कोरबा में ESIC अस्पताल के 30 वर्षीय डॉक्टर की मौत, कर्मचारी आवास में मिला शव; जांच में जुटी पुलिस
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार 29 अगस...
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CG News: गेज बांध में तैरती मिली युवक की लाश, रक्षाबंधन पर बहन के घर आया था राकेश
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार कोरिया। जिले के चरचा थाना क्षेत्र स्थित गेज बांध में एक युवक का शव पानी में तैरता हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही चरचा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर मामले की जांच शुरू कर दी। बहन के घर रक्षाबंधन मनाने आया था युवक मृतक की पहचान बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के रामपुर कॉलोनी निवासी राकेश गुप्ता के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, राकेश रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी बहन के घर आया था। बताया जा रहा है कि वह लगातार शराब का सेवन कर रहा था। इसी दौरान वह दोस्तों के साथ गेज बांध पहुंचा। आशंका जताई जा रही है कि नशे की हालत में नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का कारण गेज बांध में युवक का शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कार-बाइक की जबरदस्त भिड़ंत, पुल से नीचे गिरे दोनों वाहन; एक की मौत, बाइक सवार युवक लापता
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार पिथौरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सांकरा थाना क्षेत्र में जोक नदी के पुराने पुल पर कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन पुल से नीचे नदी में जा गिरे। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बाइक सवार युवक गहरे पानी में लापता बताया जा रहा है। कार में सवार थे चार लोग जानकारी के अनुसार, कार में चार लोग सवार थे और वे रविवार को जोक नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान पुराने पुल पर सामने से आ रही बाइक से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन अनियंत्रित होकर पुल से नीचे नदी में जा गिरे। एक की मौत, बाइक सवार लापता हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों की मदद से कार में सवार तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। दूसरी ओर, बाइक सवार युवक गहरे पानी में गिरने के बाद लापता हो गया। पुलिस और रेस्क्यू टीम जुटी तलाश में घटना की सूचना मिलते ही सांकरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। लापता बाइक सवार युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। लापता युवक की तलाश जारी है। पुलिस और रेस्क्यू टीम की कार्रवाई के बाद हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
वाटर पार्क में मौज-मस्ती पड़ी भारी: वेव पूल में टूटा था पैर, उपभोक्ता अदालत ने MM Fun City और बीमा कंपनी पर लगाया ब्याज समेत ₹2.35 लाख से अधिक का जुर्माना
वाटर पार्क में मौज-मस्ती पड़ी भारी: वेव पूल में टूटा था पैर, उपभोक्ता अदालत ने MM Fun City और बीमा कंपनी पर लगाया ब्याज समेत ₹2.35 लाख से अधिक का जुर्माना रायपुर: राजधानी रायपुर के चर्चित वाटर पार्क ‘एमएम फन सिटी’ (MM Fun City) में सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रबंधन और बीमा कंपनी को भारी पड़ गई है। वेव पूल में सुरक्षा जाली न होने के कारण एक पर्यटक का पैर टूटने और मौके पर प्राथमिक उपचार न मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने पीड़ित उपभोक्ता अनुपम अग्रवाल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रबंधन और बीमा कंपनी को 45 दिनों के भीतर ब्याज सहित मुआवजा चुकाने का सख्त आदेश दिया है। अदालत का फैसला: क्या-क्या देना होगा हर्जाना? आयोग ने लापरवाही को गंभीर मानते हुए निम्नलिखित भुगतान करने का आदेश दिया: * इलाज खर्च: ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) — इस राशि पर 9 जुलाई 2015 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 6% वार्षिक साधारण ब्याज भी चुकाना होगा। * मानसिक क्षतिपूर्ति: शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के एवज में ₹25,000। * वाद व्यय (कोर्ट खर्च): कानूनी लड़ाई के खर्च के रूप में ₹10,000 (₹5,000 + ₹5,000)। कैसे हुआ था हादसा? * तारीख और जगह: 25 अप्रैल 2015 की शाम करीब 6 बजे, पीड़ित अनुपम अग्रवाल अपने परिवार व सहकर्मियों के साथ एमएम फन सिटी के वेव पूल में थे। * लापरवाही: वेव पूल के भीतर बनी नाली पर सुरक्षा जाली नहीं लगी थी। अनुपम का बायां पैर सीधे नाली में फंसा और घुटने के नीचे की टिबिया-फिबुला हड्डी टूट गई। * प्राथमिक उपचार का अभाव: वाटर पार्क परिसर में बुनियादी