सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘जल जन कलश यात्रा’ का दुर्ग में आत्मीय स्वागत
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमाà...
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जगदलपुर :लगातार बारिश से बस्तर में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसी बीच पूर्व विधायक रेखचंद जैन मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे।
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ जगदलपुर :लगातार बारिश से बस्तर में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसी बीच पूर्व विधायक रेखचंद जैन मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने बोड़ना, भेजापदर और रामपाल गांव जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनी और नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को राहत सामग्री भी बांटी। रेखचंद जैन ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में कांग्रेस प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिन परिवारों के घर और फसल बर्बाद हुए हैं, उन्हें जल्द आवास योजना से घर दिया जाए, उनका कर्ज माफ किया जाए और फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। दौरे में उनके साथ हेमू उपाध्याय, सुरेंद्र झा, गौरनाथ नाग सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मडेली में पोल्ट्री फार्म की दुर्गंध से ग्रामीण परेशान, प्रशासन से निरीक्षण और व्यवस्था सुधार की मांग
मडेली में पोल्ट्री फार्म की दुर्गंध से ग्रामीण परेशान, प्रशासन से निरीक्षण और व्यवस्था सुधार की मांग छुरा/गरियाबंद। गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मडेली में पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली तेज दुर्गंध को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों के अनुसार जमई फुलझर रोड पर पेट्रोल पंप के समीप संचालित सुमन पोल्ट्री फार्म से आने वाली दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान मुख्य मार्ग और पेट्रोल पंप के नजदीक होने के कारण यहां दिनभर बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में पोल्ट्री फार्म से आने वाली दुर्गंध लोगों के लिए असुविधा का कारण बन रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है। व्यवस्था सुधारने की अपील ग्रामीणों ने प्रशासन और पोल्ट्री फार्म प्रबंधन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक व्यवस्था सुधारने की अपील की है। उनका कहना है कि फार्म में साफ-सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन और दुर्गंध नियंत्रण के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आसपास रहने वाले लोगों तथा राहगीरों को राहत मिल सके। प्रशासनिक निरीक्षण की मांग ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभाग से स्थल का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निरीक्षण के माध्यम से वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और आवश्यक होने पर नियमानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण की दृष्टि से समस्या का सकारात्मक समाधान कराना है। रिपोर्टर: संतन दास मानिकपुरी, स्टेट रिपोर्टर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ — hamarpradeshcg.com
आज बिलासपुर के होटल नटराज में cry एन जी ओ के द्वारा सेमिनार आवार्ड कार्यक्रम रखा गया था,
हमर प्रदेश छत्तीसगढ न्यूज रिपोर्टर संजय कुमार शुक्ला घुटकू बिलासपुर छत्तीसगढ मुख्य अतिथि cry एन जी ओ के डायरेक्टर सतीश जी, संतोषी वर्मा जी, एजुकेशन प्रोग्राम डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज संजय कुमार शुक्ला घुटकू बिलासपुर से और अन्य समाज सेवा सदस्य उपस्थित थे l आज इस कार्यक्रम में एन जी ओ के डायरेक्टर द्वारा निःशुल्क शिक्षा गरीब से गरीब परिवार के बच्चों शिक्षा के अधिकार प्राप्त हो, साथ ही निशुल्क स्वास्थ परीक्षण शिविर से सेवा गरीब बच्चों को प्राप्त हो इसके तहत शिक्षा और स्वास्थ्य पर बहुत सारी जानकारी दिया गया l इस कार्यक्रम के दौरान सभी कार्यकर्ता को सम्मानित भी किया गया है l जिसमें सबसे सर्वोच्च सम्मान एजुकेशन प्रोग्राम डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज संजय कुमार शुक्ला घुटकू बिलासपुर को सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया है l क्योंकि इनके अच्छे कार्यों के कारण आज बिलासपुर शहर के विभिन्न इलाकों के जैसे चुचूहिया पारा, नवापारा, अमेरी, घुरू, झोपड़पारा, ऐसे ही अनेक इलाकों के झोपड़ी पट्टी के गरीब परिवार के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्राप्त हुआ l
