताया। कृषक के अनुसार कपास से प्रति एकड़ लगभग 12 से 15 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उत्पाद की बिक्री के लिए कपास मिल संचालकों द्वारा खेत से ही उपज खरीदकर ले जाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। कृषक ने कपास की खेती से इस वर्ष बेहतर आमदनी होने की उम्मीद जताते हुए अन्य किसानों से भी वैकल्पिक फसलों को अपनाने की अपील की। उप संचालक कृषि, बिलासपुर श्री एम. आर. तिग्गा द्वारा कृषक के प्रक्षेत्र का भ्रमण कर कपास की फसल का अवलोकन किया गया तथा फसल की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने कृषक द्वारा धान के स्थान पर कपास की खेती अपनाने की पहल की सराहना करते हुए कृषक को कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी है तथा उम्मीद जताई कि जिले के अन्य कृषक भी शासन की मंशा के अनुरूप धान के स्थान पर चिन्हित वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाकर योजना का लाभ लेंगे। क्षेत्र भ्रमण के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बिल्हा श्री आर. एस. गौतम तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री कुंज बिहारी पात्रे, श्री विनोद साहू, श्री वंश द्विवेदी एवं श्री दीपक कौशिक उपस्थित रहे।
रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: SECR से होकर चलने वाली 10 ट्रेनों के पुरी और भुवनेश्वर पहुंचने के समय में बदलाव, देखें पूरी लिस्ट
रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: SECR से होकर चलने वाली 10 ट्रेनों के पुरी और भुवनेश्वर पहुंचने के समय में बदलाव, देखें पूरी लिस्ट बिलासपुर: ईस्ट कोस्ट रेलवे द्वारा परिचालन व्यवस्था को सुगम बनाने और यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर पुरी एवं भुवनेश्वर स्टेशनों पर समाप्त होने वाली ट्रेनों के आगमन समय में आंशिक संशोधन किया गया है। इस बदलाव का असर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन से होकर गुजरने वाली 10 प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा। यह नई समय सारणी 13 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह संशोधन केवल अंतिम गंतव्य स्टेशनों (पुरी एवं भुवनेश्वर) के आगमन समय पर लागू होगा, जबकि इन ट्रेनों के मार्ग में पड़ने वाले अन्य सभी स्टेशनों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पुरी पहुंचने वाली ट्रेनों का नया समय: * 18478 योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस: 14 सितंबर से तड़के 03:25 बजे के बजाय 03:35 बजे पहुंचेगी। * 20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस: 14 सितंबर से सुबह 10:00 बजे के स्थान पर 10:45 बजे पहुंचेगी। * 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस: 16 सितंबर से शाम 18:45 बजे की जगह 19:00 बजे पहुंचेगी। * 12145 एलटीटी-पुरी एक्सप्रेस: 15 सितंबर से सुबह 06:35 बजे के बजाय 06:45 बजे पहुंचेगी। * 20862 अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस: 13 सितंबर से सुबह 06:40 बजे के स्थान पर 06:45 बजे पहुंचेगी। * 12844 अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस: 14 सितंबर से सुबह 08:05 बजे की जगह 08:35 बजे पहुंचेगी। * 20824 अजमेर-पुरी एक्सप्रेस: 17 सितंबर से दोपहर 14:40 बजे के बजाय 15:05 बजे पहुंचेगी। * 22828 सूरत-पुरी एक्सप्रेस: 16 सितंबर से दोपहर 14:40 बजे के स्थान पर 15:05 बजे पहुंचेगी। * 12993 गांधीधाम-पुरी एक्सप्रेस: 13 सितंबर से दोपहर 14:40 बजे की जगह 15:05 बजे पहुंचेगी। भुवनेश्वर पहुंचने वाली ट्रेन का नया समय: * 12879 एलटीटी-भुवनेश्वर एक्सप्रेस: 13 सितंबर से सुबह 07:00 बजे के बजाय 07:15 बजे भुवनेश्वर पहुंचेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले संशोधित समय सारणी की पुष्टि आधिकारिक रेलवे पूछताछ (NTES/139) के माध्यम से अवश्य कर लें। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
ड्राइविंग लाइसेंस का नया फरमान: अब RTO के दलालों की दुकान बंद या नई लूट की शुरुआत? जानिए टेस्ट के बदले नियमों का पूरा सच!