फर्स्ट-एड तक मौजूद नहीं था। साथियों ने तुरंत उन्हें पहले श्री कृष्ण हॉस्पिटल और फिर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पहुंचाया। * लंबा इलाज: ऑपरेशन और अस्पताल में भर्ती रहने के बाद डॉक्टरों ने 3 महीने का बेड रेस्ट और फिजियोथेरेपी बताई, जिसमें लाखों रुपये खर्च हुए। प्रबंधन और बीमा कंपनी के बहाने खारिज सुनवाई के दौरान वाटर पार्क प्रबंधन ने घटना से ही पल्ला झाड़ने की कोशिश की, जबकि बीमा कंपनी ने तकनीकी पेंच फंसाते हुए कहा कि पॉलिसी ‘एमएम वंडर पार्क प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर है और परिवादी उनका सीधा ग्राहक नहीं है। उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों को सिरे से नकारते हुए स्पष्ट किया कि ‘एमएम फन सिटी’ केवल एक ट्रेड नेम है और हादसे के वक्त पब्लिक लायबिलिटी इंश्योरेंस पॉलिसी वैध थी। मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल की डिस्चार्ज समरी और घटनास्थल के रंगीन छायाचित्रों के आधार पर आयोग ने सुरक्षा में भारी चूक मानते हुए पीड़ित के हक में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
विधानसभा थाना परिसर में वाटर कूलर से दौड़ा करंट, युवक की मौत; बचाने पहुंचा आरक्षक भी झुलसा
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार थाना परिसर के बाहर वाटर कूलर के पास हुआ हादसा, जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया घायल आरक्षक रायपुर। राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना परिसर में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। थाना परिसर के बाहर लगे वाटर कूलर के पास करंट की चपेट में आने से 32 वर्षीय युवक रमेश ठाकुर की मौत हो गई। युवक को करंट की चपेट में आया देखकर उसे बचाने पहुंचे पुलिस आरक्षक गणेश भी विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गए और झुलसकर घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वाटर कूलर के पास अचानक लगा करंट जानकारी के मुताबिक, बिल्हा, जिला बिलासपुर निवासी रमेश ठाकुर किसी काम से विधानसभा थाना आया था। इसी दौरान थाना परिसर के बाहर लगे वाटर कूलर के पास पहुंचते ही वह करंट की चपेट में आ गया। तेज विद्युत प्रवाह के कारण रमेश मौके पर ही गिर पड़ा। बचाने पहुंचे आरक्षक भी आए चपेट में युवक को जमीन पर गिरा देखकर आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान बचाव के लिए पहुंचे आरक्षक गणेश भी करंट की चपेट में आ गए और झुलस गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद थाना परिसर में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वाटर कूलर में करंट कैसे आया और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था में क्या कमी थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा: बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे युवक के खारुन नदी में डूबने की आशंका, तलाश जारी
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राजधानी रायपुर में एक दर्दनाक हादसे से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। महादेव घाट पर अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे 35 वर्षीय युवक युधिष्ठिर सारंग के खारुन नदी में डूबने की आशंका है। घटना के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश में जुटी हुई है। बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा था परिवार जानकारी के अनुसार, रायपुरा के सतनामी पारा निवासी युधिष्ठिर सारंग अपने जीजा और अन्य परिजनों के साथ बहन की अस्थियां विसर्जित करने महादेव घाट पहुंचा था। परिवार ने विधि-विधान से अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद युधिष्ठिर नदी में नहाने के लिए उतर गया। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी की ओर चला गया। महादेव घाट स्थित एनीकट के नीचे तेज बहाव और भंवर की चपेट में आने से उसके नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। गोताखोरों की मदद से तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से खारुन नदी में युवक की तलाश शुरू कर दी गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक युधिष्ठिर का कोई पता नहीं चल सका था। रक्षाबंधन के दिन जिस परिवार में बहन की अस्थियों के विसर्जन की पीड़ा थी, उसी परिवार पर भाई के नदी में डूबने की आशंका ने दुखों का पहाड़ और बड़ा कर दिया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।चाहें तो मैं इसी खबर का 30 सेकंड का ब्रेकिंग न्यूज़ एंकर स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूं।
मौत का खुला गड्ढा: बिलासपुर के व्यस्त मार्ग पर निर्माणाधीन नाले से उतराती मिली अज्ञात लाश, पूरे इलाके में फैली दहशत!
