पिकअप की टक्कर से मां-पुत्र की दर्दनाक मौत, हादसे के बाद चालक गिरफ्तार
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर-हेतराम साहू पà¤...
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पांच दिनों से लगातार आमरण अनशन जारी, स्वास्थ्य पर पड़ने लगा असर; किंतु प्रशासन बेखबर
पांच दिनों से लगातार आमरण अनशन जारी, स्वास्थ्य पर पड़ने लगा असर; किंतु प्रशासन बेखबर बीपी हुआ डाउन, चिकित्सकों ने कम बातचीत की दी सलाह; अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग पर अड़े अमित तिवारी बिलासपुर। अरपा पार क्षेत्र के लिए पृथक नगर निगम की मांग को लेकर नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक एवं संस्थापक अमित तिवारी का आमरण अनशन लगातार पांचवें दिन भी जारी है। लगातार अनशन के कारण अब उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है। पांचवें दिन उनका ब्लड प्रेशर डाउन होने लगा है, जिसके कारण उन्हें बातचीत करने में भी परेशानी हो रही है। चिकित्सकों ने उन्हें अधिक बातचीत न करने की सलाह दी है। जनहित से जुड़ी इस मांग को लेकर पांच दिनों से आमरण अनशन जारी रहने के बावजूद अभी तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा अमित तिवारी के स्वास्थ्य की सुध नहीं ली गई है। स्वास्थ्य में गिरावट के बीच भी उनका अनशन जारी है और वे अपनी मांग पर दृढ़ता से कायम हैं। व्यापारी संघ सरकंडा ने दिया आंदोलन को समर्थन अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब व्यापारी वर्ग का भी समर्थन मिला है। कल व्यापारी संघ सरकंडा ने पृथक नगर निगम की मांग के समर्थन में सरकंडा की दुकानों को बंद रखने का आह्वान किया है। व्यापारी संघ ने क्षेत्र के विकास और पृथक नगर निगम की मांग के समर्थन में व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। व्यापारी संघ के इस समर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। अमित तिवारी ने कहा कि वे जनहित की इस मांग को लेकर पूरी दृढ़ता के साथ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सिर पर कफन बांधकर आया हूं और अंतिम दम तक संघर्ष करूंगा। जब तक मुझे ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता, मेरा आमरण अनशन जारी रहेगा।” इधर, लगातार पांच दिनों से जारी आमरण अनशन और स्वास्थ्य में हो रही गिरावट के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं किए जाने से आंदोलन को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है। वहीं व्यापारी संघ सरकंडा के समर्थन से आंदोलन को नई मजबूती मिली है। अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि अमित तिवारी के स्वास्थ्य की सुध लेते हुए अरपा पार पृथक नगर निगम की मांग पर कब तक कोई ठोस पहल करते हैं। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
*10 साल से बिस्तर पर पड़ा छात्र, मुख्यमंत्री से इलाज की गुहार - बोला, "इलाज करा दो या इच्छा मृत्यु दे दो*
*10 साल से बिस्तर पर पड़ा छात्र, मुख्यमंत्री से इलाज की गुहार - बोला, "इलाज करा दो या इच्छा मृत्यु दे दो* *धमतरी / नगरी -* धमतरी जिले के भटगांव आईटीआई के पूर्व छात्र शशिकांत भरत की जिंदगी 11 नवंबर 2016 को बदल गई। जेठोनी त्योहार की छुट्टी में घर जाते समय दुकली-गचकन्हार के पास हुई एक दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोट लगी। डॉक्टरों के अनुसार यह Cervical Injury थी, जिससे उनका पूरा शरीर लकवाग्रस्त (पैरालाइज) हो गया। पिछले 10 सालों से वे बिस्तर पर हैं। अपने माता-पिता के इकलौते बेटे शशिकांत का कहना है कि उनका इलाज सही अस्पताल में नहीं हो पा रहा है। शशिकांत ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी, कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा जी, विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम जी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी से इलाज में मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्होंने 5 बार मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की लेकिन मिल नहीं पाए। 10 अगस्त 2026 को तहसील नगरी में विधायक भवन में विधायक महोदया से मिलकर उन्होंने अपना आवेदन सौंपा था। दर्द से परेशान होकर शशिकांत ने कहा है कि यदि सरकार उनका इलाज उस अस्पताल में नहीं करा सकती जहां उनका सही इलाज संभव है, तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी समाज के लोगों से भी अपील की है कि उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में मदद करें। स्टेट रिपोर्टर मनोज भट्ट, हमर प्रदेश सी जी
साइकिल नहीं, शिक्षक दीजिए!" — बलरामपुर के मुरकोल में सड़कों पर उतरीं बेटियां; भाजपा विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के इलाके में शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर
"साइकिल नहीं, शिक्षक दीजिए!" — बलरामपुर के मुरकोल में सड़कों पर उतरीं बेटियां; भाजपा विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के इलाके में शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर बलरामपुर (वाड्रफनगर): एक तरफ सरकार मंचों से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'संवरता छत्तीसगढ़' के कसीदे पढ़ती है, तो दूसरी तरफ बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले शासकीय हाई स्कूल मुरकोल की यह जमीनी तस्वीर पूरे सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा जड़ती है। हाथ में किताबें लिए जिन छात्राओं को क्लासरूम के ब्लैकबोर्ड की तरफ देखना चाहिए था, वे आज स्कूल के बाहर खड़ी होकर अपने ही भविष्य की भीख मांगने को मजबूर हैं। क्षेत्र की भाजपा विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते के इलाके में सरकारी स्कूलों का हाल यह है कि स्कूल की इमारतें तो खड़ी हैं, लेकिन पढ़ाने वाले शिक्षक नदारद हैं। "साइकिल बांटने आए अफसरों से गिड़गिड़ाए, पर किसी ने नहीं सुनी" कैमरों और मीडिया के सामने फफकती और आक्रोश जताती छात्राओं का दर्द किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोरने के लिए काफी है: > "साइकिल वितरण के दौरान जब बड़े अधिकारी आए थे, हमने हाथ जोड़कर गुहार लगाई थी कि हमें साइकिल से ज्यादा शिक्षक चाहिए। पर हमारी बात किसी ने ऊपर तक नहीं पहुंचाई। 20-22 तारीख से तिमाही परीक्षाएं सिर पर हैं, केमिस्ट्री जैसे कठिन विषय के शिक्षक का महीनों से अता-पता नहीं है। हिंदी और संस्कृत तक की पढ़ाई नहीं हो रही। हम परीक्षा में क्या लिखेंगे? क्या खाली पन्ने जमा करके पास होंगे?" > छात्राओं का आरोप है कि दूसरे विषयों के शिक्षक जैसे-तैसे खानापूर्ति कर रहे हैं, जिससे बोर्ड परीक्षा और आगे कॉलेज जाने का सपना देख रहे सैकड़ों बच्चों का भविष्य सीधे तौर पर अंधकार में धकेला जा रहा है। सत्ताधारी दल की विधायक के क्षेत्र में ही 'शून्य' पड़ा शिक्षा तंत्र मुरकोल का यह शासकीय हाई स्कूल कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा के नाम पर चल रहे मजाक की बानगी है। सवाल सीधे तौर पर स्थानीय भाजपा विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से है— * जब करोड़ों के बजट और योजनाओं के दावे किए जाते हैं, तो हाई स्कूल के स्तर पर केमिस्ट्री जैसे मुख्य विषय के शिक्षक की नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई? * क्या सरकारी स्कूलों को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों और चुनावी दावों की औपचारिकता मान लिया गया है? * इन ग्रामीण, आदिवासी बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का जिम्मेदार आखिर कौन है? छात्राओं का आर-पार का ऐलान: "शिक्षक नहीं तो स्कूल बंद" मुरकोल स्कूल की छात्राओं ने अब दो-टूक अल्टीमेटम दे दिया है—"जब तक विषयवार नियमित शिक्षक नहीं आएंगे, तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलेगा।" छात्राओं का साफ कहना है कि जब पढ़ाई ही नहीं होगी, तो वे स्कूल आकर क्या करेंगी। अब देखना यह होगा कि एयर-कंडीशनर कमरों में बैठे बलरामपुर के शिक्षा अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि इन बेटियों की इस चीख को सुनते हैं, या हमेशा की तरह एक और ग्रामीण स्कूल की प्रतिभाओं की बलि सिस्टम की लापरवाही पर चढ़ा दी जाएगी। पंकज कुमार यादव रिपोर्टर वार्डफनगर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति की हुई पहचान
कल दिनांक 4-9-2026 को सुबह सूचना मिली कि जीडीसी कॉलेज के सामने स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति ने कुछ छेड़छाड़ किया है मामले में तत्काल थाना सिविल लाइन में अपराध पंजीबध्द कर अज्ञात आरोपी की पहचान हेतु टीम में लगाई गई विवेचना में ज्ञात हुआ है कि एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला शहर में घूम-घूम कर विभिन्न प्रतिमाओं के साथ इस तरह की छेड़छाड़ कर रही है जिसके बाद उक्त महिला की पता तलाश की जा रही है जिसे शीघ्र गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही कर सेंदरी मेंटल हॉस्पिटल में एडमिट कराया जाएगा । अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
बिलासपुर में जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदलीं: मटकी बांधने चढ़ा 20 वर्षीय राज 11 KV हाईटेंशन लाइन से झुलसा, सिम्स में सांसों की जंग जारी
ब्रेकिंग न्यूज़ बिलासपुर में जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदलीं: मटकी बांधने चढ़ा 20 वर्षीय राज 11 KV हाईटेंशन लाइन से झुलसा, सिम्स में सांसों की जंग जारी बिलासपुर। उत्सव के उत्साह और लापरवाही के अंधे मोड़ पर एक बार फिर जिंदगी दांव पर लग गई। शहर में जब हर कोई कान्हा के जन्मोत्सव के स्वागत की तैयारियों में डूबा था, तभी राजीव गांधी चौक पर लगे एक स्वागत गेट पर वह खौफनाक मंजर दिखा जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। मटकी फोड़ प्रतियोगिता के लिए ऊंचाई पर रस्सी बांधने चढ़ा 20 साल का राज खान (निवासी ओमनगर, जरहाभाठा) चंद पलों में मौत के मुहाने पर पहुंच गया। आसमानी मौत से हुआ सामना गेट की ऊंचाई पर चढ़कर व्यवस्था बना रहे राज को शायद इस बात का इल्म नहीं था कि उसके सिर के ठीक ऊपर 11,000 वोल्ट का काल बह रहा है। जैसे ही वह संतुलन बनाकर मटकी बांधने लगा, पास से गुजर रही 11 KV हाईटेंशन लाइन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जोरदार चिंगारी, धमाके जैसी आवाज और हवा में फैला धुआं—पलक झपकते ही उत्सव का उल्लास चीख-पुकार में तब्दील हो गया। चीखों के बीच थमी बिजली, सिम्स में चल रहा जीवन-संघर्ष घटना घटते ही नीचे खड़े लोगों के हाथ-पांव फूल गए। कुछ जागरूक नागरिकों ने फौरन बिजली विभाग के अफसरों को फोन कर ग्रिड से सप्लाई बंद करवाई। करंट का प्रवाह रुकते ही झुलसे युवक को आनन-फानन में नीचे उतारकर सिम्स (CIMS) अस्पताल पहुंचाया गया। बर्न यूनिट के बाहर परिजनों की आंखें पथरा गई हैं, और भीतर 20 साल का राज जिंदगी और मौत के बीच एक बेहद मुश्किल जंग लड़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। सवाल जो उत्सव की चमक को धुंधला करते हैं यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का खौफनाक आईना है: * निरीक्षण का अभाव: सड़कों पर लोहे और बांस के ऊंचे-ऊंचे स्वागत गेट तानते समय किसी ने यह देखने की जहमत क्यों नहीं उठाई कि ऊपर से मौत के तार गुजर रहे हैं? * प्रशासनिक सतर्कता कहां थी: क्या आयोजन समिति ने ऐसे संवेदनशील स्थान पर गेट लगाने से पहले विद्युत विभाग से तकनीकी अनुमति या ‘शटडाउन’ की व्यवस्था की थी? * सस्ती जान की कीमत: किसी परिवार के चिराग को बिना किसी सुरक्षा उपकरण (हेलमेट, ग्लव्स या हार्नेस) के हाईटेंशन लाइन के मुहाने पर क्यों धकेल दिया गया? > एक कड़वी चेतावनी: > पर्व और उल्लास समाज की आत्मा हैं, लेकिन जब अंधा उत्साह बुनियादी सुरक्षा को निगलने लगे तो घरों के आंगन सूने हो जाते हैं। कोई भी परंपरा या मटकी किसी इंसान की सांसों से ज्यादा कीमती नहीं हो सकती। आयोजकों और आमजन को समझना होगा कि आस्था सावधानी की मांग करती है, अंधेरगर्दी की नहीं। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
CG News: न्यू विस्टा सीमेंट संयंत्र में काम के दौरान मजदूर की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार बलौदाबाजार। जिले के ग्राम रिसदा स्थित न्यू विस्टा सीमेंट संयंत्र में शटडाउन के दौरान काम कर रहे करीब 50 वर्षीय मजदूर की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक की पहचान ग्राम ढनढनी निवासी गिरधर रजक के रूप में हुई है। काम के दौरान अचानक आया चक्कर जानकारी के अनुसार, गिरधर रजक एसके जैन ठेकेदार के अंतर्गत काम कर रहे थे। गुरुवार को संयंत्र में शटडाउन के दौरान काम करते समय अचानक उन्हें चक्कर आया और उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने तत्काल उन्हें संभाला और एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद मजदूर को मृत घोषित कर दिया। मृतक के साथी पुरुषोत्तम यदु के अनुसार, वे सभी एक साथ काम कर रहे थे। अचानक गिरधर को चक्कर आया। तत्काल प्राथमिक स्तर पर मदद करते हुए एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। परिवार ने की मुआवजा, नौकरी और पेंशन की मांग घटना के बाद मृतक के साथियों और परिजनों की ओर से परिवार के लिए उचित मुआवजा, एक आश्रित सदस्य को नौकरी और पेंशन की मांग की जा रही है। बताया गया है कि गिरधर रजक की चार बेटियां हैं। इनमें से एक की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां मामा के यहां रहकर पढ़ाई कर रही हैं। परिवार के अन्य सदस्य रायगढ़ में रहते हैं, जिनके आने का इंतजार किया जा रहा है। 20 लाख रुपये मुआवजे की चर्चा फिलहाल मुआवजे को लेकर कोई अंतिम और आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। हालांकि, जानकारी के मुताबिक कंपनी की ओर से मृतक के आश्रित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को नौकरी और पेंशन देने की बात कही जा रही है। इन मांगों और प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय परिजनों की मौजूदगी में होने की बात सामने आई है। फिलहाल मृतक का शव जिला चिकित्सालय में रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया और मुआवजे को लेकर निर्णय होने की संभावना है। मजदूर की मौत के वास्तविक कारण का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम/चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही चल सकेगा।
शाम 6 से रात 12 बजे तक 'डेंजर जोन': बिलासपुर में 8 महीने में नपे 2687 पियक्कड़ ड्राइवर, 1694 के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड
शाम 6 से रात 12 बजे तक 'डेंजर जोन': बिलासपुर में 8 महीने में नपे 2687 पियक्कड़ ड्राइवर, 1694 के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड बिलासपुर। शाम ढलते ही अगर आप बिलासपुर की सड़कों पर लापरवाही, स्टंटबाजी या शराब के नशे में स्टेयरिंग थामने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। बिलासपुर यातायात पुलिस ने सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा प्रहार शुरू किया है। पुलिस की दुर्घटना समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिले में सर्वाधिक जानलेवा सड़क हादसे शाम 6:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे के बीच हो रहे हैं। इसी 'डेंजर टाइम' को टारगेट करते हुए पुलिस ने शहरभर में चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। बीते महज 8 महीनों के भीतर ट्रैफिक पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी दौड़ाने वाले 2,687 चालकों को पकड़कर कोर्ट भेजा है, जबकि बार-बार नियम तोड़ने वाले 1,694 लापरवाह वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (सस्पेंड) किए जा चुके हैं। आंकड़ों की जुबानी: 8 महीने में बिलासपुर पुलिस का कड़ा एक्शन | प्रमुख बिंदु | पुलिस कार्रवाई का विवरण | |---|---| | नशे में ड्राइविंग (धारा 185 MVA) | 2,687 शराबी चालकों पर केस दर्ज, कोर्ट से भारी जुर्माना | | लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई | 1,694 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड/निरस्त | | हादसों का सबसे संवेदनशील समय | शाम 6:00 बजे से मध्यरात्रि 12:00 बजे तक | | निगरानी का दायरा | ITMS कैमरों से 24 घंटे ऑनलाइन चालान और सड़कों पर ऑन-स्पॉट रेड | शाम ढलते ही हर प्रमुख चौराहे पर 'स्पेशल नाकाबंदी' वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में पुलिस ने शहर के संवेदनशील ब्लैक स्पॉट्स और मुख्य मार्गों पर शाम 6 बजे से विशेष चेकिंग पॉइंट और स्टॉपर्स तैनात किए हैं। समीक्षा में यह साफ हुआ है कि तेज रफ्तार और शराब का नशा हादसों की सबसे मुख्य वजह है, जबकि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी के चलते लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इन गलतियों पर सीधे छिेनेगा ड्राइविंग लाइसेंस पुलिस मुख्यालय के कड़े प्रावधानों के तहत केवल जुर्माना भरकर बचना अब मुमकिन नहीं होगा। निम्नलिखित उल्लंघनों पर सीधे लाइसेंस निरस्तीकरण की सिफारिश की जा रही है: * शराब या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाना * ड्राइविंग के दौरान हाथ में मोबाइल का उपयोग करना * रेड लाइट जंप करना और विपरीत दिशा (रॉन्ग साइड) में गाड़ी दौड़ाना * ओवरस्पीडिंग, रश ड्राइविंग और जानलेवा स्टंटबाजी * मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से सवारियां ढोना * मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर का अवैध इस्तेमाल ITMS कैमरों की 'तीसरी आंख' से भी बचना नामुमकिन सड़कों पर मुस्तैद जवानों के साथ-साथ शहर के इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के हाईटेक कैमरे भी 24 घंटे नियम तोड़ने वालों पर नजर रख रहे हैं। बिना हेलमेट, तीन सवारी और सिग्नल तोड़ने वालों के सीधे ई-चालान काटे जा रहे हैं। यातायात पुलिस ने दो टूक चेतावनी दी है कि सड़कों पर हुल्लड़बाजी, मॉडिफाइड साइलेंसर से पटाखे फोड़ना और नशे में वाहन दौड़ाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षित सफर के लिए नियमों का पालन करें, क्योंकि पुलिस की नजर अब हर उस शख्स पर है जो दूसरों की जिंदगी को खतरे में डाल रहा है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
भिलाई NH-53 पर दर्दनाक सड़क हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, दूसरा घायल
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार भिलाई। सुपेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) पर कोसानाला के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। रायपुर से दुर्ग की ओर जाने वाले मार्ग पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, मृतक के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाइक को टक्कर मारने वाला अज्ञात वाहन हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि फरार वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुपेला पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस द्वारा अज्ञात वाहन चालक की तलाश की जा रही है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर NH-53 पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
भीषण सड़क हादसा: श्रद्धालुओं से भरी माजदा अनियंत्रित होकर पलटी, 27 लोग घायल
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में गुरुवार सुबह श्रद्धालुओं से भरी माजदा वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में महिला और बच्चों समेत 27 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहीं सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दो महिलाओं को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। गिरौदपुरी धाम दर्शन के लिए जा रहे थे श्रद्धालु जानकारी के मुताबिक हादसा कसडोल थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-130 बी पर सेल और छांछी के बीच मोड़ के पास हुआ। बताया जा रहा है कि माजदा वाहन में 30 से अधिक श्रद्धालु सवार थे, जो बेमेतरा जिले के ग्राम मुरकुटा नांदघाट से गिरौदपुरी धाम दर्शन के लिए जा रहे थे। गुरुवार सुबह मोड़ के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही हाईवे पुलिस पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से घायलों को कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। दो महिलाओं के सिर में गंभीर चोट आने के कारण उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों का उपचार कसडोल CHC में जारी है। पुलिस ने शुरू की जांच हादसे की सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस वाहन के अनियंत्रित होने के कारणों का पता लगाने में जुटी है। स्थानीय व्यक्ति ने की घायलों की मदद घटना के संबंध में परिवार के सदस्य देवचरण जांगड़े ने बताया कि सभी लोग ग्राम मुरकुटा नांदघाट, जिला बेमेतरा से गिरौदपुरी धाम में बाबाजी के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान वाहन पलट गया और सभी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि अमजद खान नामक व्यक्ति ने तत्काल मदद करते हुए अपने वाहन से घायलों को कसडोल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में सहायता की। परिजनों के अनुसार अधिकांश घायल खतरे से बाहर हैं। घटना की जानकारी मिलते ही कसडोल थाना प्रभारी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों से जानकारी लेकर मामले की जांच में जुट गए हैं।
रफ्तार का कहर: धरमजयगढ़ में बस और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत, 15 यात्री घायल, 7 की हालत नाजुक
रफ्तार का कहर: धरमजयगढ़ में बस और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत, 15 यात्री घायल, 7 की हालत नाजुक धरमजयगढ़: बुधवार की सुबह का सफर यात्रियों के लिए उस वक्त खौफनाक मंजर में तब्दील हो गया, जब तेजपुर के समीप एक तेज रफ्तार यात्री बस सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और भीतर बैठे यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। सफर बना हादसा नारायणपुर से रायगढ़ जा रही द्विवेदी ट्रेवल्स की बस जैसे ही रैरूमाखुर्द चौकी क्षेत्र के तेजपुर पहुंची, विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। दोनों भारी वाहनों की टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। टक्कर के तुरंत बाद बस के अगले हिस्से में फंसे यात्री जान बचाने की गुहार लगाने लगे और मुख्य मार्ग पर दोनों ओर गाड़ियों के पहिए थम गए। राहत कार्य और घायलों की स्थिति हादसे की सूचना पर रैरूमा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ फौरन पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त बस से घायलों को बाहर निकाला। * कुल घायल: 15 यात्री * गंभीर रूप से घायल (7): नाजुक स्थिति को देखते हुए पत्थलगांव सिविल अस्पताल रेफर। * सामान्य घायल (8): धरमजयगढ़ अस्पताल में भर्ती, जहां उपचार जारी है। * पहचान: अमित एक्का (20), माधुरी दास (16), सरस्वती दास (35), सुकान्ति वैष्णव (35), मंजीता टोप्पो (30), अरविन्द दास (20), सुचिता एक्का (35), विजय एक्का (42), अमित जेरी टोप्पो (42), अयोध्या विश्वकर्मा (48), अमर साय राम (64), दयामनी देवी (55) और सुरेन्द्र यादव (55) समेत अन्य। मामूली रूप से चोटिल कुछ यात्री प्राथमिक उपचार लेकर अपने गंतव्य की ओर निकल गए। लापरवाही पर जांच शुरू शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और अनियंत्रित ड्राइविंग मानी जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर वाहनों को मार्ग से हटवाया और यातायात बहाल कराया। वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस दोनों वाहनों की गति और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
धमतरी में स्कूली बस में लगी अचानक आग, 28 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
धमतरी में स्कूली बस में लगी अचानक आग, 28 लोगों को सुरक्षित निकाला गया धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को एक स्कूली बस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। बस में 25 बच्चे, एक शिक्षक, चालक और हेल्पर समेत कुल 28 लोग सवार थे। राहत की बात रही कि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। जानकारी के अनुसार, घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम सेहराडबरी के पास हुई। बताया जा रहा है कि स्कूल बस बच्चों को लेकर जा रही थी, तभी अचानक बस से धुआं निकलने लगा। धुआं दिखाई देने के बाद बस में सवार बच्चों और शिक्षक के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थिति को भांपते हुए चालक ने तत्काल बस रोक दी। इसके बाद बच्चों और शिक्षक समेत सभी 28 लोगों को बस से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ ही देर में बस में आग फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और 112 की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। आग पूरी तरह बुझा दी गई। घटना में किसी बच्चे या शिक्षक को चोट नहीं आई। बताया जा रहा है कि यह बस विद्या कुंज स्कूल की है। हादसे के बाद सभी बच्चों और शिक्षक को दूसरी बस की मदद से स्कूल पहुंचाया गया। सभी बच्चे और शिक्षक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ hamarpradeshcg.com
🚨 भीषण सड़क हादसा: ट्रक और क्रेटा कार की जोरदार भिड़ंत, एक युवक की मौत, तीन घायल
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार रायपुर। राजधानी रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रायपुर-बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पर ट्रक और क्रेटा कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। हादसे में एक की मौत, तीन घायल जानकारी के मुताबिक, हादसे में शिवम साहू की मौत हो गई। वहीं ओमप्रकाश साहू, संजय साहू और रामेश्वर केंवट घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायलों को अस्पताल भेजा गया घटना की सूचना मिलते ही खरोरा पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल रायपुर-बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। हादसे में एक युवक की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।