ड्राइविंग लाइसेंस का नया फरमान: अब RTO के दलालों की दुकान बंद या नई लूट की शुरुआत? जानिए टेस्ट के बदले नियमों का पूरा सच! रायपुर / नई दिल्ली: सड़क पर गाड़ी लेकर निकलने वालों और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने के लिए आरटीओ (RTO) के चक्कर काट-काटकर चप्पलें घिसने वालों के लिए परिवहन विभाग ने नियमों की पूरी बिसात ही पलट दी है। दावा किया जा रहा है कि अब सरकारी दफ्तरों की कतारों और बाबू-दलाल सिंडिकेट से मुक्ति मिलेगी, लेकिन अंदर की हकीकत यह है कि नए नियमों की आड़ में आम आदमी के लिए लाइसेंस हासिल करना और भी महंगा व पसीने छुड़ाने वाला साबित हो सकता है। आरटीओ में टेस्ट खत्म... पर क्या प्राइवेट सेंटरों पर शुरू होगी 'खुली उगाही'? सरकार के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब आवेदक को ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए सरकारी RTO ऑफिस जाने की अनिवार्य बाध्यता खत्म की जा रही है। इसकी जगह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (Accredited Driving Training Centres) टेस्ट लेंगे और सर्टिफिकेट जारी करेंगे। कागजी दावा: * आरटीओ में लगने वाली लंबी लाइनें खत्म होंगी। * बिचौलियों और दलालों का नेटवर्क टूटेगा। * पारदर्शी तरीके से सिम्युलेटर और ट्रैक पर ट्रेनिंग के बाद ही लाइसेंस मिलेगा। ज्वलंत सवाल: * क्या प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटरों को लाइसेंस बांटने की चाबी सौंपकर सरकार ने भ्रष्टाचार का विकेंद्रीकरण (Decentralization) नहीं कर दिया? * जिस आरटीओ में चंद रुपयों की सरकारी फीस लगती थी, क्या अब इन प्राइवेट ड्राइविंग स्कूलों में हजारों रुपये की मोटी फीस चुकाए बिना एक आम नागरिक लाइसेंस ले पाएगा? कड़े नियम: 1 से 2 एकड़ जमीन और बायोमेट्रिक हाजिरी का पेंच नए नियमों के मुताबिक मान्यता प्राप्त सेंटरों के लिए शर्तें बेहद सख्त रखी गई हैं: * दोपहिया/तीन पहिया ट्रेनिंग के लिए कम से कम 1 एकड़ और भारी वाहनों के लिए 2 एकड़ जमीन व टेस्ट ट्रैक होना अनिवार्य है। * ट्रेनिंग में बायोमेट्रिक अटेंडेंस और आईटी सिस्टम से निगरानी होगी। * तय घंटों (थ्योरी + प्रैक्टिकल) की ट्रेनिंग पूरी करने और कड़े टेस्ट पास करने के बाद ही सर्टिफिकेट मिलेगा। लेकिन सवाल उठता है कि शहरों के भीतर इतनी महंगी जमीन पर चलने वाले ट्रेनिंग सेंटर अपनी लागत किससे वसूलेंगे? सीधा जवाब है—आम जनता की जेब से! लापरवाही पर सीधा चाबुक: '5 चालान' और लाइसेंस रद्द! सिर्फ लाइसेंस बनवाना ही नहीं, गाड़ी चलाना भी अब आसान नहीं रहेगा। नियमों के तहत ट्रैफिक वॉयलेशन को लेकर शिकंजा कस दिया गया है। अगर किसी चालक के सालभर में 5 या उससे ज्यादा चालान कटते हैं या 45 दिनों के भीतर पेनाल्टी नहीं भरी जाती, तो लाइसेंस सीधा सस्पेंड या निरस्त होने की कगार पर पहुंच जाएगा। व्यवस्था सुधरेगी या जनता पर नया बोझ? परिवहन मंत्रालय का तर्क है कि देश में हर साल होने वाले लाखों सड़क हादसों को रोकने के लिए 'सख्त और ट्रेंड' ड्राइवरों का होना जरूरी है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जब तक निगरानी तंत्र सख्त नहीं होगा, तब तक नियम चाहे आरटीओ के हों या प्राइवेट सेंटरों के, पिसना हमेशा आम नागरिक को ही पड़ता है। अब देखना यह होगा कि यह 'नया टेस्ट और नया नियम' सड़कों को सुरक्षित बनाता है या फिर प्राइवेट सेंटरों की चांदी काटता है! अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
आरक्षण खत्म करने की बात तभी, जब जातिवाद पूरी तरह खत्म हो: रामदास अठावले
आरक्षण खत्म करने की बात तभी, जब जातिवाद पूरी तरह खत्म हो: रामदास अठावले बिलासपुर प्रेस क्लब में केंद्रीय राज्यमंत्री की दो टूक—जातिगत भेदभाव समाप्त हो, सभी वर्गों को मिले समान अवसर छत्तीसगढ़ में RPI के विस्तार का भी किया ऐलान भाजपा से गठबंधन पर बोले अठावले—RPI एनडीए का हिस्सा, सीट मिली तो साथ लड़ेंगे चुनाव; जरूरत पड़ी तो 8-10 सीटों पर उतारेंगे प्रत्याशी बिलासपुर। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री रामदास अठावले बुधवार को बिलासपुर पहुंचे। बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने पत्रकारिता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के विकास कार्यों, आरक्षण, जातीय जनगणना, सामाजिक समानता, महिला आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण, बेरोजगारी, छत्तीसगढ़ में अपनी पार्टी के विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति सहित विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अठावले ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में विकास की गति तेज हुई है। विशेष रूप से सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होती है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से व्यापार, उद्योग और आम लोगों की आवाजाही को मजबूती मिलती है। उन्होंने केंद्र सरकार के बजट और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्रालय अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, डीएनटी, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर, अनाथ बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सहित विभिन्न वर्गों के लिए काम कर रहा है। आरक्षण पर बोले—विरोध करने के बजाय सामाजिक न्याय को समझना होगा आरक्षण के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन आरक्षण का अनावश्यक विरोध उचित नहीं है। उन्होंने संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐतिहासिक रूप से वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई। उन्होंने ओबीसी आरक्षण का भी उल्लेख किया और कहा कि सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण महत्वपूर्ण है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज में भी सभी लोग आर्थिक रूप से संपन्न नहीं