मौत का खुला गड्ढा: बिलासपुर के व्यस्त मार्ग पर निर्माणाधीन नाले से उतराती मिली अज्ञात लाश, पूरे इलाके में फैली दहशत! 3 दिन पहले नाले के किनारे दिखा था लड़खड़ाता शराबी; क्या खुला नाला बना काल या छुपा है कोई खूनी राज? सिम्स में सुरक्षित शव, सरकंडा पुलिस की तफ्तीश तेज बिलासपुर। स्मार्ट सिटी की दौड़ में दौड़ते बिलासपुर के व्यस्ततम रास्तों पर सुरक्षा के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। थाना सरकंडा क्षेत्र के साइंस कॉलेज से शनिचरी बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन गहरे नाले में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी और हड़कंप मच गया। दिनदहाड़े नाले के गंदे पानी में लाश दिखने की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों राहगीरों और दुकानदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर सरकंडा पुलिस की पेट्रोलिंग टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकलवाया। खुला नाला बना 'डेथ ट्रैप' या गहरी साजिश? शव मिलने के बाद घटनास्थल पर तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है: * 3 दिन पहले की कड़ी: प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब तीन दिन पहले एक व्यक्ति इसी नाले की मुंडेर पर अत्यधिक नशे की हालत में लड़खड़ाता हुआ बैठा दिखा था। * अंधेरे और लापरवाही का शिकार? प्रारंभिक आशंका यह जताई जा रही है कि निर्माणाधीन नाले के आसपास कोई ठोस बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण नशे की हालत में वह सीधे नाले में गिर गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। * हत्या या हादसा? पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह महज हादसा है या फिर किसी ने वारदात को अंजाम देकर शव को नाले में ठिकाने लगाया है। पहचान का संकट, सिम्स मर्च्युरी में सुरक्षित रखा गया शव शव के कई घंटे पुराना होने के कारण चेहरा विकृत हो चुका है, जिससे मौके पर उसकी पहचान नहीं हो सकी। * पोस्टमार्टम पर टिकी नजरें: पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही पूरी कर शव को सिम्स (CIMS) अस्पताल के चीरघर (मर्च्युरी) में सुरक्षित रखवा दिया है। डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत नाले में डूबने से हुई है या शरीर पर किसी चोट या जहर के निशान हैं। * गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस: सरकंडा पुलिस ने शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सभी थानों में हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी (Missing Persons) की शिकायतों से हुलिए का मिलान शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र के जरिए भी मृतक की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। > प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल: > स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर लंबे समय से खुले पड़े निर्माणाधीन नाले बिना किसी मजबूत सुरक्षा घेरे के छोड़ दिए गए हैं, जो आए दिन राहगीरों और मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
बिलासपुर एयरपोर्ट पर टला भीषण विमान हादसा: लैंडिंग के दौरान फटा एलायंस एयर के विमान का पहिया, 41 जिंदगियां बाल-बाल बचीं!
बिग ब्रेकिंग न्यूज़ बिलासपुर एयरपोर्ट पर टला भीषण विमान हादसा: लैंडिंग के दौरान फटा एलायंस एयर के विमान का पहिया, 41 जिंदगियां बाल-बाल बचीं! रनवे पर फंसा विमान, उड़ानें रद्द; सुविधाओं के नाम पर बदहाल बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट पर सुरक्षा मानकों की खुली पोल बिलासपुर। बिलासपुर के बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट (चकरभाठा) पर आज एक बार फिर मौत रनवे को छूकर निकल गई। दिल्ली से सीधे बिलासपुर पहुंची एलायंस एयर की फ्लाइट 9i613 (VT-UDA) लैंडिंग के दौरान भयंकर हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। जैसे ही विमान के पहियों ने रनवे को छुआ, अचानक प्लेन का बायां (Left Side) टायर तेज झटके के साथ पंचर हो गया। विमान में 37 यात्री और 4 क्रू मेंबर समेत कुल 41 लोग सवार थे। पायलट की सूझबूझ से विमान रनवे से फिसला नहीं और एक बड़ा अग्निकांड टल गया। घटना के तुरंत बाद रनवे पर ही यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर टर्मिनल बिल्डिंग पहुंचाया गया। इस तकनीकी खराबी के बाद एयरलाइन ने बिलासपुर से आगे की सभी उड़ानें आनन-फानन में रद्द कर दीं। रनवे पर बार-बार मौत से आंखमिचौली: हादसों का पुराना इतिहास यह कोई पहला मौका नहीं है जब बिलासपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की जान सांसत में आई हो। इससे पहले भी इस एयरपोर्ट पर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं: * पशुओं और पक्षियों का खौफ: चारदीवारी और झाड़ियों की उचित देखरेख न होने के कारण पहले भी रनवे पर मवेशियों और कुत्तों के आ जाने से विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग या 'गो-अराउंड' जैसी स्थितियां बन चुकी हैं। * खराब मौसम और विजिबिलिटी का संकट: नाइट लैंडिंग और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की कमी के चलते पूर्व में कई बार उड़ानों को ऐन वक्त पर रायपुर डायवर्ट करना पड़ा है या घंटों हवा में चक्कर काटना पड़ा है। * रखरखाव में लापरवाही: छोटे 70-72 सीटर ATR विमानों के संचालन में मेंटेनेंस और तकनीकी जांच की ढिलाई लगातार यात्रियों की सुरक्षा को दांव पर लगा रही है। बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर: '3C' के दावों के बीच 'थर्ड क्लास' सुविधाएं बिलासपुर एयरपोर्ट को लेकर बड़े-बड़े वादे और राजनीतिक घोषणाएं तो खूब हुईं, लेकिन धरातल पर एयरपोर्ट की स्थिति आज भी बेहद चिंताजनक है: * सीमित रनवे और सुरक्षा बफर की कमी: रनवे की चौड़ाई और सुरक्षा रनवे एंड सेफ्टी एरिया (RESA) के मानकों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अगर लैंडिंग के वक्त विमान का टायर फटने से प्लेन असंतुलित होता, तो पास में बड़ा हादसा हो सकता था। * आपातकालीन रेस्क्यू की धीमी रफ्तार: एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक फायर टेंडर्स और इमरजेंसी इवैक्यूएशन सिस्टम अब भी बड़े स्तर के हादसों से निपटने के लिए नाकाफी नजर आते हैं। * कनेक्टिविटी के नाम पर औपचारिकता: कभी फ्लाइट रद्द, कभी समय में बदलाव, और अब यह गंभीर तकनीकी खराबी। बिलासपुर के हवाई यात्रियों के लिए यह सफर सुविधा कम और जोखिम भरा खेल ज्यादा बन गया है। जनता के सीधे सवाल: कब जागेगा डीजीसीए और विमानन मंत्रालय? 41 जिंदगियों के सुरक्षित बचने के बाद राहत की सांस तो ली गई है, लेकिन यह घटना एक सीधा चेतावनी संदेश है। टायर फटने के वास्तविक कारणों की जांच डीजीसीए (DGCA) को तत्काल उच्च स्तर पर करनी होगी। सवाल यह उठता है कि क्या विमान के उड़ान भरने से पहले प्री-फ्लाइट इंस्पेक्शन सही तरीके से हुआ था? और क्या बिलासपुर एयरपोर्ट का रनवे सुरक्षित उड़ानों के संचालन के लिए शत-प्रतिशत मानकों पर खरा उतर रहा है? अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
बिलासपुर में जमीन का बड़ा खेल: 80 फीट की सरकारी सड़क कागजों में सिकुड़ी, पूर्व पार्षद पर 'धरसा' डकारने का संगीन आरोप!
बिलासपुर में जमीन का बड़ा खेल: 80 फीट की सरकारी सड़क कागजों में सिकुड़ी, पूर्व पार्षद पर 'धरसा' डकारने का संगीन आरोप! धरसा मार्ग और PWD की अधिग्रहित जमीन पर फर्जीवाड़े का दावा, सालभर बाद भी फाइल दबाए बैठा प्रशासन; जनता ने खोला मोर्चा बिलासपुर। शहर में सरकारी जमीन और आम रास्तों को हड़पने का खेल किस कदर हावी है, इसका ज्वलंत उदाहरण सरकंडा राजस्व मंडल के चांटीडीह (हल्का नंबर 33) में सामने आया है। आरोप है कि दशकों पुराने सरकारी 'धरसा मार्ग' और लोक निर्माण विभाग (PWD) की अधिग्रहित जमीन को रसूख के दम पर 'निजी' बताकर बेच दिया गया। इस पूरे खेल के केंद्र में पूर्व पार्षद विष्णु यादव का नाम आ रहा है, जिन पर नियमों को ताक पर रखकर फर्जी सीमांकन कराने और 20 फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा जमाने के गंभीर आरोप लगे हैं। कलेक्टर जनदर्शन के चक्कर काट-काटकर थक चुके स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का आक्रोश अब फूट पड़ा है। फर्जीवाड़े की पूरी क्रोनोलॉजी: नक्शे गायब, दस्तखत नदारद * कागजों में हेरफेर: खसरा नंबर 551 (22 डिसमिल सरकारी धरसा) और खसरा नंबर 397 (44 डिसमिल PWD अधिग्रहित भूमि) को निशाना बनाया गया। यह वही रास्ता है जो रपटा चौक, शनिश्चरी बाजार, साइंस कॉलेज और पचरी घाट को जोड़ता है। * सड़क की चौड़ाई पर डाका: आरटीआई, नगर निगम रिकॉर्ड और TNCP के मास्टर प्लान के अनुसार यह मुख्य मार्ग 80 फीट चौड़ा है। 1990 से 1994 के बीच हुई पुरानी रजिस्ट्रियों में भी 80 फीट सड़क दर्ज है, लेकिन अब 20 फीट जमीन को कथित तौर पर बेचकर आम जनता का रास्ता संकरा कर दिया गया। * रहस्यमयी सीमांकन रिपोर्ट: सीमांकन के दौरान न तो पड़ोसी भू-स्वामियों को कोई नोटिस दिया गया, न कोई सार्वजनिक इश्तहार जारी हुआ और न ही मौके पर किसी के दस्तखत लिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री हुई, उस पर कथित तौर पर तहसीलदार की मुहर तो है लेकिन मौके की जांच करने वाले पटवारी और RI के हस्ताक्षर-सील तक गायब हैं! जनता के तीखे सवाल: सालभर से क्यों सो रहा है सिस्टम? स्थानीय निवासी युगल शर्मा, कुलदीप सिंह सलूजा और अनिल अग्रवाल समेत दर्जनों पीड़ितों का कहना है कि सालभर पहले कलेक्टर जनदर्शन में पुख्ता साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन रसूखदारों के आगे पूरी जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। प्रभावितों की दो-टूक मांगें: * पीडब्ल्यूडी साइट प्लान और टीएनसीपी मास्टर प्लान के आधार पर राजस्व की संयुक्त टीम से तत्काल दोबारा सीमांकन हो। * फर्जी तरीके से तैयार की गई एकतरफा सीमांकन रिपोर्ट को अविलंब निरस्त किया जाए। * जांच पूरी होने तक विवादित जमीन पर हर प्रकार के निर्माण, घेराबंदी और कब्जे पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। > कलेक्टर का रुख: > मामले में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि प्राप्त शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
*जांच रिपोर्ट में सामने आई ओखर गौधाम में पशुओं की मौत की स्थिति*
ताजा अपडेट *जांच रिपोर्ट में सामने आई ओखर गौधाम में पशुओं की मौत की स्थिति* *तीन दिनों में 6 पशुओं की मृत्यु, 4 की वृद्धावस्था तथा 2 की अन्य कारणों से हुई मौत* बिलासपुर, 27 अगस्त 2026/ मस्तूरी विकासखंड के ग्राम ओखर स्थित गौधाम में कुछ पशुओं की मृत्यु के संबंध में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा की गई जांच का प्रतिवेदन कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल को सौंप दिया गया है। जांच प्रतिवेदन में गौधाम में पिछले तीन दिनों के दौरान कुल 6 पशुओं की मृत्यु होना पाया गया है। इनमें 4 पशुओं की मृत्यु वृद्धावस्था तथा 2 पशुओं की मृत्यु अन्य कारणों से होना पाया गया है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वस्तुस्थिति की जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. गोपाल शरण सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने ग्राम ओखर स्थित गौधाम का मौके पर निरीक्षण किया। टीम ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर आवश्यक जांच की तथा मौके की परिस्थितियों का भी अवलोकन किया। जांच के बाद विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया गया। जांच के दौरान गौधाम परिसर में अत्यधिक बारिश के कारण जलभराव और भूमि के प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आई। प्रतिवेदन के अनुसार गौधाम में पूर्व में 21 अगस्त 2026 को पशुओं को विस्थापित किया गया था। वर्तमान में गौधाम में लगभग 300 पशु मौजूद हैं, जो ग्राम पंचायत ओखर के हैं। पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ओखर के सरपंच की सहमति से गौधाम में मौजूद लगभग 300 पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा चराने के लिए बाहर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
बिलासपुर में 'गौसेवा' के नाम पर महापाप: गौशाला में तड़प-तड़पकर 23 गायों की मौत, भूख-प्यास से दम घुटने की आशंका पर भड़के ग्रामीण
Big Breaking news बिलासपुर में 'गौसेवा' के नाम पर महापाप: गौशाला में तड़प-तड़पकर 23 गायों की मौत, भूख-प्यास से दम घुटने की आशंका पर भड़के ग्रामीण बिलासपुर जिले की एक गौशाला से मानवता और व्यवस्था को शर्मसार करने वाली खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जहां एक साथ 23 गायों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बाड़े के भीतर एक के बाद एक बेजुबानों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और गौसेवा के नाम पर चल रहे भारी फर्जीवाड़े व लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भूख-प्यास से तड़पकर तोड़ा दम? स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गौशाला केवल कागजों और दिखावे के लिए चल रही थी। मवेशियों को कई दिनों से न तो भरपेट सूखा-हरा चारा मिल रहा था और न ही पीने के लिए पर्याप्त पानी। देखरेख के अभाव और भूख-प्यास की वजह से कमजोर होकर गायों ने दम तोड़ दिया। * संचालन पर सवाल: गौशाला का जिम्मा 'वासुदेव सेवा समिति' के हाथों में था। समिति के प्रबंधन और सरकारी अनुदान के इस्तेमाल पर अब उंगलियां उठ रही हैं। * संदेह के घेरे में मौत की वजह: भूख-प्यास के अलावा सड़ा-गला चारा या किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। गांव में तनाव, मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गोवंश की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग की टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंची। * मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का खुलासा होगा। * प्रशासनिक अधिकारियों ने गौशाला के रिकॉर्ड्स, चारे-पानी के स्टॉक और फंड आवंटन की फाइलों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। व्यवस्था की नाक के नीचे 23 बेजुबानों की यह सामूहिक मौत केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की अनदेखी का नतीजा है। अब देखना यह है कि जांच सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह जाती है या 'गौसेवा' के नाम पर बेजुबानों की जान लेने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कानूनी गाज गिरती है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
दुर्ग नगर निगम में महापौर अलका बाघमार की इनोवा में लगी आग, कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार दुर्ग। दुर्ग नगर निगम परिसर में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब महापौर अलका बाघमार के उपयोग में आने वाली इनोवा वाहन में अचानक आग लग गई। घटना के समय वाहन नगर निगम परिसर में महापौर कक्ष के सामने खड़ा था, जबकि महापौर अपने चेंबर में मौजूद थीं। घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। वाहन के बोनेट से अचानक आग की लपटें उठती देख निगम कर्मचारियों और परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बोनेट से उठी आग की लपटें आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास खड़े अन्य वाहनों को तत्काल वहां से हटाया गया, ताकि आग फैलने की स्थिति में बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सके। कर्मचारियों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। करीब 12 बजे पहुंची फायर ब्रिगेड सूचना मिलने के बाद करीब 12 बजे फायर ब्रिगेड की टीम नगर निगम परिसर पहुंची और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक तौर पर वाहन में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। निगम ने किराए पर लिया है वाहन जिस इनोवा वाहन में आग लगी, उसे नगर निगम द्वारा किराए पर लिया गया है। राहत की बात यह रही कि समय रहते वाहन के आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों को हटा लिया गया, जिससे आग के फैलने का खतरा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों और वाहन को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
क्लॉथ स्टोर में लगी भीषण आग, लाखों रुपये के कपड़े जलकर राख; शॉर्ट सर्किट की आशंका
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार बलौदाबाजार। जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात बाजार स्थित महामाया क्लॉथ स्टोर में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आने से दुकान और गोदाम में रखा लाखों रुपये का कपड़ा जलकर राख हो गया। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। त्योहार सीजन के लिए रखा था कपड़ों का स्टॉक जानकारी के अनुसार कसडोल निवासी जुगत राम साहू का महामाया क्लॉथ स्टोर है। त्योहारों के सीजन को देखते हुए दुकान और गोदाम में बड़ी मात्रा में नए कपड़ों का स्टॉक रखा गया था। रविवार रात अचानक दुकान से आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। दमकल की टीम ने आग पर पाया काबू सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक दुकान और गोदाम में रखा बड़ी मात्रा में कपड़ा आग की चपेट में आ चुका था। आग इतनी भीषण थी कि कपड़ों का अधिकांश स्टॉक जलकर राख हो गया। आग से दुकान के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। नुकसान का वास्तविक आकलन जांच और सामान के मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। कसडोल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद व्यापारियों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।