रायपुर में 7 और 8 अक्टूबर को राज्य स्तरीय मेगा रोजगार मेला
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ रायपुर में 7 और 8 अक्टूबर को राज्य स्तरीय मेगा रोजगार मेला 8,700 से अधिक पदों पर भर्ती, मुख्यमंत्री कांस्टेबल ऑफर लेटर देंगे जगदलपुर, 29 सितंबर 2026 छत्तीसगढ़ के शिक्षित और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में करियर संवारने का एक बड़ा अवसर है। रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंदौर स्टेडियम में आगामी 7 और 8 अक्टूबर को दो दिवसीय राज्य स्तरीय वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन के दूसरे दिन, यानी 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है, जहां वे रहने वालों को सीधे नियुक्ति पत्र (ऑफर लेटर) वितरित करेंगे। इस राज्य स्तरीय मेले के माध्यम से अब तक 36 अग्रणी औद्योगिक अनुकूल और मुद्रण पदार्थों से कुल 8,720 रिक्तियां कार्यान्वितई जा चुकी हैं। मेले में भाग लेने वाले प्रमुख इंजीनियरों में क्वेस कॉर्प, रैंडस्टैड इंडिया, वर्धमान टेक्सटाइल्स, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्सदृसतलुज टेक्सटाइल्स, बढ़ाना पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरटेल पेमेंट्स बैंक, इंस्टाकार्ट, नीआईटी, आईसेक्ट, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंस, इंडिपेंडेंट माइक्रोफिन, शांता टेक्नो, रजत इक्विपमेंट्स और फर्स्ट फ्लाई कॉर्पोरेट जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन कंपनियों में 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग के साथ-साथ सामान्य स्नातक और कनेक्टिविटी योग्यताधारी युवाओं के लिए तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों में करियर के ढेरों अवसर उपलब्ध रहेंगे। इस राज्य स्तरीय वृहद रोजगार मेले में बस्तर जिले के अधिकतम युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस हेतु उन्होंने जिले के सभी प्रतिष्ठित उद्योगों और व्यापारिक घरों से सीधे संपर्क साधने का आह्वान किया है, ताकि वे बेहतर वेतनमान और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं वाले प्रयागराज पदों के साथ इस मेले में अपनी सहभागिता दर्ज कराएं। इसके साथ ही जिले के सभी लाभार्थियों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य कौशल प्रशिक्षण विद्यार्थियों के माध्यम से भरपूर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा योग्य अभ्यर्थी राज्य के ई-रोजगार पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीयन कराकर मेले में भाग ले सकेंगे। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही में आयोजित नामांकन कैंप या रोजगार मेलों के माध्यम से जीवित युवाओं को भी 8 अक्टूबर के मुख्य कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाए, जिससे उन्हें मंच पर मुख्यमंत्री के करकमलों से औपचारिक रूप से ऑफर बाद में सौंपे जा सकेंगे। प्रशासन का निर्देश है कि इन सुनियोजित प्रयासों से प्रदेश के हजारों युवाओं के रोजगार का सपना साकार होगा।
भव्य धुमाल के साथ महामाया चौक के राजा का हुआ विसर्जन
रिपोर्टर — आशीष यादव, रतनपुर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ भव्य धुमाल के साथ महामाया चौक के राजा का हुआ विसर्जन श्रद्धा और उत्साह के बीच निकली गणेश प्रतिमा की विसर्जन यात्रा, भक्तों ने लगाए जयकारे रतनपुर। नगर में गणेशोत्सव के समापन के अवसर पर महामाया चौक के राजा की भव्य विसर्जन यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। आकर्षक साज-सज्जा से सुसज्जित भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को लेकर श्रद्धालु उत्साह के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। विसर्जन यात्रा के दौरान भव्य धुमाल और धार्मिक जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। युवाओं और गणेश भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महामाया चौक में स्थापित गणेश प्रतिमा को पूरे गणेशोत्सव के दौरान आकर्षक ढंग से सजाया गया था। अंतिम दिन पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि और नगर की खुशहाली की कामना की। विसर्जन यात्रा में ढोल-धुमाल की गूंज, भक्ति गीत और गणपति बप्पा के जयकारों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भावुक होकर भगवान गणेश को विदाई दी और अगले वर्ष फिर से आने की प्रार्थना की।
बस्तर के कांदानार में दूर हुई वर्षों पुरानी समस्या
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश बीजी न्यूज़ बस्तर के कंदानार में दूर हुई सालों पुरानी समस्या मनरेगा और डीएमएफटी मद से गाँव में ही खुला राशन दुकान एथलीटों को 10 किलोमीटर की यात्रा से मुक्ति मिली जगदलपुर, 29 सितंबर 2026/ बस्तर जिले के वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्र विकासखंड दरभा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंदनार के पशुओं को अब हर महीने राशन के लिए मीलों दूर भटकने की मजबूरी से हमेशा के लिए ठेकेदार मिल गई है। गाँव में पक्का राशन दुकान भवन न होने के कारण पशुओं को पहले आवश्यक खाद्यान्न लेने के लिए लगभग 9 से 10 किलोमीटर की कठिन और लंबी दूरी पैदल या अन्य मौतों से तय करनी थी। इस पूरी प्रक्रिया में दिनभर का समय बीतने से जहाँ एक ओर दैनिक मजदूरों की दिहाड़ी मजदूरी छूट जाती थी और उन्हें आर्थिक क्षति उठानी थी, वहीं दूसरी ओर बोझ के मौतों पर अतिरिक्त धन का खर्च भी होता था। विशेष रूप से दुर्गम<extra_id_1> पर भारी राशन सामग्री बढ़ाने में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा दिव्यांगजनों को अत्यधिक कष्टदायी स्थिति का सामना करना पड़ता था। पशुओं की इस गंभीर और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान तलाशते हुए जिला प्रशासन ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना तथा जिला खनिज संस्थान न्यास के अभिसरण से गाँव में ही एक सर्वसुविधायुक्त पक्का भवन बनाने की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत कंडानार को कार्य एजेंसी बनाकर 10 लाख रुपए की स्वीकृत राशि तय की गई थी, जिसके तहत यह निर्माण कार्य निर्धारित बजट से भी कम यानी मात्र नौ लाख 70 हजार रुपए की लागत में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस संयुक्त प्रयास में डीएमएफटी मद से आवश्यक वित्तीय बजट, सामग्री एवं लाभार्थियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जबकि मनरेगा के माध्यम से गाँव के ही स्थानीय श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराकर निर्माण अवधि के दौरान उनकी आजीविका को संबल प्रदान किया गया। गाँव में ही उचित मूल्य की दुकान भवन स्थापित हो जाने से एथलीटों के जीवन में व्यापक और सकारात्मक बदलाव आया है। अब एथलीटों को खाद्यान्न के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती और गाँव में ही सुलभता से राशन प्राप्त हो रहा है। इससे मजदूरों का खर्च समाप्त हो गया है और समय की बचत होने से ग्रामीण बिना किसी प्रावधानों के अपने नियमित कृषि व मजदूरी कार्य कर पा रहे हैं। साथ ही नवनिर्मित भवन में आमदनी और अपेक्षित व्यवस्था होने से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं व दिव्यांगों के लिए राशन प्राप्ति बेहद आसान और सुरक्षित हो गई है। इसके अलावा, पक्के भवन के निर्माण से चावल, शक्कर और नमक जैसी राशन बेचने का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित हुआ है, जिससे खाद्यान्न खराब होने की चिंता भी पूरी तरह समाप्त हो गई है। मनरेगा और डीएमएफटी का यह सफल अभिसरण न केवल वनांचल क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को खोलने में मील का पत्थर साबित हुआ है, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास का भी एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर बिखर गया है।
बीएसपी में CBI जांच: रूस के सहयोग से बना छत्तीसगढ़ का गौरव, संगठित स्क्रैप चोरी ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार भिलाई। भारत और पूर्व सोवियत संघ की मैत्री के प्रतीक भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में सामने आए संगठित स्क्रैप चोरी के मामले ने देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में करीब 250 टन संदिग्ध चोरी का स्क्रैप बरामद किया गया था, जिसकी कार्रवाई के दौरान लगभग ₹3.22 करोड़ मूल्य के स्क्रैप, वाहन और मशीनरी जब्त की गई थी। अब राज्य सरकार ने मामले की CBI जांच को मंजूरी दे दी है। पुलिस की जांच के अनुसार, फ्लू डस्ट/राख के परिवहन की आड़ में बीएसपी से लोहे का स्क्रैप बाहर निकालकर निजी इकाइयों तक पहुंचाने का आरोप सामने आया। मई 2026 में अकलोरडीह और हथखोज क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य सामग्री बरामद की गई थी। मामले में पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इनमें बीएसपी के अधिकारी-कर्मचारी तथा निजी क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल बताए गए हैं। सितंबर में रसमड़ा स्थित एक निजी स्टील कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और डायरेक्टर की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई थी। कैसे सामने आया मामला? 26 मई 2026 को पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के आधार पर अकलोरडीह और हथखोज क्षेत्र में कार्रवाई की। जांच के दौरान ऐसे वाहनों और गोदामों का पता चला, जिनमें लोहे के स्क्रैप को फ्लू डस्ट के नीचे छिपाकर ले जाने की बात सामने आई। पुलिस ने लगभग 250 टन स्क्रैप के साथ कई भारी वाहन और मशीनरी जब्त की। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने कथित नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया। पूरे मामले में अंदरूनी मिलीभगत और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की भी जांच की गई। CBI जांच से क्या सामने आ सकता है? अब CBI जांच के जरिए कथित चोरी के पूरे नेटवर्क, संयंत्र से सामग्री बाहर निकालने की प्रक्रिया, परिवहन व्यवस्था, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और संभावित वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल हो सकती है। राज्य सरकार की CBI जांच की मंजूरी के बाद मामले की जांच का दायरा और विस्तृत होने की संभावना है। राष्ट्र निर्माण में भिलाई स्टील प्लांट की ऐतिहासिक भूमिका भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना भारत और तत्कालीन सोवियत संघ के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद हुई थी। 2 फरवरी 1955 को दोनों देशों के बीच 10 लाख टन प्रारंभिक क्षमता वाले एकीकृत लौह एवं इस्पात कारखाने की स्थापना के लिए समझौता हुआ था। 4 फरवरी 1959 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्रथम धमन भट्टी प्रज्वलित कर संयंत्र का उद्घाटन किया था। समय के साथ भिलाई स्टील प्लांट का विस्तार और आधुनिकीकरण हुआ और यह देश के महत्वपूर्ण इस्पात उत्पादक संयंत्रों में शामिल हो गया। रेलवे की पटरियों से लेकर विभिन्न औद्योगिक और रणनीतिक उपयोग के लिए इस्पात उत्पादन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब सुरक्षा व्यवस्था पर निगाह भिलाई स्टील प्लांट जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठान में बड़ी मात्रा में स्क्रैप के कथित रूप से बाहर निकलने के मामले ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। जांच एजेंसियों की पड़ताल से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि चोरी का नेटवर्क किस स्तर तक फैला था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। CBI जांच के बाद इस पूरे मामले में सामने आने वाले तथ्यों पर अब भिलाई ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की नजर बनी हुई है।नोट: SAIL के आधिकारिक विवरण में 1955 का भारत-सोवियत समझौता और 1959 में प्रथम धमन भट्टी के उद्घाटन की पुष्टि होती है।
बस्तर के कांदानार में दूर हुई वर्षों पुरानी समस्या
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ बस्तर के कांदानार में दूर हुई वर्षों पुरानी समस्या मनरेगा और डीएमएफटी मद से गाँव में ही खुला राशन दुकान ग्रामीणों को 10 किलोमीटर की थकाऊ यात्रा से मिली मुक्ति जगदलपुर, 29 सितंबर 2026/ बस्तर जिले के वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्र विकासखंड दरभा अंतर्गत ग्राम पंचायत कांदानार के ग्रामीणों को अब हर महीने राशन के लिए मीलों दूर भटकने की मजबूरी से हमेशा के लिए निजात मिल गई है। गाँव में पक्का राशन दुकान भवन न होने के कारण ग्रामीणों को पहले आवश्यक खाद्यान्न लेने के लिए लगभग 9 से 10 किलोमीटर की कठिन और लंबी दूरी पैदल या अन्य साधनों से तय करनी पड़ती थी। इस पूरी प्रक्रिया में दिनभर का समय बीत जाने से जहाँ एक ओर दैनिक श्रमिकों की दिहाड़ी मजदूरी छूट जाती थी और उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ती थी, वहीं दूसरी ओर आवागमन के साधनों पर अतिरिक्त धन का व्यय भी होता था। विशेष रूप से दुर्गम रास्तों पर भारी राशन सामग्री उठाकर लाने में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा दिव्यांगजनों को अत्यधिक कष्टदायक स्थिति का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों की इस गंभीर और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान तलाशते हुए जिला प्रशासन ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना तथा जिला खनिज संस्थान न्यास के अभिसरण से गाँव में ही एक सर्वसुविधायुक्त पक्का भवन बनाने की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत कांदानार को कार्य एजेंसी बनाकर 10 लाख रुपए की स्वीकृत राशि तय की गई थी, जिसके तहत यह निर्माण कार्य निर्धारित बजट से भी कम यानी मात्र नौ लाख 70 हजार रुपए की लागत में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस संयुक्त प्रयास में डीएमएफटी मद से आवश्यक वित्तीय बजट, सामग्री एवं संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जबकि मनरेगा के माध्यम से गाँव के ही स्थानीय श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराकर निर्माण अवधि के दौरान उनकी आजीविका को संबल प्रदान किया गया। गाँव में ही उचित मूल्य दुकान भवन स्थापित हो जाने से ग्रामीणों के जीवन में व्यापक और सकारात्मक बदलाव आया है। अब ग्रामीणों को खाद्यान्न के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती और गाँव में ही सुलभता से राशन प्राप्त हो रहा है। इससे आवागमन का खर्च समाप्त हो गया है और समय की बचत होने से ग्रामीण बिना किसी रुकावट के अपने नियमित कृषि व मजदूरी कार्य कर पा रहे हैं। साथ ही नवनिर्मित भवन में रैंप और सुरक्षात्मक व्यवस्था होने से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं व दिव्यांगों के लिए राशन प्राप्ति बेहद आसान और सुरक्षित हो गई है। इसके अलावा, पक्के भवन के निर्माण से चावल, शक्कर और नमक जैसी राशन सामग्रियों का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित हुआ है, जिससे खाद्यान्न खराब होने की चिंता भी पूरी तरह समाप्त हो गई है। मनरेगा और डीएमएफटी का यह सफल अभिसरण न केवल वनांचल क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित हुआ है, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास का भी एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।
बस्तर की माटी से निकली नई उम्मीद
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ बस्तर की माटी से निकली नई उम्मीद किसान की बेटी मनीषा बनेगी डॉक्टर, नीट में पाई सफलता जगदलपुर, 29 सितंबर 2026/ दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सच्ची लगन हो तो सीमित संसाधन भी सपनों की राह में बाधा नहीं बन सकते। इसे सच कर दिखाया है बस्तर जिले के दरभा विकासखंड स्थित ग्राम छिंदावाड़ा-कावारास की होनहार बेटी मनीषा कश्यप ने। एक साधारण कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनीषा ने अपनी अथक मेहनत के बल पर नीट-2026 में शानदार सफलता अर्जित कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट पक्की कर ली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही मनीषा अपने गांव से डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाने वाली पहली छात्रा बन गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई है।किसान पिता चंदन सिंह कश्यप और माता गौरी कश्यप के मार्गदर्शन में पली-बढ़ी मनीषा ने अपनी इस मंजिल को पाने के लिए जगदलपुर स्थित ज्ञानगुड़ी कोचिंग सेंटर से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की गंभीर तैयारी शुरू की थी। कोचिंग के साथ-साथ उन्होंने लाला जगदलपुरी लाइब्रेरी में घंटों नियमित अध्ययन कर अपनी दिनचर्या को पूरी तरह पढ़ाई के प्रति समर्पित रखा। बिना किसी विचलन के की गई निरंतर तपस्या और समय के सटीक प्रबंधन का ही सुखद परिणाम रहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस कठिन परीक्षा में परचम लहराकर सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त किया।गांव की पहली भावी महिला चिकित्सक के रूप में मनीषा की यह सफलता दूरस्थ ग्रामीण अंचल के उन तमाम छात्र-छात्राओं के लिए एक सशक्त प्रेरणा बनकर उभरी है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े प्रतियोगी इम्तिहानों की तैयारी कर रहे हैं। बेटी के चयन की सूचना मिलते ही परिवार सहित पूरे छिंदावाड़ा-कावारास गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया, जहां परिजनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई देकर मनीषा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अब मनीषा का ध्येय एमबीबीएस की पढ़ाई निष्ठापूर्वक पूरी कर डॉक्टर बनना और बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में पहुंचकर जनसेवा को समर्पित होना है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी बड़े से बड़े मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
राजिम में पैरी नदी से मिले दो अज्ञात शव, इलाके में मची सनसनी
राजिम में पैरी नदी से मिले दो अज्ञात शव, इलाके में मची सनसनी राजिम। गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र में पैरी नदी से दो अज्ञात शव बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। दोनों शव नदी के अलग-अलग हिस्सों में एनीकट के पास फंसे मिले। घटना की जानकारी मिलते ही राजिम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पहला शव नवागांव एनीकट के पास नदी में फंसा हुआ मिला। वहीं दूसरा शव वार्ड क्रमांक 1 स्थित माणिकांचन क्षेत्र के समीप नदी के बहाव वाले हिस्से में नजर आया। स्थानीय लोगों की नजर शवों पर पड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। पुलिस ने दोनों शवों को नदी से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। बाढ़ के पानी में बहकर आने की आशंका प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि हाल ही में नदी में आए तेज बहाव और बाढ़ के कारण दोनों शव किसी दूसरे स्थान से बहकर राजिम क्षेत्र तक पहुंचे हो सकते हैं। हालांकि यह अभी केवल प्रारंभिक संभावना है। शवों की मौत का वास्तविक कारण और उनके नदी तक पहुंचने की परिस्थितियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी। मृतकों की पहचान के प्रयास तेज दोनों शवों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा आसपास के गांवों में लोगों से पूछताछ कर मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस शवों के कपड़ों, शरीर पर मौजूद संभावित पहचान चिन्हों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिनाख्त की दिशा में काम कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर आसपास के अन्य जिलों की पुलिस से भी जानकारी साझा की जाएगी। दो अज्ञात शव मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभालते हुए जांच प्रक्रिया पूरी की। फिलहाल दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जा चुके हैं। राजिम थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतकों की पहचान सामने आने के बाद ही घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकेंगे। रिपोर्ट: हमर प्रदेश CG न्यूज़ वेब पोर्टल: hamarpradeshcg.com
इंद्रावती के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, पीड़ित परिवारों ने मुआवजे की मांग की
✒️चंद्र शेखर पिददा ब्लाक रीपोर्टर बस्तर हमर प्रदेश सीजी न्यूज बस्तर। इंद्रावती नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे ग्रामों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आड़ावाल के आश्रित ग्राम नारायणपाल, भरनी और बड़े चकवा में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और प्रभावित परिवारों के सामने रहने तथा जरूरी सामान की व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत बड़े चकवा में करीब 150 लोगों के मकान ध्वस्त हुए हैं, जबकि नारायणपाल में लगभग 50 परिवारों के घर बाढ़ की चपेट में आने से उजड़ गए हैं। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की सहायता के लिए जनपद पंचायत सदस्य श्री हेमराज बघेल जी एवं बड़े चकवा के उपसरपंच श्री पूरन कश्यप जी द्वारा राहत शिविर की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, आवश्यक उपयोगी सामग्री एवं अन्य राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज किया जाए तथा जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका शीघ्र सर्वे कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। 📸 बाढ़ से प्रभावित मकानों और गांवों की स्थिति तस्वीरों में साफ दिखाई दे रही है।
आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए स्कूली बच्चे छिंदबहार स्कूल के छात्रों और शिक्षकों ने कलेक्टर को सौंपी राहत राशि
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए स्कूली बच्चे छिंदबहार स्कूल के छात्रों और शिक्षकों ने कलेक्टर को सौंपी राहत राशि जगदलपुर, 29 सितंबर 2026/ बस्तर संभाग में हाल ही में आई सदी की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदा के बीच मानवीय संवेदना और सामाजिक एकजुटता की एक प्रेरक मिसाल सामने आई है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव के कारण 23 से 26 सितम्बर के दौरान पूरे अंचल में लगातार मूसलाधार बारिश हुई थी। इस भीषण वर्षा के चलते पड़ोसी राज्य ओड़िशा स्थित खातीगुड़ा और मुरान बांध के गेट खोलने पड़े, जिससे नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया और बस्तर में आई भीषण बाढ़ ने पिछले 50 वर्षों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इस जलप्रलय से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और निचले इलाकों में भारी तबाही मची है।आपदा की इस विषम परिस्थिति में प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए दरभा विकास खंड के ग्राम छिंदबहार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है। स्कूल के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट स्थित प्रेरणा कक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान पहुंचकर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा से मुलाकात की और बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपनी ओर से 5,001 रुपये की आर्थिक सहायता राशि सौंपी। इस संकट की घड़ी में एक ग्रामीण सरकारी स्कूल के बच्चों और शिक्षकों द्वारा की गई इस आत्मीय पहल की कलेक्टर ने भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।