हैं। ऐसे गरीब परिवारों के बच्चों को भी अवसर मिलना चाहिए। “आरक्षण खत्म करना है तो पहले जातिवाद खत्म करना होगा” एक पत्रकार के सवाल के जवाब में अठावले ने कहा कि देश में सामाजिक परिवर्तन जरूर हुआ है, लेकिन जातिवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि शहरों में परिस्थितियों में काफी बदलाव दिखाई देता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं। अठावले ने कहा कि यदि जातिगत भेदभाव पूरी तरह समाप्त हो जाए और समाज में वास्तविक समानता स्थापित हो जाए तो आरक्षण की आवश्यकता पर भविष्य में विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका मूल उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार और अवसर दिलाना है। जातीय जनगणना से सामने आएगी प्रत्येक जाति की वास्तविक स्थिति जातीय जनगणना के सवाल पर अठावले ने कहा कि इससे देश में अलग-अलग जातियों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आएगा। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में प्रत्येक जाति की आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने पर विचार होता है तो उस पर भी चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय का उद्देश्य किसी वर्ग को दूसरे वर्ग के खिलाफ खड़ा करना नहीं बल्कि सभी को उचित अवसर देना होना चाहिए। रोटी-बेटी के रिश्ते पर भी रखी अपनी बात जातिगत समानता को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि समाज में केवल राजनीतिक या सामाजिक समानता की बात करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आपसी रिश्तों में भी बदलाव आना चाहिए। उन्होंने अंतरजातीय विवाह और विभिन्न समाजों के बीच पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक दूरी कम होनी चाहिए। अठावले ने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी पत्नी ब्राह्मण समाज से हैं, जबकि वे स्वयं दलित समाज से आते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में भी विभिन्न जाति और समाज के लोग साथ काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी समाजों को साथ लेकर चलना ही सामाजिक एकता का रास्ता है। निजी क्षेत्र में आरक्षण पर जताई चिंता निजी क्षेत्र में आरक्षण के सवाल पर अठावले ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार सीमित हो रहे हैं और कई संस्थान निजी क्षेत्र में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी संस्थान निजी क्षेत्र में चले जाते हैं तो वहां आरक्षण का प्रावधान उसी तरह लागू नहीं रहता। उन्होंने सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के युवाओं को केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय कौशल विकास, उद्यमिता और एमएसएमई की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। महिला आरक्षण जल्द लागू करने की मांग महिला आरक्षण के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि संसद और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के महिला अधिकारों से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब चाहते थे कि महिलाओं को संपत्ति, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में समान अधिकार मिले। छत्तीसगढ़ में RPI को मजबूत करने का दावा प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक हिस्सा छत्तीसगढ़ में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के विस्तार को लेकर रहा। अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी की छत्तीसगढ़ में पहले से मौजूदगी है, लेकिन पार्टी जितनी मजबूत होनी चाहिए थी, उतनी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास सतनामी, दलित, ओबीसी, ब्राह्मण, वैश्य सहित सभी समाजों को साथ लेकर पार्टी का विस्तार करना है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ में बड़ी राजनीतिक ताकत बन सकती है। भाजपा से गठबंधन पर बोले—सीट मिली तो साथ चुनाव लड़ेंगे आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन के सवाल पर अठावले ने कहा कि RPI वर्तमान में एनडीए का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी को सीट देती है तो वे गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे। अठावले ने कहा कि यदि पार्टी छत्तीसगढ़ में मजबूत होती है और भाजपा 4-5 सीटें देती है तो उसका विचार किया जाएगा। वहीं पर्याप्त सीटें नहीं मिलने पर RPI करीब 8 से 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रयास कर सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में वे कई बार छत्तीसगढ़ आए थे और उनकी पार्टी ने कोई सीट नहीं लड़ी थी, बल्कि भाजपा के पक्ष में प्रचार किया था। महाराष्ट्र की राजनीति पर बोले—जिसके साथ गया, सत्ता उसके साथ आई महाराष्ट्र में RPI के विधायकों को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि वर्तमान में उनकी पार्टी के विधायक नहीं हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पहले कांग्रेस के साथ रहे और बाद में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ आए। अठावले ने कहा कि उनका राजनीतिक अनुभव रहा है कि वे जिस गठबंधन के साथ जाते हैं, वह सत्ता में आता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे नरेंद्र मोदी के साथ हैं और केंद्र में एनडीए की सरकार को लेकर उन्हें पूरा विश्वास है। राहुल गांधी पर निशाना—आलोचना करें, लेकिन गलत आरोप न लगाएं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के रूप में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन गलत आरोप लगाना उचित नहीं है। अठावले ने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की जीत होगी और राहुल गांधी के लिए प्रधानमंत्री बनना आसान नहीं होगा। छत्तीसगढ़ को सामाजिक न्याय मंत्रालय की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने का भरोसा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से संभावित मुलाकात और छत्तीसगढ़ के लिए मिलने वाली सौगात को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के बजट से छत्तीसगढ़ को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रस्ताव आने पर योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजनाओं पर जोर अठावले ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए मंत्रालय की योजनाओं के माध्यम से आवश्यक उपकरण एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों से समन्वय किया जाएगा। युवाओं से बोले—सिर्फ नौकरी के पीछे न भागें, उद्यमिता अपनाएं केंद्रीय राज्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे केवल सरकारी नौकरी के पीछे न भागें। कौशल विकास के साथ एमएसएमई और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा दे रही है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उद्योग एवं व्यापार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और मजबूत होगी तथा देश जल्द ही दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। आरक्षण से लेकर जातीय जनगणना, महिला आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण, रोजगार, राहुल गांधी की राजनीति, भाजपा के साथ गठबंधन और छत्तीसगढ़ में आरपीआई के विस्तार तक उन्होंने अपनी पार्टी और सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन को मजबूत करने और भविष्य में चुनावी राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत भी दिए। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : श्री अरुण साव* *उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की*
*सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : श्री अरुण साव* *उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की* *संपत्ति कर के भुगतान के लिए निकायों में ऑनलाइन व्यवस्था बनाने के दिए निर्देश, सभी कार्यों और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति अपनाने कहा* *जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश, अगले 50 वर्षों की जरूरत को देखते हुए बनाएं दीर्घकालिक योजना* बिलासपुर. 9 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज राज्य के सभी नगर निगमों तथा जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही जवाबदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाएं बनाने, जनसुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नागरिकों की कल्याणकारी संस्था है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और संचालक श्री नीलेशकुमार क्षीरसागर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के काम तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सक्रियता से काम करें। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों के सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने और संपत्ति कर जमा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में आनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि वे निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा निर्माणाधीन कार्यों की कड़ाई से निरीक्षण करें। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए कार्य-पद्धति विकसित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और अतिक्रमणों का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं का अतिरिक्त भार निकाय पर पड़ता है। उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए। इससे कार्यों की मैदानी हकीकत पता चलने के साथ ही शहर की समस्याओं और लोगों के फीडबैक की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए। श्री साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए शहरों के सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा। भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निकायों के अधिकारी ही शहर की छवि और विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी हैं, इसलिए पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें। *शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि नागरिकों को निकाय की मौजूदगी का अहसास हो : श्री सोनमणि बोरा* नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि नगरीय निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्यो और योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का निर्बाध और सुचारू संचालन भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ़ती जनआकांक्षाओं के अनुरूप निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल करना होगा। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए। उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसका कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों में आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। निगम आयुक्त और सीएमओ शहरी विकास और कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और 'अर्बन फारेस्ट' विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता और सक्रियता से पालन करने को कहा। उन्होंने सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समयबद्ध तरीके से नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों को शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने फर्नीचर, आइटी सुविधाओं, किताबों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। *इन कार्यों की हुई समीक्षा* उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न राज्य प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, निकायों की टीम द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी